पंजाब: कर्मचारियों ने आपसी रंजिश में मासूम को चढ़ा दिया एचआईवी संक्रमित खून
- मासूम के परिजन बोले- विभागीय जांच में हमारे नहीं लिए गए बयान
- परिजनों ने की दोषी कर्मचारियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
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पंजाब के बठिंडा के सिविल अस्पताल में तीन अक्तूबर को जो भी हुआ वह नहीं होना चाहिए था। अस्पताल के ब्लड बैंक कर्मियों की आपसी रंजिश के कारण सात साल के मासूम पर जान की बन आई है। मासूम के परिजनों का कहना है कि मामले की विभागीय जांच में हमारा कोई भी पक्ष नहीं रखा गया। उन्होंने दोषी ब्लड बैंक कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मुख्यमंत्री से मांग की है।
सिविल अस्पताल में सात वर्षीय बच्ची को एचआईवी पॉजिटिव ब्लड चढ़ाने के मामले में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि ब्लड बैंक कर्मियों ने आपसी रंजिश निकालने के लिए उनकी बेटी की बलि दे दी। बच्चीं के पिता ने कहा कि यह गलती नहीं जानबूझकर किया गया है, जिसके लिए आरोपियों पर साजिश के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज होना चाहिए।
पीड़ित बच्ची के पिता ने बताया कि उनकी बेटी जन्म से ही थेलीसीमिया बीमारी से से ग्रस्त है। मासूम का ब्लड ग्रुप ओ पॉजिटिव है। जिस कारण उन्हें हर माह अपनी बच्ची को ब्लड चढ़वाने के लिए ब्लड बैंक से रक्त लेने जाना पड़ता है। बताया कि इस बार तीन अक्तूबर को जब वह अपनी बच्ची के लिए ब्लड लेने बैंक में गए तो वहां पर तैनात लैब टेक्नीशियन बलदेव सिंह व अन्य दोषी कर्मचारियों ने रक्तदाता की बिना जांच किए ही ब्लड मासूम के चढ़ा दिया।
विभाग उठाए बच्ची के उपचार का खर्च
परिवार ने सरकार से मांग की है कि उनकी बच्ची के साथ जो भी हुआ है वह विभागीय लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। मासूम की जान के साथ ही परिवार मानसिक रूप से प्रताड़ना झेल रहा है। पीड़ित के पिता ने विभाग को अब बच्ची के इलाज का पूरा खर्च उठाने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस के पास स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया पत्र प्राप्त हो गया है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अभी परिवार की ओर से कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। भूपिंदर सिंह विर्क, एसएसपी, बठिंडा