फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lok sabha 2019, Punjab number one in case of drug seize after the election code of conduct

आचार संहिता लगने के बाद ड्रग्स पकड़ने के मामले में पंजाब नंबर वन, सरकार के दावों की खुली पोल

Thu, 28 Mar 2019 10:22 AM IST
ajay kumar नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)
नवनीत छिब्बर, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 28 Mar 2019 10:22 AM IST
विज्ञापन
Lok sabha 2019, Punjab number one in case of drug seize after the election code of conduct
प्रतीकात्मक तस्वीर

चुनाव आयोग के आंकड़ों ने ड्रग्स के कारोबार पर लगाम कसने के पंजाब सरकार के दावों की पोल खोल दी है। चुनाव आचार संहिता लगने के बाद देश भर में पंजाब में सबसे ज्यादा ड्रग्स पकड़ी गई है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद अभी तक देश भर में 133.862 करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई है। अकेले पंजाब में ही 85 करोड़ 56 लाख की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है।

विज्ञापन


दूसरे नंबर पर पूर्वोत्तर का राज्य मणिपुर है। हालांकि इस मामले में वह पंजाब का एक तिहाई भी नहीं है। मणिपुर में 21 करोड़ 18 लाख की ड्रग्स पकड़ी गई है। केंद्र की सियासत में सबसे अहम भूमिका रखने वाला उत्तर प्रदेश तीसरे नंबर पर है। यूपी में अभी तक 15 करोड़ 12 लाख की ड्रग्स पकड़ी जा चुकी है। चौथे नंबर पर कांग्रेस शासित राजस्थान है। जहां 3 करोड़ 45 लाख की ड्रग्स पकड़ी गई है। वहीं महाराष्ट्र 3 करोड़ 17 लाख की ड्रग्स धरपकड़ के साथ पांचवें नंबर पर है। 

विज्ञापन

Lok sabha 2019, Punjab number one in case of drug seize after the election code of conduct
सांकेतिक तस्वीर

हैरानी की बात यह है कि पंजाब के आतंकवाद प्रभावित पड़ोसी राज्य जम्मू और कश्मीर में ड्रग्स का कोई मामला पकड़ में नहीं आया है। यही स्थिति कृषि प्रधान हरियाणा में है। जहां ड्रग्स की धरपकड़ का कोई मामला सामने ही नहीं आया है। वहीं दूसरे पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में करीब 30 लाख की ड्रग्स पकड़ी गई है।

चुनाव आचार संहिता लागू होने के साथ ही राज्य के हर लोकसभा क्षेत्र में 3 अतिरिक्त स्पेशल टीमें लगाई गई हैं। वहीं जिला स्तर पर राज्य के हर जिले में 7 अतिरिक्त टीमें तैनात हैं। इसके साथ ही राज्य में स्पेशल टीमें भी तैनात हैं। इनका मकसद चुनाव के दौरान पैसों व गहनों के अवैध लेन-देन, नशे और शराब पर रोक लगाना है। राज्य में स्पेशल टीमों के साथ ही बीएसएफ भी अपना काम कर रही है। अभियान में सी-विजिल एप बहुत कामयाब साबित हो रहा है। - डॉ एस. करुणा राजू, मुख्य चुनाव अधिकारी, पंजाब

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed