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खत्म हुई इनेलो की 'महाभारत', बिखर गया ताऊ का कुनबा, अभय चौटाला की होगी पार्टी, 5 बातें

Sun, 18 Nov 2018 08:58 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 18 Nov 2018 08:58 AM IST
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LokSabha Election 2019, Revolt in INLD, Party Will Work Under Abhay Chautala
अभय चौटाला
जींद/चंडीगढ़। चौटाला परिवार में लंबी कलह के बाद आखिरकार शनिवार को ताऊ देवीलाल का कुनबा बिखर गया और इनेलो दोफाड़ हो गई। अंदर खाने चल रही यह फूट पांच अगस्त को कैथल में आयोजित इनेलो की छात्र इकाई इनसो की रैली में सार्वजनिक हुई थी। सात अक्तूबर को गोहाना की रैली में अभय चौटाला की हूटिंग के बाद कलह खुलकर सामने आ गई।
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इसके बाद ओपी चौटाला ने एक नवंबर को सांसद दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय को और 12 नवंबर को प्रधान महासचिव अजय चौटाला को पार्टी से बाहर निकाल दिया था। कई सालों से चौटाला कुनबे में सुलग रहे फूट के इस लावे ने शनिवार को विस्फोटक रूप धारण कर लिया। जींद में बुलाई गई इनेलो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में अजय चौटाला ने नई पार्टी बनाने का एलान कर दिया।
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इस मौके पर उन्होंने अभय चौटाला पर तीखे शब्दों में प्रहार किया। उधर, चंडीगढ़ में इनेलो के प्रदेश कार्यकारिणी अधिवेशन में अभय चौटाला के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया। वहीं अभय ने अपने भाई अजय चौटाला भतीजों दुष्यंत व दिग्विजय और भाभी नैना चौटाला को आड़े हाथों लिया।
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गड़बड़ी करने वाले चले गए

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अभय चौटाला
इनेलो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शनिवार को तय हो गया कि नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा। इनेलो और बसपा गठबंधन को यदि बहुमत मिलता है तो अभय चौटाला सीएम बनेंगे। इस दौरान अभय चौटाला ने अपने बड़े भाई अजय चौटाला, भाभी नैना और दोनों भतीजों दुष्यंत और दिग्विजय पर जमकर हमला बोला। अभय ने कहा कि जो पिछले चुनावों से गड़बड़ी कर रहे थे वह पार्टी छोड़कर चले गए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभय ने कहा कि दरअसल अजय सीएम की कुर्सी या नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं चाहते, वह तो कुछ और हजम करना चाहते हैं, जिसका राज मैं समय आने पर खोलूंगा।

एकदम से अजय इनेलो को तोड़ने में आमादा क्यों हो गए, क्यों उन्होंने अपने बच्चों को समझाने का प्रयास नहीं किया, क्यों वह कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नहीं समझ रहे हैं। इसके पीछे बड़ी साजिश है, जिसका खुलासा किसी और दिन करूंगा। अभय ने कहा कि जींद में अजय की जनसभा से पहले मुझे बिचौलिये का फोन आया था। उन्होंने मुझसे कहा था कि क्या सभी फिर से एकजुट नहीं हो सकते। इस पर मैंने कहा कि मैं तो हमेशा तैयार हूं, जिन्होंने गलती की है वे कम से कम गलती पर पश्चाताप तो करें। अभय ने कहा कि 16 नवंबर को मैंने अजय से मिलकर कहा था कि वह एक बार कह दें कि  दुष्यंत को मुख्यमंत्री और भाभी नैना को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहते हैं, तो मैं पीछे हट जाऊंगा।

अभय ने कहा कि 19 में से 15 विधायकों का समर्थन इनेलो को है। एक विधायक का निधन हो गया है, एक विधायक बागी हो गई हैं और शेष दो विधायक अभी दूर हैं, लेकिन दो दिन में वे भी लौट आएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि उनका सिर्फ एक टारगेट होना चाहिए। भाजपा-कांग्रेस को सत्ता से दूर रखना। उनके अनुसार एक दिसंबर से कुरुक्षेत्र से अधिकार यात्रा शुरू हो रही है।

‘गांधी’ के प्रभाव से डिस्टर्ब हुई पार्टी
अभय ने चुटकी लेते हुए कहा कि इनेलो को डिस्टर्ब करने के पीछे बड़ी साजिश है और इस साजिश में ‘गांधी’ भी शामिल है। इशारों में अभय ने कहा कि नोट पर गांधी हमेशा मुस्कराते दिखते हैं और पार्टी को भी डिस्टर्ब करने में नोट वाले गांधी का इस्तेमाल हुआ है। इसका खुलासा जल्द करेंगे।

पार्टी-चश्मा बिल्लू को गिफ्ट : अजय

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अजय चौटाला - फोटो : अमर उजाला
इनेलो की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ा दांव चलते हुए अजय चौटाला ने कहा कि मैं इनेलो और चश्मा छोटे भाई बिल्लू (अभय) को गिफ्ट करता हूं। वह इसे संभालकर रखे। एक सप्ताह में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नई पार्टी की घोषणा कर दी जाएगी।  

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनंत राम तंवर की अध्यक्षता में हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में अजय ने तीन प्रस्ताव रखे। पहला इनेलो पर कब्जा करने, दूसरा किसी राष्ट्रीय पार्टी में शामिल होने और तीसरा नई पार्टी का गठन करने का। उपस्थित सदस्यों ने ध्वनिमत से नई पार्टी बनाने का प्रस्ताव पारित कर दिया। नौ दिसंबर को जींद में नई पार्टी के बैनर तले महारैली करने का प्रस्ताव भी पारित किया। पदाधिकारियों ने 18 से 28 नवंबर तक इस्तीफे देने पर मुहर लगा दी।

इस्तीफे ओपी चौटाला को देकर कहेंगे कि ये है असली इनेलो
कार्यकारिणी की बैठक में तय किया गया कि 18 से 28 नवंबर तक इनेलो पदाधिकारी इस्तीफा देंगे। प्रतिदिन दो जिलों के पदाधिकारी इस्तीफे देंगे। अजय ने कहा कि सभी इस्तीफे इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओपी चौटाला को 20 नवंबर को जेल में जाकर सौंपेंगे और उन्हें बताएंगे कि असली पार्टी ये है। पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगा मुझे निकाल दिया, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया था।

दुष्यंत आपको सौंपकर जा रहा हूं, इसका ध्यान रखना
मीटिंग के बाद कार्यकर्ता सम्मेलन में अजय सिंह चौटाला ने भावुक होते हुए कहा कि मैं आपको अपनी जान के टुकड़े दुष्यंत को सौंपकर जा रहा हूं। अब यह आप लोगों के हवाले है। इसे जैसा भी रखोगे आप लोग ही रखोगे। अब यह आपका भरोसा है। मैं तो 20 नवंबर को जेल चला जाऊंगा। आपको सौंपने के बाद मुझे इसकी चिंता नहीं है। जिन कार्यकर्ताओं को मेरी वजह से अपमानित होना पड़ा उनसे माफी मांगता हूं।
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