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लोकसभा चुनाव 2019: 'आप' की दो टूक, नहीं छोड़ेंगे आनंदपुर साहिब सीट, गठबंधन पर भी असमंजस
Wed, 13 Mar 2019 03:01 PM IST
खुशबू गोयल
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 13 Mar 2019 03:01 PM IST
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'आप' ने दो टूक कह दिया है कि वह किसी भी कीमत पर आनंदपुर साहिब सीट नहीं छोड़ेगी। इस असमंजस के चलते 'आप' और शिरोमणि अकाली दल (टकसाली) के बीच गठबंधन पर मंगलवार को भी सहमति नहीं बन सकी। 'आप' आनंदपुर साहिब हलके से काफी समय पहले नरिंदर शेरगिल को अपना उम्मीदवार बना चुकी है। इससे पहले विधानसभा चुनाव में शेरगिल को खरड़ से टिकट दिया गया था। लेकिन बाद में कंवर संधू जैसे सीनियर नेता ने खरड़ से लड़ने की इच्छा जताई। इसके चलते शेरगिल को ऐन मौके पर खरड़ छोड़ कर मोहाली जाना पड़ा था। जबकि, वह खरड़ में काफी तैयारी और प्रचार कर चुके थे। वहीं, मोहाली में उनको उतना समय नहीं मिल सका।
इस बार भी शेरगिल की आनंदपुर साहिब से उम्मीदवारी का एलान काफी पहले हो गया था। उसके बाद से वे लगातार हलके में सक्रिय हैं। लेकिन इस बार 'आप' हाईकमान ने तय कर लिया है कि शेरगिल को नहीं हटाया जाएगा, चाहे टकसालियों से गठबंधन हो या न हो। 'आप' ने शिअद-टकसाली को यह स्पष्ट भी कर दिया है। टकसाली यहां से पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर को लड़ाने पर अड़े हैं। 'आप' ने प्रस्ताव दिया है कि बीर दविंदर चाहें तो 'आप' के टिकट पर बठिंडा जैसी हाई प्रोफाइल सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहां, 'आप' का काफी आधार है, कई विधायक हैं। हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ लड़ने से यह सीट चर्चा में भी रहेगी।
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इस बार भी शेरगिल की आनंदपुर साहिब से उम्मीदवारी का एलान काफी पहले हो गया था। उसके बाद से वे लगातार हलके में सक्रिय हैं। लेकिन इस बार 'आप' हाईकमान ने तय कर लिया है कि शेरगिल को नहीं हटाया जाएगा, चाहे टकसालियों से गठबंधन हो या न हो। 'आप' ने शिअद-टकसाली को यह स्पष्ट भी कर दिया है। टकसाली यहां से पूर्व डिप्टी स्पीकर बीर दविंदर को लड़ाने पर अड़े हैं। 'आप' ने प्रस्ताव दिया है कि बीर दविंदर चाहें तो 'आप' के टिकट पर बठिंडा जैसी हाई प्रोफाइल सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। वहां, 'आप' का काफी आधार है, कई विधायक हैं। हरसिमरत कौर बादल के खिलाफ लड़ने से यह सीट चर्चा में भी रहेगी।
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हरसिमरत शिफ्ट हो सकती हैं फिरोजपुर
वहीं, सियासी हलकों में चर्चा है कि शिअद हरसिमरत को फिरोजपुर शिफ्ट करके सिकंदर सिंह मलूका को बठिंडा से चुनाव लड़ाने पर विचार कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो बीर दविंदर बठिंडा से लड़ने पर विचार कर सकते हैं। लेकिन 'आप' इतना इंतजार नहीं कर सकती। क्योंकि पंजाब में चुनाव आखिरी चरण में हैं। ऐसे में शिअद इतनी जल्दी अपने उम्मीदार घोषित नहीं करेगा।
इस हफ्ते होगी कोर कमेटी की बैठक
आम आदमी पार्टी ने इसी सप्ताह कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। इसमें सारे उम्मीदवार फाइनल हो जाएंगे। शिअद-टकसाली को बुधवार तक अपना स्टैंड स्पष्ट करना है। उसके बाद कभी भी बैठक हो सकती है। अभी तक 'आप' दो मौजूदा सांसदों संगरूर से भगवंत मान, फरीदकोट से प्रो. साधू सिंह के अलावा आनंदपुर साहिब से नरिंदर शेरगिल, अमृतसर से कुलदीप धालीवाल और होशियारपुर से डॉ. रवजोत सिंह को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अगर समझौता हुआ तो टकसालियों को फिरोजपुर, खडूर साहिब और एक अन्य सीट दी जाएगी।
इस हफ्ते होगी कोर कमेटी की बैठक
आम आदमी पार्टी ने इसी सप्ताह कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। इसमें सारे उम्मीदवार फाइनल हो जाएंगे। शिअद-टकसाली को बुधवार तक अपना स्टैंड स्पष्ट करना है। उसके बाद कभी भी बैठक हो सकती है। अभी तक 'आप' दो मौजूदा सांसदों संगरूर से भगवंत मान, फरीदकोट से प्रो. साधू सिंह के अलावा आनंदपुर साहिब से नरिंदर शेरगिल, अमृतसर से कुलदीप धालीवाल और होशियारपुर से डॉ. रवजोत सिंह को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। अगर समझौता हुआ तो टकसालियों को फिरोजपुर, खडूर साहिब और एक अन्य सीट दी जाएगी।