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जानवर के प्यार ने किया प्रेरित.. लिख डाली किताब
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चंडीगढ़। पांच वर्ष पहले नव वर्ष केदौरान लेखिका हरनिशा ने एक एनजीओ में पतले-दुबले मुड़े हुए कानों वाले काले कुत्ते को देखा। वह जिस तरह से उन्हें देख रहा था, वह उन्हें आकर्षित कर रहा था। हरनिशा ने उसी वक्त अपने पति से बात की और उसे गोद लेने का फैसला लिया। हरनिशा ने बताया कि उन्होंने उसे डॉक्टर को दिखाया, लेकिन कमजोरी के कारण उसकी उम्र का पता नहीं चल पा रहा था। उसे पहले दिन देखने के दौरान ही उनका उसके साथ एक अजीब सा जुड़ाव बन गया था, जिसके चलते उन्होंने उसे अपने परिवार का हिस्सा बना लिया। पहले दिन वह एनजीओ में उनके पीछे पीछे घूमता रहा था, जिसके कारण उन्होंने इसका नाम शैडो रखा। शैडो के साथ पांच साल केसफर को उन्होंने किताब ‘लुक हूज टॉकिंग’ में बयां किया है।
हरनिशा की किताब का शुक्रवार को अरोमा होटल- 22 में विमोचन किया गया। उन्होंने किताब में बेजुबान जानवरों के प्रति दयालुता, सहानुभूति और करुणा बरतने का संदेश दिया है। हरनिशा ने बताया कि उन्होंने किताब की भाषा को बहुत ही सरल रखा है, जिससे बच्चों को भी कहानी आसानी से समझ आ जाए। कहानी को रोचक बनाने के लिए उन्होंने बीच-बीच में कविताओं का भी इस्तेमाल किया है। लेखिका ने बताया यह उनकी पहली किताब है। शैडो और अपने बीच के भावों की वार्ता को उन्होंने आठ महीने पहले लॉकडाउन के दौरान लिखा। लेखिका के पिता मेजर जनरल हरीश जीत सिंह, माता निशि सिंह और पति मनदीप ने उन्हें कहानियों को किताब का रूप देने के लिए प्रेरित किया। किताब के विमोचन के दौरान मुख्य अतिथि न्यूटन सिद्धू, ब्रिगेडियर पीके विज, नगीना बैंस और मनमोहन सिंह उपस्थित रहे।
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हरनिशा की किताब का शुक्रवार को अरोमा होटल- 22 में विमोचन किया गया। उन्होंने किताब में बेजुबान जानवरों के प्रति दयालुता, सहानुभूति और करुणा बरतने का संदेश दिया है। हरनिशा ने बताया कि उन्होंने किताब की भाषा को बहुत ही सरल रखा है, जिससे बच्चों को भी कहानी आसानी से समझ आ जाए। कहानी को रोचक बनाने के लिए उन्होंने बीच-बीच में कविताओं का भी इस्तेमाल किया है। लेखिका ने बताया यह उनकी पहली किताब है। शैडो और अपने बीच के भावों की वार्ता को उन्होंने आठ महीने पहले लॉकडाउन के दौरान लिखा। लेखिका के पिता मेजर जनरल हरीश जीत सिंह, माता निशि सिंह और पति मनदीप ने उन्हें कहानियों को किताब का रूप देने के लिए प्रेरित किया। किताब के विमोचन के दौरान मुख्य अतिथि न्यूटन सिद्धू, ब्रिगेडियर पीके विज, नगीना बैंस और मनमोहन सिंह उपस्थित रहे।
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