फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Make Your Diwali Eco Friendly with Lamps of Cow Dung

इस बार दिवाली को ईको फ्रेंडली बनाएं, गोबर के दीये आंगन में जलाएं, घर में आएगी सकारात्मकता

Thu, 25 Oct 2018 03:55 PM IST
रूबी सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रूबी सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 25 Oct 2018 03:55 PM IST
विज्ञापन
Make Your Diwali Eco Friendly with Lamps of Cow Dung
गोबर के दीये
गोबर के दीये, सुनकर हैरानी हो रही हैं, लेकिन ये बन रहे हैं और ये खूबसूरत दीये इस बार आपकी दिवाली को ईको फ्रेंडली बनाने वाले हैं। जी हां, इसी मकसद से शहर की गौशाला गौरीशंकर सेवादल सेक्टर-45 के प्रबंधन एवं सेवकों की ओर से ये दीये बनाए जा रहे हैं। गौशाला प्रबंधकों का कहना है कि दिवाली पर शहर की हवा दूषित होती हैं, इसी से निजात के लिए गोबर के उपलों से दीये बनाए जा रहे हैं। गौशाला प्रबंधक रमेश शर्मा निक्कू ने बताया कि हमारे बुजुर्गों की ओर से पहले जमाने में यह प्रयास किया जाता था। गोबर के दीये जलाने से वातावरण भी दूषित नहीं होगा।
विज्ञापन


सकारात्मक ऊर्जा देंगे दीये
गौशाला प्रबंधक ने बताया कि इन दीयों को बनाने का मकसद लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करना है, क्योंकि ये दीये गोबर एवं हवन सामग्री के मिश्रण से बनाएं जा रहे हैं। हवन की सामग्री से जैसे सकारात्मक ऊर्जा आती है, वैसे ही इन दीयों को दिवाली पर जलाने से  आपके आंगन में सकारात्मक ऊर्जा आएगी।
विज्ञापन


दिवाली पर गिफ्ट देंगे दीये
सेवक सचिन ने बताया कि यह दीये दिवाली पर सेक्टर निवासी एवं अन्य लोगों को तोहफे में दिए जाएंगे, ताकि हर घर आंगन में मां लक्ष्मी का स्वागत इनसे हो। उन्होंने बताया कि गोबर के दीये वातावरण को दूषित नहीं करते हैं। इसलिए शहर के लोगों को दिवाली पर कैंडल या मिट्टी के दीयों की बजाय इनको जलाना चाहिए। गौशाला में इन दिनों अधिक से अधिक दीये बनाने में सेवक जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


हजारों दीये बनाने का है लक्ष्य  
गौशाला प्रबंधक रमेश ने बताया कि सेवकों की ओर से ज्यादा से ज्यादा दीये बनाए जा रहे हैं, ताकि ये लोगों मेें बांटे जा सकें। उन्होंने बताया कि दिवाली पर हजारों की संख्या में दीये बनाने का लक्ष्य है।   

सेक्टर-45 में सात साल पहले बनीं गौशाला
गौरी शंकर सेवादल सेक्टर-45 गौशाला सात साल पहले बनाई गई थी। यहां 900 गाय हैं। गौशाला में गाय की देखरेख प्रबंधन एवं सेवकों की ओर से की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed