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Haryana Political Crisis: मनोहर लाल का करनाल विधायक पद से इस्तीफा, विधानसभा में किया एलान
Wed, 13 Mar 2024 03:59 PM IST
विजय पुंडीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 13 Mar 2024 03:59 PM IST
सार
मनोहर लाल ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने के लिए कहा है। हाईकमान जो भी दायित्व देगा, सहर्ष स्वीकार है। हमने व्यवस्था परिवर्तन का काम किया है। हमने जनता के हितों के लिए काम किया।
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हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल।
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले मनोहर लाल ने हरियाणा की करनाल विधानसभा सीट से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने इसका एलान सदन में किया। इससे पहले मंगलवार को लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने हरियाणा में चौंकाने वाला फैसला लिया। जननायक जनता पार्टी (जजपा) से गठबंधन तोड़ते हुए मनोहर लाल की जगह प्रदेश अध्यक्ष नायब सिंह सैनी को नया मुख्यमंत्री बनाया।
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कुरुक्षेत्र से सांसद और ओबीसी समुदाय के चेहरे सैनी को मंगलवार शाम को हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। नायब सिंह सैनी के साथ पांच मंत्रियों कंवरपाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, रणजीत सिंह चौटाला, जेपी दलाल और डॉ. बनवारी लाल ने भी शपथ ली। पांचों मनोहर सरकार में भी मंत्री थे। फिलहाल कोई नया चेहरा शामिल नहीं किया गया।
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हाईकमान जो भी दायित्व देगा, सहर्ष स्वीकार है: मनोहर लाल
मनोहर लाल ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें नई जिम्मेदारी देने के लिए कहा है। हाईकमान जो भी दायित्व देगा, सहर्ष स्वीकार है। हमने व्यवस्था परिवर्तन का काम किया है। हमने जनता के हितों के लिए काम किया। प्रदेश में नए बदलाव से मैं खुश हूं। जल्द ही प्रदेश को नया अध्यक्ष भी मिलेगा।
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एक साल पहले से कवायद चल रही थी
जजपा से गठबंधन तोड़ने की कवायद पिछले एक साल से चल रही थी। दरअसल इस सरकार के कार्यकाल में ही शराब और रजिस्ट्री घोटाला सामने आया। इसको लेकर विधानसभा में भी कई बार हंगामा हुआ। दोनों महत्वपूर्ण विभाग दुष्यंत चौटाला के पास थे। विपक्ष आरोप लगाता था, मगर भाजपा चुप्पी साध लेती थी। यहां तक कि इन घोटालों की रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। पार्टी के कई विधायक भी पार्टी नेतृत्व के सामने जजपा के साथ गठबंधन रखने पर नाराजगी जता चुके थे। वहीं, पार्टी प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने भी कई मौकों पर इस बात के संकेत दे दिए थे कि भाजपा राज्य में अकेले ही चुनाव लड़ेगी और किसी के साथ गठबंधन में नहीं रहेगी।