{"_id":"5cb95d36bdec22144d7e2ada","slug":"lok-sabha-elections-2019-haryana-lok-sabha-elections-ground-report-on-parties-level","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लोकसभा 2019: हरियाणा में समीकरणों के ‘व्याकरण’ में उलझे दल, चुनावी रण में कोई रोमांच नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोकसभा 2019: हरियाणा में समीकरणों के ‘व्याकरण’ में उलझे दल, चुनावी रण में कोई रोमांच नहीं
Fri, 19 Apr 2019 11:06 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 19 Apr 2019 11:06 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर हरियाणा में नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बावजूद इसके अब तक सियासी दल समीकरणों का ‘व्याकरण’ ही समझने में उलझे हुए हैं। भाजपा को छोड़कर अन्य दलों ने अभी तक पूरी सीटों पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। लिहाजा, अभी तक न तो सभी राजनीतिक दलों के धुरंधर मैदान में हैं और न ही चुनावी मुकाबले का रोमांच शुरू हो पा रहा है।
मैराथन मंथन के बाद हरियाणा में भाजपा ने अपने सभी दस सीटों पर धुरंधर उतार दिए हैं। हर सीट पर समीकरणों का व्याकरण समझने और विरोधियों की रणनीति को भांपने के बाद भाजपा ने इन प्रत्याशियों का चयन किया है। मगर कांग्रेस छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के बाद आगे नहीं बढ़ पा रही है। कांग्रेस को अभी हिसार, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और करनाल सीट पर प्रत्याशी घोषित करने हैं।
चारों सीटों पर कुछ अड़चनों को लेकर कांग्रेस हाईकमान पसोपेश में है। हिसार सीट पर पूर्व सांसद कुलदीप खुद के बजाए अपने बेटे भव्य बिश्नोई को टिकट दिलवाने पर अडे़ हैं, तो करनाल सीट पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा भी खुद को पीछे कर बेटे चाणक्य के लिए टिकट मांग रहे हैं। सोनीपत पर हाईकमान की ओर से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर चुनाव लड़ने का दबाव है, तो कुरुक्षेत्र पर पूर्व सांसद नवीन जिंदल अभी भी ना-नुकर कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मैराथन मंथन के बाद हरियाणा में भाजपा ने अपने सभी दस सीटों पर धुरंधर उतार दिए हैं। हर सीट पर समीकरणों का व्याकरण समझने और विरोधियों की रणनीति को भांपने के बाद भाजपा ने इन प्रत्याशियों का चयन किया है। मगर कांग्रेस छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित करने के बाद आगे नहीं बढ़ पा रही है। कांग्रेस को अभी हिसार, कुरुक्षेत्र, सोनीपत और करनाल सीट पर प्रत्याशी घोषित करने हैं।
विज्ञापन
चारों सीटों पर कुछ अड़चनों को लेकर कांग्रेस हाईकमान पसोपेश में है। हिसार सीट पर पूर्व सांसद कुलदीप खुद के बजाए अपने बेटे भव्य बिश्नोई को टिकट दिलवाने पर अडे़ हैं, तो करनाल सीट पर पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा भी खुद को पीछे कर बेटे चाणक्य के लिए टिकट मांग रहे हैं। सोनीपत पर हाईकमान की ओर से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर चुनाव लड़ने का दबाव है, तो कुरुक्षेत्र पर पूर्व सांसद नवीन जिंदल अभी भी ना-नुकर कर रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने भी 17 अप्रैल को छह सीटों अंबाला, करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद, सिरसा और हिसार पर ही प्रत्याशी घोषित किए। शेष चार सीट गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र, रोहतक और भिवानी-महेंद्रगढ़ पर समीकरणों का व्याकरण अभी इनेलो को समझ नहीं आ रहा है।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी अभी तक आठ सीटों रोहतक, फरीदाबाद, भिवानी-महेंद्रगढ़, अंबाला, करनाल, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र के प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। गुरुग्राम और सोनीपत सीट पर ये गठबंधन अभी समीकरण समझ रहा है।
पूर्व आईजी रणबीर शर्मा की राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी (हरियाणा) ने भी अभी तक छह सीटों अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सिरसा से ही अपने प्रत्याशी घोषित किए है। शेष चार सीटों रोहतक, हिसार, भिवानी-महेंद्रगढ़ और सोनीपत का गणित अभी इस दल को समझना बाकी है।
जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) गठबंधन भी हरियाणा में अभी तक समीकरणों को साधने में लगा हुआ है। जजपा-आप-कांग्रेस के गठबंधन की अटकलों के बीच वीरवार को साफ हो गया कि हरियाणा में जजपा-आप गठबंधन ही 7-3 सीट पर चुनाव लड़ेगा।
इसके बाद 18 अप्रैल को गठबंधन ने सिर्फ चार सीटों सिरसा, हिसार, रोहतक व भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर जजपा प्रत्याशी घोषित का दिए। शेष छह सीटों पर 3 प्रत्याशी आप और 3 प्रत्याशी जजपा अभी घोषित करेगी। बहरहाल, सभी पार्टियों के सभी प्रत्याशी जब चुनावी रण में होंगे, तभी असली मुकाबला शुरू होगा और रोमांचक भी बनेगा।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी अभी तक आठ सीटों रोहतक, फरीदाबाद, भिवानी-महेंद्रगढ़, अंबाला, करनाल, हिसार, सिरसा और कुरुक्षेत्र के प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। गुरुग्राम और सोनीपत सीट पर ये गठबंधन अभी समीकरण समझ रहा है।
पूर्व आईजी रणबीर शर्मा की राष्ट्रीय लोक स्वराज पार्टी (हरियाणा) ने भी अभी तक छह सीटों अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सिरसा से ही अपने प्रत्याशी घोषित किए है। शेष चार सीटों रोहतक, हिसार, भिवानी-महेंद्रगढ़ और सोनीपत का गणित अभी इस दल को समझना बाकी है।
जननायक जनता पार्टी (जजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) गठबंधन भी हरियाणा में अभी तक समीकरणों को साधने में लगा हुआ है। जजपा-आप-कांग्रेस के गठबंधन की अटकलों के बीच वीरवार को साफ हो गया कि हरियाणा में जजपा-आप गठबंधन ही 7-3 सीट पर चुनाव लड़ेगा।
इसके बाद 18 अप्रैल को गठबंधन ने सिर्फ चार सीटों सिरसा, हिसार, रोहतक व भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट पर जजपा प्रत्याशी घोषित का दिए। शेष छह सीटों पर 3 प्रत्याशी आप और 3 प्रत्याशी जजपा अभी घोषित करेगी। बहरहाल, सभी पार्टियों के सभी प्रत्याशी जब चुनावी रण में होंगे, तभी असली मुकाबला शुरू होगा और रोमांचक भी बनेगा।