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शहरवासियों को एक और झटका, अब कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग भी हुई महंगी

Fri, 29 Jun 2018 11:56 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 29 Jun 2018 11:56 PM IST
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Many important decisions for the municipal corporation of chandigarh
सांकेतिक तस्वीर
एसी और नान एसी कम्युनिटी सेंटर में अब शादी-विवाह व अन्य कार्यक्रम करना महंगा हो गया है। नगर निगम ने शुक्रवार को नान एसी कम्युनिटी सेंटर का रेट 5000 से बढ़ाकर 7500 रुपये कर दिया है जबकि एसी कम्युनिटी सेंटर का बुकिंग रेट 10 से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दिया है जबकि सेक्टर-47 के कम्युनिटी सेंटर के हाल बुकिंग का रेट छह से बढ़ाकर नौ हजार कर दिया गया है और यहां के छोटे हाल का बुकिंग रेट 3 से बढ़ाकर 5 हजार कर दिया है।
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जबकि जो कम्युनिटी सेंटर की मैंबरशिप एक से बढ़ाकर 5 हजार करने का प्रस्ताव था उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मेंबरशिप फीस एक हजार रुपये ही रहेगी जबकि सीनियर सिटीजन की मेंबरशिप फीस 500 रुपये ही रहेगी। मेयर ने कहा कि सभी कम्युनिटी सेंटरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। ऐसे में जो कम्युनिटी सेंटरों में चोरी होती है उस पर लगाम लगेगी।
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अब घरों के लिए भी फायर एनओसी जरूरी
चंडीगढ़। अब रिहायशी घरों को भी फायर विभाग से एनओसी लेनी होगी। रिहायशी घरों के साथ साथ नगर निगम के सदन ने शुक्रवार को नेशनल बिल्डिंग कोड आफ इंडिया के तहत संस्थान, असेंबली, दुकानें, औद्योगिक संस्थान, गोदाम, भवनों और खतरनाक संस्थाओं के लिए फायर विभाग से एनओसी लेना जरूरी कर दिया है। प्रस्ताव के अनुसार यह फैसला शहर की सभी पुरानी और नई इमारतों पर लागू होगा। मालूम हो कि इससे पहले घरों को एनओसी लेनी की जरूरत नहीं होती थी।
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नगर निगम ने पिछले साल एनओसी का शुल्क भी लगाने का निर्णय लिया था अभी शुल्क पर प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी है। अधिकारियों के अनुसार प्रशासन द्वारा शुल्क की मंजूरी मिलने पर हर किसी के लिए फायर एनओसी लेना जरूरी कर दिया जाएगा। 

सेक्टर-28 के ढाबे का मामला उठा
भाजपा पार्षद अरुण सूद ने सेक्टर-28 के एक मशहूर ढाबे का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि यहां पर दुकान के बाहर एक बड़ा शेड बना दिया गया है जहां पर मुर्गे भूने जाते हैं बावजूद इसके अतिक्रमण हटाओ दस्ता कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। अरुण सूद ने कहा कि इस समय रात को ही ढाबा वालों को मासिक शुल्क कुर्सियां और टेबल लगाने की मंजूरी है लेकिन इसके बावजूद शहर में ऐसे सैकड़ों ढाबे है, जिन्होंने मंजूरी नहीं ली हुई है।


निर्माण सामग्री रखने का शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव टला
कामर्शियल और रिहायशी इलाकों में इमारत के निर्माण पर सरकारी जमीन पर निर्माण सामग्री रखने पर शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव एक माह के लिए टल गया है। सदन ने यह निर्णय लिया गया कि यह प्रस्ताव एरिया वाइज सभी सेक्टरों में अलग अलग इमारत के साइज के हिसाब से आना चाहिए।
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