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इनेलो में रारः अभय चौटाला ने विधायकों को समझाई सियासत की भाषा, खेला एक इमोशनल दांव
प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Nov 2018 10:25 AM IST
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अभय चौटाला
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अजय चौटाला को इनेलो से बाहर का रास्ता दिखाने के बाद अभय चौटाला ने अपने विधायकों को सियासत की भाषा समझाई और कड़े शब्दों में नसीहत दी। उन्होंने साफ कर दिया है कि अजय चौटाला के खेमे में जाना भारी पड़ेगा। हालांकि इस मीठी धमकी का असर कितना होगा, यह 17 नवंबर को पता चलेगा। फिलहाल आठ विधायक अभय के साथ यहां एक मंच पर बैठे नजर आए हैं।
अभय चौटाला ने यहां कहा कि कौन किसके साथ है यह बात बाद की है। फिलहाल जो एमएलए ये कहते हैं कि हम दूसरे खेमे के साथ हैं। वे यह बात लिख कर मुझे दे दें। मैं कल ही विधानसभा स्पीकर को वह कॅापी दे दूंगा। साथ के साथ उन विधायकों की सदस्यता भी समाप्त हो जाएगी। जो विधायक यह बात लिख कर देंगे वे विधानसभा में इनेलो की बेंच पर नहीं बैठेंगे। जो यह लिख कर नहीं देगा वह कहीं नहीं जा सकता मेरी बेंच पर ही बैठना पड़ेगा।
अभय की इस नसीहत का तात्पर्य गैर मौजूद रहे विधायकों के लिए तो था ही साथ ही जो विधायक आज आए थे परोक्ष तौर पर यह नसीहत उनके लिए भी थी।
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अभय चौटाला ने यहां कहा कि कौन किसके साथ है यह बात बाद की है। फिलहाल जो एमएलए ये कहते हैं कि हम दूसरे खेमे के साथ हैं। वे यह बात लिख कर मुझे दे दें। मैं कल ही विधानसभा स्पीकर को वह कॅापी दे दूंगा। साथ के साथ उन विधायकों की सदस्यता भी समाप्त हो जाएगी। जो विधायक यह बात लिख कर देंगे वे विधानसभा में इनेलो की बेंच पर नहीं बैठेंगे। जो यह लिख कर नहीं देगा वह कहीं नहीं जा सकता मेरी बेंच पर ही बैठना पड़ेगा।
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अभय की इस नसीहत का तात्पर्य गैर मौजूद रहे विधायकों के लिए तो था ही साथ ही जो विधायक आज आए थे परोक्ष तौर पर यह नसीहत उनके लिए भी थी।
पार्टी कार्यकर्ताओं को न पेड वर्कर कहा न लगवाए नारे
अभय चौटाला
अभय सिंह चौटाला ने पिछले कई दिनों से अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों पर जवाब देते हुए खुद का बचाव किया। अभय ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी इनेलो के कार्यकर्ताओं व नेताओं को पेड अथवा कांग्रेसी वर्कर नहीं कहा। अभय ने कहा कि आज दुष्यंत कुछ ऐसे लोगों के चंगुल में हैं जो कांग्रेस के एजेंट हैं।
ऐसे चेहरों की पहचान करने के बाद जब उन्होंने विरोध किया तो दुष्यंत भी खिलाफ हो गए। अभय ने दावा किया कि आज तक हुए किसी भी कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं को अपने समर्थन में नारे नहीं लगाने दिए। नारे हमेशा ताऊ देवीलाल और चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के लगाए जाते हैं और किसी को यह अधिकार नहीं है।
कठिन समय में मैंने पार्टी को जोड़ा और मजबूत बनाया
नेता विपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि अजय चौटाला ने दस साल राजस्थान की राजनीति की है। उस समय मैं उन्हें पीठ पीछे से मजबूती देता रहा। उनसे पहले मैं हरियाणा की राजनीति में सक्रिय था। मैंने पार्टी को मजबूत किया है। ऐसी विषम परिस्थतियों में भी मैं चुनाव लड़कर जीता, जब राष्ट्रीय दलों की राजनीति के आगे लोग आगे आने से डर रहे थे।
मैंने रोड़ी का उपचुनाव 98 प्रतिशत मतों से जीता और रिकार्ड बनाया। अब लोग चार साल बनाम चालीस साल का हवाला दे रहे हैं। जिस समय पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला जेल गए, उस कठिन समय में मैंने पार्टी को जोड़ने और मजबूत बनाने का काम किया। तब यह विधायक मेरे पास आए थे और बोले थे कि आप पार्टी को संभालो, हम आपके साथ हैं। अब परिवार में इस तरह की बातें करना शोभा नहीं देता।
