फरीदकोटः इस बार आसान नहीं दिख रही प्रो. साधू सिंह की राह, 2014 के बाद बदले समीकरण
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आम आदमी पार्टी ने फरीदकोट आरक्षित लोकसभा सीट से अपने निवर्तमान सांसद प्रो. साधू सिंह को उम्मीदवार घोषित किया है। लेकिन इस बार उनकी राह इतनी आसान नहीं दिखाई दे रही। 2014 में आम आदमी पार्टी की व्यापक हवा के चलते फरीदकोट सीट से प्रो. साधू सिंह ने शिअद की परमजीत कौर गुलशन को करीब दो लाख मतों के अंतर से मात दी थी। इस बार फरीदकोट संसदीय क्षेत्र के राजनीतिक हालात बदल चुके हैं।
आप ने पिछले साल 30 अक्टूबर को पंजाब की पांच लोकसभा सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। जिसमें फरीदकोट से वर्तमान सांसद प्रो. साधू सिंह का नाम भी शामिल था। जानकारी के अनुसार 2014 में पहला मौका था जब किसी नई पार्टी के उम्मीदवार को फरीदकोट के लोगों ने चुनकर संसद में भेजा था। हालांकि फरीदकोट की सीट शिअद के प्रभाव वाली सीट रही है। 1977 के बाद इस सीट पर कुल 11 बार चुनाव हुए जिसमें शिअद सबसे ज्यादा 6 बार विजयी रहा जबकि कांग्रेस को तीन बार सफलता मिली।
2014 में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार प्रो. साधू सिंह ने शिअद की परमजीत कौर गुलशन को हराया था। प्रो. साधु सिंह को 4 लाख 50 हजार 751 और परमजीत कौर गुलशन को 2 लाख 78 हजार 235 मत मिले थे। तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार जोगिंदर सिंह पंजगराईं को 2 लाख 51 हजार 222 मत मिले थे। उस समय आप को फरीदकोट संसदीय सीट की नौ विधानसभा सीटों में से सात सीटों फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, बाघापुराना, निहाल सिंह वाला, मोगा, धर्मकोट में भारी लीड मिली थी।
शिअद को रामपुरा फूल और कांग्रेस को गिद्दड़बाहा से बढ़त मिली थी। 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में लोगों ने आम आदमी पार्टी से मुंह फेर लिया। विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को कोटकपूरा, जैतो और निहाल सिंह वाला विधानसभा सीटों पर सफलता मिली जबकि बाकी छह सीटों फरीदकोट, गिद्दड़बाहा, रामपुरा फूल, मोगा, बाघापुराना और धर्मकोट में कांग्रेस को सफलता मिली। हालांकि वोटों की गिनती के हिसाब से आम आदमी पार्टी को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था।
2017 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 3 लाख 84 हजार 078 वोट मिले थे जो 2014 में मिले मतों से 66 हजार 673 वोट कम थे लेकिन कांग्रेस के वोटों में काफी वृद्धि दर्ज की गई। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहा था लेकिन विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को 4 लाख 46 हजार 474 वोट मिले जो 2014 में हासिल हुए वोटों के मुकाबले 1 लाख 95 हजार 252 वोट अधिक थे।
विधानसभा चुनाव में शिअद को फरीदकोट संसदीय सीट में 76 हजार 259 वोटों का फायदा हुआ था लेकिन उसे एक भी सीट पर लीड नहीं हासिल हो सकी थी। पिछले एक साल से आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई में व्यापक स्तर पर हुई उठापटक व कलह के हालात में अब प्रो. साधू सिंह की राह आसान नहीं दिख रही। आप से बागी सुखपाल खैरा ने पंजाबी एकता पार्टी का गठन कर लिया गया है और उन्होंने फरीदकोट सीट पर जैतो क्षेत्र से आप के बागी विधायक मास्टर बलदेव सिंह को उम्मीदवार घोषित कर दिया है जिसका सीधा नुकसान प्रो. साधू सिंह को होगा।