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रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे को उम्रकैद: पंजाब की दो सगी बहनों का हत्यारा, चंडीगढ़ कोर्ट ने सुनाई सजा
Mon, 09 Feb 2026 03:32 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 09 Feb 2026 03:32 PM IST
सार
चंडीगढ़ में दो सगी बहनों की हत्या के दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी जीरकपुर निवासी कुलदीप सिंह है। कुलदीप सिंह के पिता चंडीगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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judge court हथोड़ा
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
चंडीगढ़ पुलिस के रिटायर्ड इंस्पेक्टर के बेटे को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। चंडीगढ़ जिला अदालत ने आरोपी को तीन दिन पहले दोषी करार दिया था। सोमवार को उसकी सजा पर फैसला सुनाया है। दोषी जीरकपुर निवासी कुलदीप सिंह है। कुलदीप सिंह ने चंडीगढ़ के सेक्टर-22 में सात वर्ष पहले स्वतंत्रता दिवस के दिन दो सगी बहनों की हत्या की थी। कुलदीप सिंह के पिता चंडीगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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अभियोजन के अनुसार फाजिल्का की रहने वाली मनप्रीत कौर और उसकी छोटी बहन राजवंत कौर सेक्टर-22 स्थित एक पीजी में रहती थीं। कुलदीप सिंह दोनों का परिचित था। जांच में सामने आया कि मनप्रीत और कुलदीप के बीच पहले दोस्ती थी लेकिन बाद में किसी बात को लेकर उनके संबंध बिगड़ गए थे और विवाद चल रहा था। 15 अगस्त 2019 की सुबह कुलदीप जबरन पीजी में घुस गया। इसी दौरान मनप्रीत से उसका विवाद बढ़ गया और आरोपी ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बहन को बचाने पहुंची राजवंत कौर पर भी आरोपी ने हमला कर दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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बहनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पीजी में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अहम सबूत बनी। फुटेज में आरोपी सुबह करीब 5 बजकर 9 मिनट पर इमारत में दाखिल होता और करीब 12 मिनट बाद बाहर निकलता दिखाई दिया। चंडीगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को अगले ही दिन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी मनप्रीत से विवाह करना चाहता था लेकिन रिश्तों में तनाव के चलते उसने यह खौफनाक कदम उठाया। अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया था।
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