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'आतंकियों के विरोध में आए रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को जान का खतरा'
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 28 Apr 2016 03:41 PM IST
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मनिंदरजीत सिंह बिट्टा
- फोटो : फाइल फोटो
पंजाब के पूर्व एसएसपी सीताराम को आतंकी संगठन की धमकी के बाद वीरवार को ऑल इंडिया एंटी टेरिरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन एमएस बिट्टा सामने आए। उन्होंने गृहमंत्री से पंजाब के ऐसी सभी पुलिस अधिकारियों के जान का खतरा बताया जिन्होंने अपने कार्यकाल में आतंकी संगठन के खिलाफ काम किया है।
ऑल इंडिया एंटी टेरिरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मंजीत सिंह बिट्टा ने अमर उजाला से बातचीत में पूर्व एसएसपी को धमकी आना एक गंभीर मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को कार्यकाल के दौरान आतंकियों से सीधे टक्कर लेने वाले अधिकारियों और उनके परिवार की सुरक्षा पुख्ता की जाए। इसके साथ ऐसे रिटायर्ड जजों की भी सुरक्षा का इंतजाम किया जाए, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आतंकियों के खिलाफ फैसला सुनाया है। सरकार को ऐसे रिटायर्ड की सुरक्षा को लेकर गंभीर होना चाहिए।
इसके लिए उन्होंने वीरवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से लिखित तौर पर गुहार लगाई। एमएस बिट्टा जल्द ही इस मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। एमएस बिट्टा ने कहा कि वह पंजाब के पूर्व एसएसपी सीताराम को बचपन से जानते है। उन्होंने अपने कार्यकाल में आतंकियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया है। उनको आतंकियों की धमकी आना हल्के में नही लिया जा सकता है। इसके साथ उन्होंने सीताराम से बातचीत भी किया।
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चंडीगढ़ पुलिस में नही की शिकायत:
हैरानी की बात है कि पंजाब के पूर्व एसएसपी सीताराम ने अपने साथ हुए घटना की शिकायत चंडीगढ़ पुलिस में नही दी। जबकि, उसने बेटे भारद्वाज रतन का कहना है कि कॉल के बाद उनके पिता परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद घबराए हुए है। वह मामले की शिकायत चंडीगढ़ साइबर सेल और पंजाब डीजीपी को देंगे।
गौरतलब हो कि मंगलवार शाम उज्जैन गए पूर्व एसएसपी सीताराम को एक अज्ञात कॉल आई। कॉलर ने नाम पूछने के बाद कहा कि तुम्हारे चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित घर, परिवार और बच्चों के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है। पहले तुमको जान से मारने के बाद तुम्हारी पूरी फैमिली को खत्म कर दिया जाएगा।
प्रदीप रतन ने बताया कि उनके पिता ने इस दौरान कई बार पूछा कि आप कहां से बात कर रहे हैं। लेकिन उसने जवाब दिया कि याद करने की कोशिश करना तुमको सब याद आ जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलर पंजाबी में बोल रहा था। पूर्व एसएसपी सीताराम चंडीगढ़ में कार्यकाल के दौरान सेक्टर-37 सी कॉलोनी में छिपे आतंकी गुरिंदर सिंह को मारा था। उनको दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से संमानित किया गया है। सीताराम को ड्यूटी के दौरान गोली भी लगी थी।
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ऑल इंडिया एंटी टेरिरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मंजीत सिंह बिट्टा ने अमर उजाला से बातचीत में पूर्व एसएसपी को धमकी आना एक गंभीर मामला करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को कार्यकाल के दौरान आतंकियों से सीधे टक्कर लेने वाले अधिकारियों और उनके परिवार की सुरक्षा पुख्ता की जाए। इसके साथ ऐसे रिटायर्ड जजों की भी सुरक्षा का इंतजाम किया जाए, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आतंकियों के खिलाफ फैसला सुनाया है। सरकार को ऐसे रिटायर्ड की सुरक्षा को लेकर गंभीर होना चाहिए।
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इसके लिए उन्होंने वीरवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से लिखित तौर पर गुहार लगाई। एमएस बिट्टा जल्द ही इस मामले में गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। एमएस बिट्टा ने कहा कि वह पंजाब के पूर्व एसएसपी सीताराम को बचपन से जानते है। उन्होंने अपने कार्यकाल में आतंकियों के खिलाफ खुलकर मोर्चा लिया है। उनको आतंकियों की धमकी आना हल्के में नही लिया जा सकता है। इसके साथ उन्होंने सीताराम से बातचीत भी किया।
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चंडीगढ़ पुलिस में नही की शिकायत:
हैरानी की बात है कि पंजाब के पूर्व एसएसपी सीताराम ने अपने साथ हुए घटना की शिकायत चंडीगढ़ पुलिस में नही दी। जबकि, उसने बेटे भारद्वाज रतन का कहना है कि कॉल के बाद उनके पिता परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद घबराए हुए है। वह मामले की शिकायत चंडीगढ़ साइबर सेल और पंजाब डीजीपी को देंगे।
गौरतलब हो कि मंगलवार शाम उज्जैन गए पूर्व एसएसपी सीताराम को एक अज्ञात कॉल आई। कॉलर ने नाम पूछने के बाद कहा कि तुम्हारे चंडीगढ़ सेक्टर-37 स्थित घर, परिवार और बच्चों के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है। पहले तुमको जान से मारने के बाद तुम्हारी पूरी फैमिली को खत्म कर दिया जाएगा।
प्रदीप रतन ने बताया कि उनके पिता ने इस दौरान कई बार पूछा कि आप कहां से बात कर रहे हैं। लेकिन उसने जवाब दिया कि याद करने की कोशिश करना तुमको सब याद आ जाएगा। उन्होंने बताया कि कॉलर पंजाबी में बोल रहा था। पूर्व एसएसपी सीताराम चंडीगढ़ में कार्यकाल के दौरान सेक्टर-37 सी कॉलोनी में छिपे आतंकी गुरिंदर सिंह को मारा था। उनको दो बार राष्ट्रपति अवार्ड से संमानित किया गया है। सीताराम को ड्यूटी के दौरान गोली भी लगी थी।