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चुनाव आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची पंजाबी एकता पार्टी, आरोप- अभी तक चुनाव चिन्ह नहीं दिया
Fri, 19 Apr 2019 12:26 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Apr 2019 12:26 PM IST
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आम आदमी पार्टी से अलग हुए नेताओं द्वारा बनाई गई पंजाबी एकता पार्टी ने चुनाव आयोग के खिलाफ पंजाबी हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी करके जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। पंजाबी एकता पार्टी के अध्यक्ष ने एडवोकेट गुरप्रीत सिंह संधू ने याचिका में हाईकोर्ट को बताया कि उन्होंने 19 मार्च को पार्टी को रजिस्टर करने के लिए चुनाव आयोग को अर्जी दी थी।
चुनाव आयोग ने 24 मार्च को पंजाबी एकता पार्टी को रजिस्टर करके उसकी सूचना उन्हें भेज दी थी, जो 4 अप्रैल को उनके मुख्यालय पहुंची। इसके बाद अगले ही दिन 5 अप्रैल को उन्होंने पार्टी के चुनाव निशान के लिए चुनाव आयोग को अर्जी दे दी थी। अर्जी पर चुनाव आयोग ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। 16 अप्रैल को पार्टी ने चुनाव आयोग को रिमाइंडर भेजा था। इस पर अभी तक चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं आया है।
पार्टी ने अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि पंजाबी में लोकसभा के 19 मई को चुनाव होने हैं। ऐसे में अभी तक चुनाव आयोग से पार्टी को चुनाव निशान ही नहीं मिल पाया है, जबकि चुनाव लड़ रही अन्य सभी पार्टियों के पास अपना चुनाव चिह्न है। ऐसे में बिना चुनाव निशान के पंजाबी एकता पार्टी को अपने उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मतदाताओं को अपनी पार्टी के चुनाव निशान के बारे में बता नहीं पा रहें हैं।
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चुनाव आयोग ने 24 मार्च को पंजाबी एकता पार्टी को रजिस्टर करके उसकी सूचना उन्हें भेज दी थी, जो 4 अप्रैल को उनके मुख्यालय पहुंची। इसके बाद अगले ही दिन 5 अप्रैल को उन्होंने पार्टी के चुनाव निशान के लिए चुनाव आयोग को अर्जी दे दी थी। अर्जी पर चुनाव आयोग ने कोई भी कार्रवाई नहीं की। 16 अप्रैल को पार्टी ने चुनाव आयोग को रिमाइंडर भेजा था। इस पर अभी तक चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं आया है।
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पार्टी ने अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि पंजाबी में लोकसभा के 19 मई को चुनाव होने हैं। ऐसे में अभी तक चुनाव आयोग से पार्टी को चुनाव निशान ही नहीं मिल पाया है, जबकि चुनाव लड़ रही अन्य सभी पार्टियों के पास अपना चुनाव चिह्न है। ऐसे में बिना चुनाव निशान के पंजाबी एकता पार्टी को अपने उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मतदाताओं को अपनी पार्टी के चुनाव निशान के बारे में बता नहीं पा रहें हैं।
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