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लोकसभा चुनाव 2019: जालंधर सीट पर होगा रोचक मुकाबला, कांग्रेस ने हर बार बदला उम्मीदवार
Fri, 22 Mar 2019 11:04 AM IST
खुशबू गोयल
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 22 Mar 2019 11:04 AM IST
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प्रकाश सिंह बादल
- फोटो : फाइल फोटो
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लोकसभा चुनाव का सबसे रोचक राजनीतिक मंच जालंधर में तैयार होने वाला है। यह वह सीट है, जहां से पूर्व पीएम इंद्र कुमार गुजराल चुनाव जीत चुके हैं। जालंधर सीट दो बार अकाली दल व 13 बार कांग्रेस की झोली में जा चुकी है। जालंधर सीट से 16वीं लोकसभा में कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी ने अकाली दल के पवन कुमार टीनू को 70,981 वोटों से हराया था।
कांग्रेस के चौधरी संतोख सिंह को 3,80,479 मत और अकाली दल के टीनू को कुल 3,09,498 मत प्राप्त हुए थे। तीसरे नंबर पर 2,54,121 वोट लेकर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार ज्योति मान थीं। जालंधर लोकसभा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल ने दो बार जीत हासिल की थी। पहली बार उन्होंने 1989 और फिर 1998 में यहां से जीत हासिल की थी। जालंधर लोकसभा सीट पर 1952 से 16 बार आम चुनाव और एक बार उपचुनाव हुआ है।
इसमें 13 बार कांग्रेस ने बाजी मारी है। अकाली दल को दो बार 1977 और 1996 को जीत मिली थी। उल्लेखनीय है कि जालंधर लोकसभा हलका में 9 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें फिल्लौर (सुरक्षित), नकोदर, शाहकोट, करतारपुर (सुरक्षित), जालंधर वेस्ट (सुरक्षित), जालंधर सेंट्रल, जालंधर नार्थ, जालंधर कैंट और आदमपुर (सुरक्षित) है। इनमें फिल्लौर, नकोदर व आदमपुर में अकाली दल विधायक हैं और छह में कांग्रेसी विधायक हैं।
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कांग्रेस के चौधरी संतोख सिंह को 3,80,479 मत और अकाली दल के टीनू को कुल 3,09,498 मत प्राप्त हुए थे। तीसरे नंबर पर 2,54,121 वोट लेकर आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार ज्योति मान थीं। जालंधर लोकसभा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल ने दो बार जीत हासिल की थी। पहली बार उन्होंने 1989 और फिर 1998 में यहां से जीत हासिल की थी। जालंधर लोकसभा सीट पर 1952 से 16 बार आम चुनाव और एक बार उपचुनाव हुआ है।
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इसमें 13 बार कांग्रेस ने बाजी मारी है। अकाली दल को दो बार 1977 और 1996 को जीत मिली थी। उल्लेखनीय है कि जालंधर लोकसभा हलका में 9 विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें फिल्लौर (सुरक्षित), नकोदर, शाहकोट, करतारपुर (सुरक्षित), जालंधर वेस्ट (सुरक्षित), जालंधर सेंट्रल, जालंधर नार्थ, जालंधर कैंट और आदमपुर (सुरक्षित) है। इनमें फिल्लौर, नकोदर व आदमपुर में अकाली दल विधायक हैं और छह में कांग्रेसी विधायक हैं।
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अकाली से चरणजीत सिंह अटवाल
अकाली दल जालंधर से चरणजीत सिंह अटवाल प्रतयाशी हैं, वह लोकसभा के डिप्टी स्पीकर रह चुके हैं। अकाली दल के सीनियर नेताओं में उनकी गिनती होती है।
बसपा व पंजाब एकता पार्टी से बलविंदर
बसपा नेता बलविंदर कुमार को जालंधर लोकसभा सीट पर उतारा गया है। बसपा का गठजोड़ सुखपाल खैरा की पार्टी पंजाब एकता पार्टी के साथ है। बलविंदर कुमार स्नातक हैं और पत्रकार रह चुके हैं।
कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान
कांग्रेस ने अभी किसी का टिकट फाइनल नहीं किया है। मौजूदा सांसद चौधरी संतोख सिंह के अलावा मोहिंदर सिंह केपी, विधायक सुशील रिंकू भी टिकट के दावेदार है हैं।
बसपा व पंजाब एकता पार्टी से बलविंदर
बसपा नेता बलविंदर कुमार को जालंधर लोकसभा सीट पर उतारा गया है। बसपा का गठजोड़ सुखपाल खैरा की पार्टी पंजाब एकता पार्टी के साथ है। बलविंदर कुमार स्नातक हैं और पत्रकार रह चुके हैं।
कांग्रेस में टिकट को लेकर घमासान
कांग्रेस ने अभी किसी का टिकट फाइनल नहीं किया है। मौजूदा सांसद चौधरी संतोख सिंह के अलावा मोहिंदर सिंह केपी, विधायक सुशील रिंकू भी टिकट के दावेदार है हैं।
जालंधर से यह रह चुके हैं सांसद
1952 से 57 तक अमर नाथ (कांग्रेस)
1957 से 62 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1962 से 67 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1967 से 71 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1971 से 77 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1977 से 80 तक इकबाल ढिल्लों (अकाली दल)
1980 से 84 राजिंदर सिंह स्पैरो (कांग्रेस)
1984 से 89 राजिंदर सिंह स्पैरो (कांग्रेस)
1989 से 91 तक इंद कुमार गुजराल (जनता दल)
1991 से 93 तक यश (कांग्रेस)
1993 से लेकर 96 तक उमराव सिंह (कांग्रेस)
1996 से 1998 तक दरबारा सिंह (अकाली दल)
1998 से 1999 तक इंद्र कुमार गुजराल (जनता दल)
1999 से 2004 तक बलवीर सिंह (कांग्रेस)
2004 से 2009 तक राणा गुरजजीत सिंह (कांग्रेस)
2009 से लेकर 2014 तक मोहिंदर सिंह केपी (कांग्रेस)
2014 से लेकर 2019 चौधरी संतोख सिंह (कांग्रेस)
1957 से 62 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1962 से 67 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1967 से 71 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1971 से 77 तक स्वर्ण सिंह (कांग्रेस)
1977 से 80 तक इकबाल ढिल्लों (अकाली दल)
1980 से 84 राजिंदर सिंह स्पैरो (कांग्रेस)
1984 से 89 राजिंदर सिंह स्पैरो (कांग्रेस)
1989 से 91 तक इंद कुमार गुजराल (जनता दल)
1991 से 93 तक यश (कांग्रेस)
1993 से लेकर 96 तक उमराव सिंह (कांग्रेस)
1996 से 1998 तक दरबारा सिंह (अकाली दल)
1998 से 1999 तक इंद्र कुमार गुजराल (जनता दल)
1999 से 2004 तक बलवीर सिंह (कांग्रेस)
2004 से 2009 तक राणा गुरजजीत सिंह (कांग्रेस)
2009 से लेकर 2014 तक मोहिंदर सिंह केपी (कांग्रेस)
2014 से लेकर 2019 चौधरी संतोख सिंह (कांग्रेस)