मनोहर लाल का बड़ा बयान, भाजपा जीतेगी पूरी दस सीटें, गठबंधन करने वालों की लगी लाइन
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हरियाणा में गरमाई गठबंधन की राजनीति पर कटाक्ष करते हुए सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि एक दौर था जब भाजपा हरियाणा में इतनी मजबूत नहीं थी।
उस समय हम हरियाणा विकास पार्टी और इनेलो से गठबंधन करते घूमते थे, लेकिन अब भाजपा इतनी मजबूत है कि लोग गठबंधन के लिए हमारे पीछे घूम रहे हैं और हम गठबंधन नहीं कर रहे हैं।
ऐसा नहीं है कि गठबंधन के लिए घूमने वाले लोग समाज के हित के लिए गठबंधन करना चाहते हैं। यह वे लोग हैं जो सत्ता में भागीदारी सत्ता का चस्का लेने के लिए गठबंधन करना चाह रहे हैं। अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि हरियाणा की सभी दस लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत होगी।
चुनाव छोटे मोटे मुद्दो को छोड़कर अब बड़े मुददों पर आ गया है। इस बार के चुनाव में राष्ट्रवाद मुद्दा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दोबारा पूर्ण बहुमत से सत्ता में आना तय है। उनके आस-पास भी कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार डिलीवर करने वाली सरकार है। ट्रांसफर पॉलिसी, नौकरी में पारदर्शिता आौर तकनीक को विकसित कर हमने हरियाणा को बहुत आगे ला दिया है। आज फर्द लेनी हो तो आसानी से मिलती है। जमीनों के इंतकाल सालों नहीं होते थे। आज की तारीख में हम जीरो म्युटेशन पर काम कर रहे हैं। विवादित मामलों को छोड़कर जमीनों का कोई भी इंतकाल बाकी नहीं है।
बिजली
बिजली एक ऐसा मुददा है कि सभी राज्यों में मुख्यमंत्री 24 घंटे देने का वादा करते हैं। हमने साढ़े तीन हजार गांव में 24 घंटे बिजली दी है। वह भी बिजली बिलों का भुगतान न करने की आदत को बदलकर ऐसा किया है।
राबर्ट वाड्रा
वाड्रा प्रकरण पर ऐजेंसियां अपना काम कर रही हैं। ढींगरा आयोग के गठन का मकसद पूरा हो चुका है। कांग्रेसियों ने खुद ही हाईकोर्ट में जाकर आयोग की रिपोर्ट पर रोक लगवाई है। लिहाजा जनता यह जान चुकी है कि असलियत क्या है।
जाट आंदोलन
प्रदेश सरकार ने यह तय किया है कि आरक्षण के लिए हम एक्ट बनाएंगे, लेकिन कुछ लोग आश्वासन देने के बाद भी आंदोलन की बात कह रहे हैं। ऐसे लोगों की मंशा आरक्षण नहीं है, वे तो कुछ और ही चाहत रखते हैं।
डेरा समर्थन
पिछले चुनाव में हमने डेरा से वोट हासिल किए थे। इस चुनाव में भी पार्टी डेरे की राजनीतिक विंग से संपर्क करेगी। वोट देना या न देना यह उनका काम है। हां डेरो में समाज विरोधी गतिविधियां सरकार नहीं होने देगी।
हरियाणा में हुई हिंसा पर
कभी-कभी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। हमारी पार्टी इस सब पर राजनीति नहीं करना चाहती है। रोहतक, सोनीपत, झज्जर और जींद के लोग सब जानते हैं कि क्या हुआ था और किसके इशारों पर हुआ था।
राम रहीम को निकालना मुश्किल था
डेरे के अंदर से राम रहीम को निकालना मुश्किल था। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों का जमावड़ा था। हम कल्पना भी नहीं कर सकते कि यदि कोर्ट कहता कि गिरफ्तार कर पेश करो तो कितना नुकसान होता। इसलिए सूझ-बूझ के साथ काम लिया।