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Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok Sabha Election 2019, Rebellion in Shiromani Akali Dal, New Party from 16 December

बागी, 'आप' और शिअद विधायक एक मंच पर आए तो नई सियासत का होगा उदय, रूपरेखा तैयार

Sun, 16 Dec 2018 09:20 AM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 16 Dec 2018 09:20 AM IST
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Lok Sabha Election 2019, Rebellion in Shiromani Akali Dal, New Party from 16 December
सुखपाल खैरा - फोटो : file photo
बागी अकाली 16 दिसंबर को नए दल की शुरुआत करने जा रहे हैं और इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। बागी टकसाली अकालियों द्वारा पूरा गणित तैयार किया जा रहा है। हमख्याली लोगों को साथ लाने के लिए बागी टकसाली आप के बागी विधायकों के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। सियासी माहिरों का कहना है कि अगर बैंस ब्रदर्स, खैरा गुट और बागी टकसाली अकाली दल एक मंच पर आ गए तो निश्चित तौर पर पंजाब में एक नई सियासत का उदय होगा। अकाली दल के बागी नेता सेवा सिंह सेखवां, सांसद रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, सांसद रतन सिंह अजनाला के साथ जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहड़ा का गुट भी आकर खड़ा हो गया है।
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पूर्व कैबिनेट मंत्री मंजीत सिंह कलकत्ता भी साथ आ गए हैं। इसके अलावा पूर्व विधायक मनमोहन सिंह सठियाला, पूर्व विधायक बोनी अजनाला और पूर्व विधायक रविंदर ब्रह्मपुरा भी साथ हैं। अकाली दल के टकसाली नेताओं की नजर एसजीपीसी के पूर्व प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ के अलावा पूर्व मंत्री तोता सिंह व सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा पर भी है। सांसद ढींढसा भी पार्टी से किनारा कर चुके हैं। रविवार को नई पार्टी का आगाज अमृतसर से हो जाएगा और टकसाली अकाली नेता माझा में एक मजबूत मंच से इसकी शुरुआत करेंगे। पार्टी को मालवा और दोआबा में भी अपना जनाधार जोड़ना है।
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इसलिए बागी टकसाली नेता बैंस बंधुओं के अलावा खैरा के साथ भी बातचीत की जा रही है। पार्टी की तरफ से सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा के साथ साथ सुखदेव सिंह ढींढसा से भी संपर्क कर रहे हैं ताकि मालवा में भी नए अकाली दल को मजबूत किया जा सके। बागी टकसाली नेताओं को ज्यादा दिक्कत बिक्रम मजीठिया से है। ऐसे में मजीठिया के विरोधी पूर्व मंत्री आदेश प्रताप कैरो से भी संपर्क किया जा रहा है। आदेश प्रताप कैरो पूर्व सीएम के पुत्र और सुखबीर बादल के जीजा हैं लेकिन मजीठिया व कैरो में छत्तीस का आकड़ा है। बागी टकसाली अकाली नेता कैरो को भी साथ मिलाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं क्योंकि यह किसी से छिपा नहीं है कि कैरो भी अकाली दल में बिल्कुल हाशिये पर हैं। 
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