ऐसे चेहरों की पहचान करने के बाद जब उन्होंने विरोध किया तो दुष्यंत भी खिलाफ हो गए। अभय ने दावा किया कि आज तक हुए किसी भी कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं को अपने समर्थन में नारे नहीं लगाने दिए। नारे हमेशा ताऊ देवीलाल और चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के लगाए जाते हैं और किसी को यह अधिकार नहीं है।
कठिन समय में मैंने पार्टी को जोड़ा और मजबूत बनाया
नेता विपक्ष अभय चौटाला ने कहा कि अजय चौटाला ने दस साल राजस्थान की राजनीति की है। उस समय मैं उन्हें पीठ पीछे से मजबूती देता रहा। उनसे पहले मैं हरियाणा की राजनीति में सक्रिय था। मैंने पार्टी को मजबूत किया है। ऐसी विषम परिस्थतियों में भी मैं चुनाव लड़कर जीता, जब राष्ट्रीय दलों की राजनीति के आगे लोग आगे आने से डर रहे थे।
मैंने रोड़ी का उपचुनाव 98 प्रतिशत मतों से जीता और रिकार्ड बनाया। अब लोग चार साल बनाम चालीस साल का हवाला दे रहे हैं। जिस समय पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला और अजय चौटाला जेल गए, उस कठिन समय में मैंने पार्टी को जोड़ने और मजबूत बनाने का काम किया। तब यह विधायक मेरे पास आए थे और बोले थे कि आप पार्टी को संभालो, हम आपके साथ हैं। अब परिवार में इस तरह की बातें करना शोभा नहीं देता।
मुझे अंदाजा नहीं था मेरा बड़ा भाई ऐसा करेगा
इनेलो नेता अभय चौटाला
अभय सिंह चौटाला ने बड़ा सियासी दांव चला है। परिवार की लड़ाई में बड़े भाई को कठघरे में खड़ा करते हुए अभय चौटाला ने कहा है कि 17 नवंबर को जींद में मेरी सत्रहवीं करने की तैयारी थी। मुझे अफसोस है कि मरे बड़े भाई ने यह तैयारी की। मुझे दुर्योधन और जयचंद बताने वाले बड़े भाई को हमेशा ताकत देने का काम मैने किया किया है, लेकिन इन शब्दों से मैं आहत हुआ हूं।
मैने जब दुर्योधन शब्द पर आपत्ति जताई तो अजय ने कहा कि छोटा भाई मेरा अजीज है, लेकिन बात यहीं नहीं थमी और मुझे किनारे कर दिया गया। मुझ पर आरोप लगाया गया कि मैने कार्यकर्ताओं को पार्टी से दूर किया। करनाल में अजय की मौजूदगी में मंच से यह कहा गया कि दो बसे खड़ी हैं एक का ड्राइवर अभय है एक का दुष्यंत। किस पर बैठना चाहोगे। वहां यह भी कहा गया कि अजय और ओम प्रकाश चौटाला चुनाव नहीं लड़ सकते। अब तो दुष्यंत ही सीएम बन सकते हैं।
अभय चौटाला ने कहा कि उनका कभी भी अजय सिंह के साथ कोई विवाद नहीं रहा है और आज भी नहीं है। अगर विवाद होता तो शायद बीस साल पहले के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान वह पंडाल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठने की बजाए मंच पर बैठते। अभय ने कहा कि उन्होंने हमेशा से ही पर्दे के पीछे और मंच पर आकर अपने बड़े भाई को राजनीतिक शक्ति प्रदान करने का काम किया है। इसके उलट पिछले कुछ दिनों से उनके बड़े भाई द्वारा उन्हें कभी दुर्योधन कहा जा रहा है तो कभी उनके बच्चों द्वारा जयचंद कहा जा रहा है।
अभय ने भरे मन से कहा कि हरियाणा या उत्तर प्रदेश में उम्रदराज लोगों द्वारा खुद की 17वीं करने की तो परंपरा है लेकिन मेरा बड़ा भाई ही 17 नवंबर को जींद में 17वीं करने की बात करता है तो यह बेहद पीड़ादायक है। अभय चौटाला ने कहा कि जब चौधरी ओम प्रकाश चौटाला व अजय चौटाला जेल गए तो उन्होंने न केवल दुष्यंत व दिग्विजय को राजनीतिक रूप से मजबूत किया बल्कि परिवार को भी संभालने का प्रयास किया है।
मैने जब दुर्योधन शब्द पर आपत्ति जताई तो अजय ने कहा कि छोटा भाई मेरा अजीज है, लेकिन बात यहीं नहीं थमी और मुझे किनारे कर दिया गया। मुझ पर आरोप लगाया गया कि मैने कार्यकर्ताओं को पार्टी से दूर किया। करनाल में अजय की मौजूदगी में मंच से यह कहा गया कि दो बसे खड़ी हैं एक का ड्राइवर अभय है एक का दुष्यंत। किस पर बैठना चाहोगे। वहां यह भी कहा गया कि अजय और ओम प्रकाश चौटाला चुनाव नहीं लड़ सकते। अब तो दुष्यंत ही सीएम बन सकते हैं।
