फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Election 2024 These leaders struggled hard to reach pinnacle of politics

Election: छात्र राजनीति में छाए... अब आजमा रहे भाग्य; इन दिग्गजों ने पहले खूब घिसे जूते फिर बने नेता

Sun, 05 May 2024 01:28 PM IST
शाहरुख खान आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 05 May 2024 01:28 PM IST
विज्ञापन
सार
हरियाणा में छात्रों के बीच दिग्गजों ने खूब संघर्ष किया। राजनीति के शिखर पर पहुंचने के लिए इन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा। इस बार लोकसभा चुनाव में भी कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जो अपने जमाने में छात्र नेता रहे हैं या उनका जीवन छात्र राजनीति के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। 
loader
Lok Sabha Election 2024 These leaders struggled hard to reach pinnacle of politics
Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छात्र संघ को राजनीति की नर्सरी माना जाता है। देश में कई ऐसे नेता हैं, जो छात्र राजनीति में निकलकर देश के दिग्गज नेताओं में शुमार हुए। हरियाणा की राजनीति के शिखर पर पहुंचे कई नेताओं ने भी पहले छात्र राजनीति में हाथ आजमाया है। छात्रों के बीच संघर्ष किया है। नारे लगाए है। जूते घिसे है। फिर जाकर वे नेता बनें। 


इस बार लोकसभा चुनाव में भी कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जो अपने जमाने में छात्र नेता रहे हैं या उनका जीवन छात्र राजनीति के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। छात्र राजनीति के दौरान संघर्ष के बल पर आज वे अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।  


चुनाव विश्लेषक प्रमोद शर्मा कहते हैं हरियाणा में परिवारवाद की राजनीति ज्यादा रही है। हरियाणा के बड़े दिग्गज अपने बेटों को ही आगे बढ़ाते रहे हैं। इन लोगों ने कभी छात्र राजनीति से निकले लोगों को आगे नहीं बढ़ने दिया। 

1996 के बाद से हरियाणा में छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। बीच में एक बार सामान्य चुनाव कराए गए। छात्र संघ के चुनाव होने चाहिए। इससे राजनीति की नई पौध मिलती है। जो युवा राजनीति में करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें भी मौका मिलेगा।

दिव्यांशु बुद्धिराजा
करनाल लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार दिव्यांशु पंजाब यूनिवर्सिटी में एनएसयूआई-हिम्सू के पैनल पर प्रधान पद का चुनाव चुके हैं। उन्होंने यह चुनाव 58 वोट से जीता और पीयू के प्रेसिडेंट बने। इस दौरान पीयू से संबंधित कई मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया। उसके बाद उन्होंने हरियाणा यूथ कांग्रेस का चुनाव जीता। इस चुनाव में उन्हें सर्वाधिक 4.90 लाख वोट मिले। इसी कारण उनको लोकसभा चुनाव का टिकट दिया गया है। 
 

रावदान सिंह
भिवानी-महेंद्रगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार राव दान सिंह भी छात्र राजनीति से जुड़े रहे हैं। जब वह राजस्थान की यूनिवर्सिटी में कानून की पढ़ाई कर रहे थे, तब वह छात्र राजनीति में सक्रिय रहे थे और प्रधान भी चुने गए थे। छात्र राजनीति के बाद वह महेंद्रगढ़ के विधायक बने। पहला लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

कृष्णपाल गुर्जर
फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार कृष्णपाल गुर्जर भी छात्र राजनीति की सीढ़ी चढ़कर शिखर पर पहुंचे हैं। वह नेहरू कॉलेज में छात्र संगठन के अध्यक्ष रहे। उसके बाद उन्होंने नगर निगम, विधानसभा और सांसद का चुनाव लड़ा। चुनाव जीतने के बाद वह केंद्रीय मंत्री भी बनें।

अशोक तंवर
सिरसा सीट से भाजपा उम्मीदवार अशोक तंवर भी एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं। 1999 में उन्हें एनएसयूआई का सचिव और चार साल बाद अध्यक्ष बनाया गया है। यहीं से उनकी राजनीति चमकी और मात्र 29 साल की उम्र में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बन गए।

जयप्रकाश
हिसार लोकसभा से कांग्रेस के टिकट पर उतरे जयप्रकाश भी छात्र राजनीति में काफी दिलचस्पी लेते रहे हैं। हालांकि उन्होंने चुनाव तो नहीं लड़ा मगर छात्र राजनीति का चुनाव लड़ने वाले उनके करीबी होते थे और वह उन्हें चुनाव जिताकर लाते थे।

सुशील गुप्ता
कुरुक्षेत्र से इंडिया गठबंधन के आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सुशील गुप्ता भी छात्र राजनीति से ही राजनीति की बारीकियां सीखकर आगे बढ़े हैं। एनएसयूआई से वह डूसू का प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ चुके हैं। डूसू के एग्जीक्यूटिव काउंसलर भी रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed