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मणिशंकर अय्यर बोले-राजनयिक बिजनेसमैन न बनें, व्यापार को बढ़ावा दें
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 15 Oct 2016 01:08 AM IST
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर
- फोटो : अमर उजाला
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राजनयिकों को बिजनेसमैन बनने की जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना चाहिए। यह बात इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में आयोजित यंग थिंकर्स कांफ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर ने कहीं।
वह हमारे आर्थिक विचार हमारी विदेश नीति विषय पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का हमारी विदेश नीति से गहरा रिश्ता है। यह विदेश नीति में ड्राइवर की भूमिका निभाती है। लेकिन इसका मतलब यह कभी नहीं है कि इससे विदेश नीति में मजबूती आती है। बल्कि इसके लिए कई अन्य चीजों का होना भी जरूरी है।
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वह हमारे आर्थिक विचार हमारी विदेश नीति विषय पर बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था का हमारी विदेश नीति से गहरा रिश्ता है। यह विदेश नीति में ड्राइवर की भूमिका निभाती है। लेकिन इसका मतलब यह कभी नहीं है कि इससे विदेश नीति में मजबूती आती है। बल्कि इसके लिए कई अन्य चीजों का होना भी जरूरी है।
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यंग थिंकर्स में पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर
यंग थिंकर्स में पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि अब समय बदल रहा है। टेक्नोलॉजी बदल रही है। ऐेसे राजनयिकों और नेताओं को भी अपनी भूमिका में बदलाव लाना होगा। जबकि एंबेसडर परमजीत शाही ने कहा कि जब दो देशों के बीच संबंधों की बात आती है तो राजनयिकों को फैसिलिटेटर की भूमिका निभानी चाहिए।
इससे पहले कांफ्रेंस के दूसरे दिन की शुरुआत ‘इंडिया-यूके नए अवसर’ विषय पर हुई। इसमें कई नामी हस्तियों ने अपनी राय रखी। इसमें पॉलिसी एंड कम्युनिकेशन यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल की प्रमुख दिव्या द्विवेदी समेत कई लोग शामिल थे।
यह कांफ्रेंस द ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन व इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के सहयोग से आयोजित की गई। यह पहला मौका है जब कांफ्रेंस ट्राइसिटी में संपन्न हुई। वहीं, इस मौके पर ब्रिटिश हाई कमीशन डेविड ने कहा कि कांफ्रेंस काफी अच्छी रही। इसमें कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। वहीं, काफी कुछ नया जानने को मिला है।
इससे पहले कांफ्रेंस के दूसरे दिन की शुरुआत ‘इंडिया-यूके नए अवसर’ विषय पर हुई। इसमें कई नामी हस्तियों ने अपनी राय रखी। इसमें पॉलिसी एंड कम्युनिकेशन यूके इंडिया बिजनेस काउंसिल की प्रमुख दिव्या द्विवेदी समेत कई लोग शामिल थे।
यह कांफ्रेंस द ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन व इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के सहयोग से आयोजित की गई। यह पहला मौका है जब कांफ्रेंस ट्राइसिटी में संपन्न हुई। वहीं, इस मौके पर ब्रिटिश हाई कमीशन डेविड ने कहा कि कांफ्रेंस काफी अच्छी रही। इसमें कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। वहीं, काफी कुछ नया जानने को मिला है।