{"_id":"0d50c9c3007d1b419ea53626bdee368d","slug":"malaria-malaria-site-at-chandigarh-health-department-chandigarh-malaria-wing-chandigarh-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चंडीगढ़ में मलेरिया पनपने की 400 साइट चिह्नित, होंगी बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चंडीगढ़ में मलेरिया पनपने की 400 साइट चिह्नित, होंगी बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 02 Feb 2016 11:25 AM IST
विज्ञापन
यदि सबकुछ योजना के आधार पर चलता रहा तो आने वाले समय में चंडीगढ़ में मलेरिया नाम मात्र का रह जाएगा। शहर से से मलेरिया को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई कदम उठाने का फैसला किया है।
विज्ञापन
इसके लिए नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी) की ओर से मच्छरों की परमानेंट ब्रीडिंग साइट को बंद करने का फैसला लिया गया है।
एनवीबीडीसीपी ने पूरे शहर में 400 से ज्यादा साइट को चिह्नित किया है। सबसे ज्यादा मच्छर यहीं पर पनपते हैं। इन साइटों को बंद करने के लिए एक से दो दिन में अभियान शुरू होने वाला है।
विज्ञापन
यहां पर सबसे ज्यादा ब्रीडिंग साइट
स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग डिपार्टमेंट में हाल ही में सर्वे के दौरान पाया कि शहर में 400 से ज्यादा परमानेंट ब्रीडिंग साइट हैं। इनमें मुख्य रूप से स्कूल, होटल, पीजीआई हास्टल और मुख्य गेट के पास साइट शामिल हैं।
विज्ञापन
डिपार्टमेंट ने सेक्टर वाइज एक लिस्ट तैयार की है। अब बारी-बारी से सभी सेक्टरों के परमानेंट ब्रीडिंग साइट को बंद किया जाएगा। पिछले साल मलेरिया के 150 से ज्यादा केस आए थे। प्रशासन का मानना है कि यदि परमानेंट ब्रीडिंग साइट को बंद कर दिया जाए तो काफी हद तक मलेरिया की रोकथाम हो जाएगी।
रक्तदाता, गर्भवती महिलाएं व प्रवासी नागरिकों की हो रही जांच
मलेरिया को कम करने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक और कदम उठाया है। इसके तहत रक्तदाता, गर्भवती महिलाएं और प्रवासी नागरिकों के खून की जांच चल रही है। इसका मकसद मलेरिया के कैरियर की पहचान करना है, ताकि उसे प्रसार से पहले रोका जा सके।
एंटी मलेरिया आफिसर एंड एपिडेमिक सुपरवाइजरी कमेटी के को-आर्डिनेटर डॉ. गौरव अग्रवाल ने बताया कि रक्तदाता और गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क में होती है। इसलिए पूरे चंडीगढ़ में इस वर्ग के लोगों की जांच चल रही है।
मलेरिया उन्मूलन प्रोग्राम होगा लांच
अगले हफ्ते दिल्ली में डब्ल्यूएचओ की ओर से मलेरिया उन्मूलन प्रोग्राम लांच किया जा रहा है। इसके तहत भारत के उन शहरों की घोषणा हो सकती है, जहां पर मलेरिया को खत्म करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसमें चंडीगढ़ भी शामिल हो सकता है।
पिछले पांच सालों से मलेरिया के केसों में गिरावट दर्ज की जा रही है। 2014 में 114 केस आए थे, जबकि साल 2013 में 132 केस। देश के ऐसे बहुत कम शहर हैं, जहां मलेरिया के केसों में गिरावट दर्ज की जा रही है।