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लोकसभा चुनाव 2019: अकाली वोट बैंक पर अब भाजपा की नजर, इनेलो को होगा दरार का नुकसान
Fri, 15 Mar 2019 01:24 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 15 Mar 2019 01:24 PM IST
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Sukhbir Badal, Akali Dal
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पंजाब में भाजपा का साथी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) अब तक हरियाणा में इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के साथ कदमताल करता रहा है। लेकिन इस बार शिअद के वोट बैंक पर भाजपा की नजर है। इस बार लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा हरियाणा में शिअद को अपने साथ मिलाकर आगे बढ़ना चाहती है। दूसरी ओर इनेलो के टूटने के बाद शिअद भी इस पसोपेश में है कि वह इनेलो संग सियासी दोस्ती आगे बढ़ाए या नहीं।
इसके लिए बाकायदा शिअद हाईकमान ने अकाली नेता बलविंद्र सिंह भूंदड़ की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया हुआ है। कमेटी तय करेगी हरियाणा में उसका नया साथी कौन होगा। दरअसल शिअद का इरादा हरियाणा में इनेलो का साथ छोड़ना का नहीं था। लेकिन चौटाला कुनबे में दरार आने के बाद इनेलो टूट गई और जननायक जनता पार्टी (जजपा) का उदय हुआ।
जजपा बनने के बाद सबसे बड़ा नुकसान इनेलो को ही झेलना पड़ा। इनेलो का एक बड़ा वोट बैंक सरककर जजपा में चला गया। इसका ताजा उदाहरण अभी हाल ही में हुए जींद उपचुनाव में देखने को मिला। इस उपचुनाव में इनेलो के हश्र के बाद से ही शिअद का थिंक टैंक इस बात पर मंथन कर रहा है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शिअद हरियाणा में इनेलो से अपने राजनीतिक रिश्ते जारी रखे या किसी नए गठबंधन का हिस्सा बने।
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इस स्थिति में हरियाणा भाजपा के नेता शिअद के शीर्ष नेताओं से संपर्क में हैं। भाजपा चाहती है कि लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव में शिअद भाजपा के साथ चले।
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इसके लिए बाकायदा शिअद हाईकमान ने अकाली नेता बलविंद्र सिंह भूंदड़ की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया हुआ है। कमेटी तय करेगी हरियाणा में उसका नया साथी कौन होगा। दरअसल शिअद का इरादा हरियाणा में इनेलो का साथ छोड़ना का नहीं था। लेकिन चौटाला कुनबे में दरार आने के बाद इनेलो टूट गई और जननायक जनता पार्टी (जजपा) का उदय हुआ।
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जजपा बनने के बाद सबसे बड़ा नुकसान इनेलो को ही झेलना पड़ा। इनेलो का एक बड़ा वोट बैंक सरककर जजपा में चला गया। इसका ताजा उदाहरण अभी हाल ही में हुए जींद उपचुनाव में देखने को मिला। इस उपचुनाव में इनेलो के हश्र के बाद से ही शिअद का थिंक टैंक इस बात पर मंथन कर रहा है कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में शिअद हरियाणा में इनेलो से अपने राजनीतिक रिश्ते जारी रखे या किसी नए गठबंधन का हिस्सा बने।
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इस स्थिति में हरियाणा भाजपा के नेता शिअद के शीर्ष नेताओं से संपर्क में हैं। भाजपा चाहती है कि लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव में शिअद भाजपा के साथ चले।
पंजाब से सटे जिलों में शिअद का प्रभाव
पंजाब से सटे हरियाणा के जिलों अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, फतेहाबाद व सिरसा में अकाली दल का खासा प्रभाव है। इन जिलों में अच्छा खासा पंजाबी वोट बैंक है, जिसे शिअद अपनी ओर खींचने में कामयाब भी होती है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में सिरसा की सीट इनेलो-शिअद गठबंधन ने मिलकर जीती थी। जबकि कालांवली विधानसभा सीट पर भी इसी गठबंधन का कब्जा है।
हमने कई बार कोशिश की कि चौटाला परिवार का झगड़ा खत्म हो जाए, लेकिन प्रयास विफल रहे। हम उनकी धड़ेबाजी का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। भविष्य में शिअद का हरियाणा में क्या स्टैंड रहेगा। इस बारे में मंथन किया जा रहा है। शिअद से गठबंधन के लिए बसपा और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने भी संपर्क किया है।
- बलविंद्र सिंह भूंदड़, शिअद हरियाणा प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद
इनेलो पहले ही एलान कर चुका है कि हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ा जाएगा। इसके लिए 16 मार्च को झज्जर में राष्ट्रीय व राज्य कार्यकारिणी की बैठक भी है। इसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। बाकी यह राजनीति है, भविष्य में हर तरह की संभावनाएं बनी रहती है।
- अशोक अरोड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, इनेलो
हरियाणा में भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की नीतियों व उपलब्धियों को लेकर आगे बढ़ रही है। किसी प्रकार के गठबंधन को लेकर फिलहाल वह कुछ नहीं कह सकते।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्तमंत्री एवं पंजाब भाजपा के लोकसभा प्रभारी
हमने कई बार कोशिश की कि चौटाला परिवार का झगड़ा खत्म हो जाए, लेकिन प्रयास विफल रहे। हम उनकी धड़ेबाजी का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। भविष्य में शिअद का हरियाणा में क्या स्टैंड रहेगा। इस बारे में मंथन किया जा रहा है। शिअद से गठबंधन के लिए बसपा और लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने भी संपर्क किया है।
- बलविंद्र सिंह भूंदड़, शिअद हरियाणा प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद
इनेलो पहले ही एलान कर चुका है कि हरियाणा में अकेले चुनाव लड़ा जाएगा। इसके लिए 16 मार्च को झज्जर में राष्ट्रीय व राज्य कार्यकारिणी की बैठक भी है। इसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। बाकी यह राजनीति है, भविष्य में हर तरह की संभावनाएं बनी रहती है।
- अशोक अरोड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, इनेलो
हरियाणा में भाजपा पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की नीतियों व उपलब्धियों को लेकर आगे बढ़ रही है। किसी प्रकार के गठबंधन को लेकर फिलहाल वह कुछ नहीं कह सकते।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्तमंत्री एवं पंजाब भाजपा के लोकसभा प्रभारी