कैप्टन अमरिंदर बोले- मनमोहन नहीं लड़ेंगे चुनाव, पंजाब में आप-कांग्रेस गठबंधन से भी इनकार
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से स्पष्ट किया है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के तौर पर विचार नहीं किया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने यह साफ कर दिया है कि वे चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं।
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ ने दावा किया था कि उन्होंने डॉ. मनमोहन सिंह से अमृतसर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। इसके बाद पंजाब के कई अन्य कांग्रेस नेताओं के बयान भी आए जिसमें कहा गया कि डॉ. सिंह अमृतसर से चुनाव लड़ेंगे। इसके साथ ही मीडिया में यह खबर चलने लगी कि कांग्रेस ने मनमोहन सिंह से अमृतसर सीट से चुनाव लड़ने को कहा है।
मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते शनिवार को दिल्ली में उनकी डॉ. मनमोहन सिंह से औपचारिक मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को पंजाब में कांग्रेस की चुनाव रणनीति के बारे में जानकारी दी थी। कैप्टन ने मनमोहन सिंह के अमृतसर से चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि मनमोहन सिंह खुद ही चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं।
पंजाब में आप कांग्रेस के बीच नहीं होगा गठबंधन
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोकसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) या किसी अन्य पार्टी के साथ किसी भी तरह की गठबंधन वार्ता को स्पष्ट रूप से नकार दिया है। मंगलवार को पंजाब वेयरहाउसिंग कारपोरेशन के कार्यालय में चेयरमैन राजकुमार वेरका के साथ मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को पंजाब में किसी से गठजोड़ करने की जरूरत नहीं है और पार्टी इस मामले में किसी भी पार्टी से कोई बातचीत नहीं कर रही है।
आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के उस बयान पर कि पंजाब में गठबंधन के लिए बातचीत जारी है, के बारे में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसे किसी बयान की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पंजाब में किसी सहयोगी की जरूरत नहीं है। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं के बारे में आत्मविश्वास से भरे मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी इन चुनावों को लेकर पूरी तरह तैयार है। इसका स्पष्ट प्रमाण यह है कि पार्टी ने सीडब्ल्यूसी की बैठक के लिए भी अहमदाबाद को चुना जो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह क्षेत्र है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में उत्साह का स्तर इसी से स्पष्ट हो जाता है कि कांग्रेस अब भाजपा को सटीक निशाने पर लेने को पूरी तरह तैयार है। पंजाब में चुनाव की तारीख में इतना लंबा समय दिए जाने के बारे में पूछे सवाल पर कैप्टन ने कहा कि यह चुनाव आयोग का विशेषाधिकार है और वे इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहेंगे।नियंत्रण रेखा के पार भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक का क्या केंद्र में भाजपा को लाभ हो सकता है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सैनिक हर रोज मारे जा रहे हैं। भारत पर पाक समर्थित हमलों के खिलाफ अब तक एयर स्ट्राइक स्पष्ट रूप से निर्णायक साबित नहीं हुई है। उन्होंने दोहराया कि भारतीय सेनाओं का राजनीतिकरण करने का कोई प्रयास नहीं किया जाना चाहिए।
मार्च के अंत तक होगा कांग्रेस प्रत्याशियों का एलान
पंजाब में कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा में अभी 10-12 दिन का समय और लग सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार चूंकि राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान में काफी समय बचा है। इसलिए अभी प्रत्याशियों की घोषणा कर देने से खुद प्रत्याशी ही मुश्किल में पड़ जाएंगे क्योंकि करीब दो महीने की समयावधि में उनका खर्च तय सीमा से आगे जा सकता है।
दूसरी ओर, टिकट से वंचित रहने वाले कई पार्टी नेता चुनाव के लिए अपनी रणनीति का एलान कर पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, मार्च माह के अंतिम सप्ताह में प्रत्याशियों का एलान हो सकता है। इसी हफ्ते होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में पंजाब के प्रत्याशियों पर विचार किए जाने का फैसला किया गया था लेकिन अब इसे इस महीने के अंत में होने वाली बैठक तक टाला जा सकता है।
इस संबंध में मंगलवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी एक बयान में कहा है कि कांग्रेस प्रत्याशियों के बारे में अगले सप्ताह के अंत में दिल्ली में अगली बैठक होने जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कोई जल्दी नहीं है क्योंकि चुनाव की तारीख में अभी दो महीने से भी ज्यादा का समय है।