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महाशिवरात्रि आज : शिवालयों में गूंजेंगे हर-हर महादेव के जयकारे
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चंडीगढ़। महाशिवरात्रि की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंदिर कमेटियों ने अपने पदाधिकारियों और सेवादारों को कार्य निर्धारित कर जरूरी निर्देश दिए हैं ताकि भक्तों को परेशानी न हो। महाशिवरात्रि पर भक्तों के लिए सुबह ही भगवान के पट खोल दिए जाएंगे। मंदिर कमेटियों की ओर से शिव भक्तों के लिए दूध और फल का प्रसाद बांटा जाएगा। कोविड को ध्यान में रखते हुए सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा जाएगा। रात्रि के समय मंदिरों में चार पहर की पूजा होगी।
सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि पारदेश्वर भगवान की पूजा होगी। कई लोगों ने पूजा के लिए पहले से बुकिंग कराई है। भक्तों को दूध और फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा। सेक्टर-40 के प्राचीन शिव मंदिर के प्रधान अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि मंदिर में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। वहीं सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के उपाध्यक्ष संजय पुरी ने बताया कि मंदिर में शाम को भजनों की अमृतवर्षा होगी। भक्तों को दूध का प्रसाद बांटा जाएगा।
भगवान की इस प्रकार करें पूजा
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि महाशिवरात्रि के रोज सुबह जागकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत एवं पूजा का संकल्प लें। शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग की श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक पूजा करें। गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें। चंदन का तिलक लगाएं, बेलपत्र एवं पुष्प माला भगवान को अर्पित करें और भगवान को सुंदर पदार्थों एवं फलों का भोग लगाएं।
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महाशिवरात्रि के मुहूर्त
निशीथ काल : 11 मार्च मध्य रात्रि 12.25 मिनट से 1.12 मिनट तक।
शिवयोग : 11 मार्च सुबह 9.24 मिनट तक।
सिद्ध योग : 11 मार्च सुबह 9.25 मिनट से अगले दिन 8.25 मिनट तक।
धनिष्ठा नक्षत्र : रात 9.45 मिनट तक तदोपरांत शतभिषा नक्षत्र।
चार पहर की पूजा व व्रत का पारण
पहला पहर : 11 मार्च शाम 6.27 मिनट पर शुरू।
दूसरा पहर : रात 9.29 मिनट पर शुरू।
तीसरा पहर : रात 12.31 मिनट पर शुरू।
चौथा पहर : 12 मार्च, सुबह 3.32 मिनट से सुबह 6.34 मिनट तक रहेगा।
महाशिवरात्रि के व्रत का पारण : 12 मार्च को सुबह 6.36 मिनट से दोपहर 3.04 मिनट तक करें।
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सेक्टर-30 के श्री महाकाली मंदिर के प्रधान राकेश पाल मोदगिल ने बताया कि पारदेश्वर भगवान की पूजा होगी। कई लोगों ने पूजा के लिए पहले से बुकिंग कराई है। भक्तों को दूध और फल का प्रसाद वितरित किया जाएगा। सेक्टर-40 के प्राचीन शिव मंदिर के प्रधान अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि मंदिर में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। वहीं सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के उपाध्यक्ष संजय पुरी ने बताया कि मंदिर में शाम को भजनों की अमृतवर्षा होगी। भक्तों को दूध का प्रसाद बांटा जाएगा।
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भगवान की इस प्रकार करें पूजा
देवालय पूजक परिषद के कोषाध्यक्ष और सेक्टर-18 के श्रीराधा कृष्ण मंदिर के पुजारी डॉ. लाल बहादुर दुबे ने बताया कि महाशिवरात्रि के रोज सुबह जागकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत एवं पूजा का संकल्प लें। शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग की श्रद्धा एवं विश्वासपूर्वक पूजा करें। गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर आदि से शिवलिंग का अभिषेक करें। चंदन का तिलक लगाएं, बेलपत्र एवं पुष्प माला भगवान को अर्पित करें और भगवान को सुंदर पदार्थों एवं फलों का भोग लगाएं।
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महाशिवरात्रि के मुहूर्त
निशीथ काल : 11 मार्च मध्य रात्रि 12.25 मिनट से 1.12 मिनट तक।
शिवयोग : 11 मार्च सुबह 9.24 मिनट तक।
सिद्ध योग : 11 मार्च सुबह 9.25 मिनट से अगले दिन 8.25 मिनट तक।
धनिष्ठा नक्षत्र : रात 9.45 मिनट तक तदोपरांत शतभिषा नक्षत्र।
चार पहर की पूजा व व्रत का पारण
पहला पहर : 11 मार्च शाम 6.27 मिनट पर शुरू।
दूसरा पहर : रात 9.29 मिनट पर शुरू।
तीसरा पहर : रात 12.31 मिनट पर शुरू।
चौथा पहर : 12 मार्च, सुबह 3.32 मिनट से सुबह 6.34 मिनट तक रहेगा।
महाशिवरात्रि के व्रत का पारण : 12 मार्च को सुबह 6.36 मिनट से दोपहर 3.04 मिनट तक करें।