पीएम रिपोर्ट में खुलासा-दोनों कार सवारों को पीछे से लगी गोली, सवालों के घेरे में एसटीएफ की कार्रवाई
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एसटीएफ द्वारा बचाव में कार सवारों पर की गई फायरिंग के मामले में जोबनप्रीत सिंह के शव के पोस्टमार्टम के बाद नया मोड़ आया है। एसटीएफ ने एफआईआर में दर्ज करवाए बयान में कहा है कि दोनों युवक कार भगाने की कोशिश कर रहे थे। तभी इन्होंने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास तो सिपाही अमरजीत राम की सरकारी एके-47 से ब्रस्ट चल गया।
पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मरने वाले युवक जोबनप्रीत सिंह के एक गोली रीढ़ की हड्डी के नीचे और दूसरी गोली बैक से पेट में पीछे घुसते हुए आगे छाती के पास आकर रुक गई। टेक्निकली अगर देखा जाए तो साफ है कि गोली पीछे से लगी है। गोली अचानक चली, या मर्जी से चलाई गई लेकिन गोली कार सवारों पर ही चली।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार पिछली सीट से गुजरते हुए एक गोली कार चालक युवक गुरचेत सिंह को भी लगी, जोकि उसकी किडनी को चीर गई। जबकि एसटीएफ की शिकायत में बताया है कि तस्करों ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, इसी दौरान एके-47 ब्रस्क होने से गोली चली। अगर गाड़ी चढ़ाने वक्त गोली चली होती तो यह फायर सामने से लगते।
वहीं इस वाकये के बाद से जोबनप्रीत के परिवार और उसके गांव में चर्चा है कि पुलिस ने जानबूझकर जोबनप्रीत और गुरचेत का एनकाउंटर करने की मंशा से फायरिंग की थी। इस संबंध में पक्ष जानने के लिए जब थाना मेहना के प्रभारी समेत आला पुलिस अधिकारियों से बातचीत करनी चाही तो उन्होंने खुद को व्यस्त बताते हुए फोन काटकर पल्ला झाड़ दिया।
जोबनप्रीत के परिवार को टरका रहे अधिकारी
पोस्टमार्टम होने से पहले तक जिला पुलिस के आला अधिकारी व एसडीएम धर्मकोट नरिंदर सिंह धालीवाल जोबनप्रीत के पिता व ग्रामीणों को भरोसा दे रहे थे कि मामले में जांच की जा रही है। पुलिस कह रही थी कि अज्ञात लोगों के खिलाफ उनके बेटे की हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। मगर न तो कोई केस दर्ज हुआ और न ही इस मामले में परिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत एफआईआर की कापी दी गई।
शनिवार के दिन जब अमर उजाला ने जोबनप्रीत के गांव के सरपंच व उनके गांववासियों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि पूरे माजरे के बाद यह साफ है कि जोबनप्रीत व गुरचेत का एसटीएफ ने एनकाउंटर किया है। वहीं परिवार समेत गांववासियों में इस बात को लेकर एसटीएफ के प्रति निराशा है कि जोबनप्रीत व गुरचेत इतने बड़े अपराधी या नामी गैंगस्टर नही थे कि पुलिस ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके मार दे।
बड़ी खेप के बजाय 48 ग्राम हेरोइन मिली एसटीएफ को
एसटीएफ मोहाली टीम को सूचना थी कि जोबनप्रीत व गुरचेत नशे की बड़ी खेप लेकर मोगा में सप्लाई देने के लिए आ रहें है। घटनाक्रम के बाद जब पुलिस ने उनकी कार की तलाशी ली गई तो 48 ग्राम हेरोइन व 315 बोर के तीन कारतूस बरामद हुए। जबकि कयास लगाए जा रहे थे कि भारी मात्रा में युवक हेरोइन की खेप ले जा रहे हैं।
मुखबिर की यह भी सूचना थी कि दोनों युवकों के पास अवैध असलाह भी हैं। कार से सामान बरामद होने के बाद भी शुक्रवार और शनिवार को एसटीएफ मोहाली व जिला पुलिस संयुक्त रूप से उस रास्ते को खंगालती रही, जहां से गुरचेत गाड़ी भगाकर कोटइसे खां गया था, ताकि पुलिस को हेरोइन या फिर अन्य नशे का कोई पैकेट बरामद हो जाए।