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लोकसभा चुनाव 2019: गुटों में बंटी हरियाणा कांग्रेस को ये नया फार्मूला करेगा एक, टिकट के कई दावेदार
Tue, 19 Mar 2019 03:36 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 19 Mar 2019 03:36 PM IST
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हरियाणा कांग्रेस
- फोटो : फाइल फोटो
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लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर कांग्रेस ने हरियाणा में गुटों में बंटी पार्टी को एक करने के लिए नया फॉर्मूला तैयार किया है, ताकि प्रदेश में जीत की इबारत लिखी जा सके। प्रदेश में इस वक्त कांग्रेस कई धड़ों में विभाजित हो चुकी है। इनमें किरण चौधरी, अशोक तंवर और कैप्टन अजय यादव एक साथ चल रहे हैं। कुमारी शैलजा का झुकाव भी इन्हीं नेताओं की तरफ है।
कुलदीप बिश्नोई अभी किसी गुट में नहीं हैं। वहीं भूपेंद्र हुड्डा के पुत्र दीपेंद्र हुड्डा, नवीन जिंदल, कैलाशो सैनी, अनिल ठक्कर, कुलदीप शर्मा, जयवीर सिंह बाल्मीकी और सरदार जयपाल सिंह लाली हुड्डा खेमें में बताए जाते हैं। रणदीप सुरजेवाला अब राहुल गांधी के करीबी होने के कारण एक अलग लाइन पर चल रहे हैं।
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कुलदीप बिश्नोई अभी किसी गुट में नहीं हैं। वहीं भूपेंद्र हुड्डा के पुत्र दीपेंद्र हुड्डा, नवीन जिंदल, कैलाशो सैनी, अनिल ठक्कर, कुलदीप शर्मा, जयवीर सिंह बाल्मीकी और सरदार जयपाल सिंह लाली हुड्डा खेमें में बताए जाते हैं। रणदीप सुरजेवाला अब राहुल गांधी के करीबी होने के कारण एक अलग लाइन पर चल रहे हैं।
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कर्नाटक की तरह बस यात्रा कराएंगे
पार्टी आलाकमान कर्नाटक और आंध्र प्रदेश की तर्ज पर हरियाणा में भी बस यात्रा कराएगी। इसके तहत गुटों में बंटे सभी नेताओं को एक बस में बैठाकर प्रदेश में घुमाया जाएगा। इसका फायदा ये होगा कि जब सभी नेता एक बस में सवार होकर लोगों के बीच पहुंचेंगे तो उनकी बात को सुनेंगे, तो जनता का झुकाव उनकी तरफा होगा।
प्रदेशाध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने बताया कि पार्टी ने इससे पहले कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी यह फॉर्मूला लागू किया था, जो कारगर साबित हुआ। बस यात्रा में सबसे अहम बात ये है कि जब सभी नेता एक ही बस में जाते हैं तो वे अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जब वे बस से नीचे उतरते हैं तो एक होते हैं।
प्रदेशाध्यक्ष गुलाम नबी आजाद ने बताया कि पार्टी ने इससे पहले कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी यह फॉर्मूला लागू किया था, जो कारगर साबित हुआ। बस यात्रा में सबसे अहम बात ये है कि जब सभी नेता एक ही बस में जाते हैं तो वे अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जब वे बस से नीचे उतरते हैं तो एक होते हैं।