पंजाब के लाखों कारोबारियों को बड़ा सरकारी तोहफा
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पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल ने स्थानीय निकाय चुनाव से पहले कारोबारियों को बड़ा तोहफा दिया है। प्रदेश में एक करोड़ से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को वैट एसेसमेंट से छूट मिलेगी। इससे 1.86 लाख व्यापारियों को फायदा होगा। वहीं, सरकार ने ई-ट्रिप सिस्टम भी बंद करने का फैसला किया है।
यह राहत स्कीम सभी शहरों और कस्बों में लागू की जाएगी। डिप्टी सीएम ने व्यापारियों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-258-2580 शुरू करने का भी ऐलान किया है। डिप्टी सीएम ने शुक्रवार को व्यापारियों के साथ मीटिंग के दौरान आयरन-स्टील, यार्न, खाद्य तेल, सरसों, कॉटन व पेपर बोर्ड इंडस्ट्री के लिए लागू ई-ट्रिप सिस्टम खत्म करने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांग थी कि ई-ट्रिप और एक्साइज टैक्सेशन विभाग का एसेसमेंट सिस्टम खत्म किया जाए। उद्योग-व्यापार के मामलों के हल के लिए बनाई छह सदस्यीय कमेटी के जरिए व्यापारियों के साथ मीटिंग की गई, जिसकेबाद टैक्स की दर साढ़े तीन प्रतिशत और सरचार्ज दस फीसदी निर्धारित कर ई-ट्रिप खत्म करने का फैसला किया गया।
80 फीसदी व्यापारियों को लाभ
नई टैक्स असेसमेंट नीति के तहत अब एक करोड़ से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को टैक्स असेसमेंट से छूट दी गई है। इससे राज्य के 1.86 लाख व्यापारियों को फायदा पहुंचेगा। कुल कारोबारियों में से 80 प्रतिशत एक करोड़ से कम टर्न ओवर वाले हैं। अब व्यापारियों को खास फायदा होगा, जिनका टैक्स असेसमेंट चार साल से बकाया है। इस फैसले से उन्हें बीते साल के असेसमेंट से भी छूट मिलेगी।
नहीं चलेगी ईटीओ की मनमानी
सुखबीर ने कहा कि ईटीओ अपनी मर्जी से किसी व्यापारी का केस नहीं ले सकेंगे। केस के चयन का तरीका सरकार निर्धारित करेगी, जिसे विभाग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इस बारे में व्यापारी हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत कर सकते हैं।
एकमुश्त वैट अदा कर सकेंगे
ई-रोलिंग मिल मालिक अब 50 पैसे प्रति यूनिट बिजली खपत के आधार पर एकमुश्त वैट अदा कर सकेंगे। पहले की खरीद पर दो फीसदी टैक्स लगेगा जबकि, पहले उन्हें ढाई प्रतिशत पेशगी टैक्स अदा करना पड़ता था।
तीन चरणों में जमा होगा क्रेडिट
लोहा व स्टील इंडस्ट्री दो के बजाय तीन चरणों में इनपुट टैक्स क्रेडिट जमा करा सकेगी। अभी तक दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में लागू राहत स्कीम को सारे पंजाब में लागू किया जाएगा। इसके तहत व्यापारियों को बही खाता, स्टॉक रजिस्टर, खरीद बिल, लेजर, बिल्टी बिल रखने की जरूरत नहीं होगी। बीमा सुविधा भी मिलेगी। अगले तीन साल तक टैक्स नहीं बढ़ेगा, उसके बाद पांच प्रतिशत बढ़ोतरी की जाएगी।