हरियाणाः भ्रष्टाचार की शिकायत पर महेंद्रगढ़ के परियोजना अधिकारी पर गिरी मनोहर सरकार की गाज
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हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले मनोहर लाल सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़े रुख में है। सीएम विंडो पर भ्रष्टाचार की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने नव एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग महेंद्रगढ़ के परियोजना अधिकारी संदीप यादव को सस्पेंड कर दिया है।
पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक एसके बागोरिया को नियम-7 के तहत चार्जशीट जारी होगी। ये निर्णय मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता की अध्यक्षता में यहां सीएम विंडो के नोडल अधिकारियों की बैठक में लिए गए।
बैठक में बिजली, गृह और परिवहन विभाग की शिकायत निपटारे के लिए प्रशंसा की गई। परियोजना अधिकारी संदीप यादव पर सोलर वाटर हीटर लगाने के लिए दी जानी वाली सब्सिडी गलत तरीके से इंस्टॉलर कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप था। जिसका संज्ञान डॉ. राकेश गुप्ता ने लिया है।
संयुक्त निदेशक एसके बागोरिया गलत दस्तावेज को सही ठहराने पर नपे हैं। एक कांट्रेक्टर ने जेसीबी मशीन किराए पर लेने के लिए अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर दिलवाने के लिए नकली दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। इन दस्तावेज को विभाग ने सही करार दे दिया था। इस शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बागोरिया के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
इन मामलों में भी की गई उचित कार्रवाई
. जिला गुरुग्राम, तहसील सोहना से अनाधिकृत रूप से वन विभाग की जमीन पर अवैध कब्जा छुड़वाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। वन विभाग ने बताया कि आगामी 3 दिन में इस जमीन से अवैध कब्जा छुड़वाकर पजेशन ले लिया जाएगा।
. सोनीपत के एक निजी बिल्डर पर पर्यावरण को प्रदूषित करने का आरोप है। इस पर संज्ञान लेते हुए बिल्डर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
. 226 करोड़ रुपये जीएसटी गबन के मामलों में जनवरी 2019 के दौरान 45 डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस राशि में से 43.36 करोड़ रुपये की रिकवरी कर ली गई है। जांच के दौरान पता चला है कि इन 45 डीलरों ने हरियाणा के 248 डीलरों के साथ 757 बार लेनदेन और अन्य राज्यों के 184 डीलरों के साथ 342 बार लेनदेन किए हैं। इन अंतरराज्यीय लेनदेन में शामिल जीएसटी लगभग 49.30 करोड़ रुपये की है, जिसमें से ऐसे डीलरों से 7 करोड़ रुपये रिकवर कर लिए गए हैं।
. फरीदाबाद के एक बिल्डर ने नकली दस्तावेज की सहायता से भवन निर्माण पूरा होने का सर्टिफिकेट प्राप्त कर लिया। शिकायत मिलने पर बिल्डर के खिलाफ एफआईआर की गई है।
. रिटायर्ड एचसीएस अधिकारी एसके सेतिया को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में दी गई सेवाओं के लिए 5 माह 17 दिन का वेतन नहीं मिला था। सीएम विंडो पर शिकायत के बाद उन्हें वेतन दिलवाया जा चुका है।