अभय चौटाला ने कहा कि उनका कभी भी अजय सिंह के साथ कोई विवाद नहीं रहा है और आज भी नहीं है। अगर विवाद होता तो शायद बीस साल पहले के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान वह पंडाल में कार्यकर्ताओं के साथ बैठने की बजाए मंच पर बैठते। अभय ने कहा कि उन्होंने हमेशा से ही पर्दे के पीछे और मंच पर आकर अपने बड़े भाई को राजनीतिक शक्ति प्रदान करने का काम किया है। इसके उलट पिछले कुछ दिनों से उनके बड़े भाई द्वारा उन्हें कभी दुर्योधन कहा जा रहा है तो कभी उनके बच्चों द्वारा जयचंद कहा जा रहा है।
अभय ने भरे मन से कहा कि हरियाणा या उत्तर प्रदेश में उम्रदराज लोगों द्वारा खुद की 17वीं करने की तो परंपरा है लेकिन मेरा बड़ा भाई ही 17 नवंबर को जींद में 17वीं करने की बात करता है तो यह बेहद पीड़ादायक है। अभय चौटाला ने कहा कि जब चौधरी ओम प्रकाश चौटाला व अजय चौटाला जेल गए तो उन्होंने न केवल दुष्यंत व दिग्विजय को राजनीतिक रूप से मजबूत किया बल्कि परिवार को भी संभालने का प्रयास किया है।
दुर्योधन और जयचंद कहने से आहत हूं
इनेलो नेता अभय चौटाला
अभय ने कहा कि मुझे दुर्योधन और जयचंद बताया जा रहा है। ऐसा कहने वाले लोग पार्टी का जनाधार खत्म करने का काम कर रहे हैं। उन्हें पुर्नविचार करना चाहिए। उन्हें यह समझना चाहिए कि पार्टी के हेड ओम प्रकाश चौटाला हैं। मेरा सिर्फ एक मकसद है कि कांग्रेस और भाजपा सत्ता से बाहर होनी चाहिए।
मैं दोषी हुआ तो अपना बस्ता लेकर घर चला जाऊंगा
अभय चौटाला ने कहा कि न तो मैं सीएम की रेस में था और न ही मैने कभी यह इच्छा जाहिर की। मैने हमेशा खुद यह कहा कि चौटाला साहब ही सीएम होंगे। अगर कोई कानूनी अड़चन आई तो हम बैठ कर तय करेंगे कि सीएम कौन होना चाहिए।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अजय को भी पार्टी से निकाला
बता दें कि चौटाला परिवार में चौधरी देवीलाल की विरासत की जंग में आखिरकार इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का चश्मा बुधवार को टूट गया। पार्टी में लंबे समय से चली आ रही खींचतान दोफाड़ बदल गई। दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निकालने बाद प्रधान महासचिव अजय चौटाला को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाल दिया गया। चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला की प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया गया कि अजय का निष्कासन पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के हस्ताक्षर से किया गया है।
मैं दोषी हुआ तो अपना बस्ता लेकर घर चला जाऊंगा
अभय चौटाला ने कहा कि न तो मैं सीएम की रेस में था और न ही मैने कभी यह इच्छा जाहिर की। मैने हमेशा खुद यह कहा कि चौटाला साहब ही सीएम होंगे। अगर कोई कानूनी अड़चन आई तो हम बैठ कर तय करेंगे कि सीएम कौन होना चाहिए।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में अजय को भी पार्टी से निकाला
बता दें कि चौटाला परिवार में चौधरी देवीलाल की विरासत की जंग में आखिरकार इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) का चश्मा बुधवार को टूट गया। पार्टी में लंबे समय से चली आ रही खींचतान दोफाड़ बदल गई। दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला को पार्टी से निकालने बाद प्रधान महासचिव अजय चौटाला को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी से निकाल दिया गया। चंडीगढ़ में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला की प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया गया कि अजय का निष्कासन पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के हस्ताक्षर से किया गया है।