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लॉकडाउन: घर में फंसे पैरामिलिट्री जवानों के लिए दौड़ेंगी विशेष ट्रेनें, तुरंत वापसी चाहता हाईकमान
Thu, 21 May 2020 10:09 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 21 May 2020 10:09 AM IST
सार
- छुट्टियों पर गए विभिन्न पैरामिलिट्री फोर्स के जवान लॉकडाउन में फंसे
- हाईकमान के आदेश- जल्द जवान यूनिटों, हेड क्वार्टर्स में पहुंचे
- विभिन्न राज्यों से 30 विशेष ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव
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Indian Army
- फोटो : Social Media
विस्तार
देश के विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन से पहले छुट्टी पर गए पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकतर जवान अपने घरों में फंसे हुए हैं, जबकि हाईकमान इनकी तुरंत वापसी चाहता है। इन पैरामिलिट्री जवानों को अब जल्द से जल्द उनकी यूनिटों और स्टेशन हेड क्वार्टर्स तक पहुंचाने के लिए विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी हो रही है।
यह ट्रेनें विशेष तौर पर सिर्फ इन्हीं पैरामिलिट्री जवानों के लिए चलाई जाएंगी, जो उन्हें उनकी यूनिटों और स्टेशन हेडक्वार्टर तक पहुंचाने में मददगार होंगी। पड़ोसी मुल्कों से तल्खी और मौजूदा सुरक्षा हालातों के मद्देनजर विभिन्न अर्धसैनिक बलों के आला अफसर अपने-अपने जवानों की तुरंत वापसी चाहते हैं।
यह भी पढ़ें: नापाक हरकतें जारी हैं...दुश्मन को जवाब देने को कितनी तैयार सेना, कमांडर ने खुद देखीं तैयारियां
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बताते चलें कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आइटीबीपी, आरपीएफ, राष्ट्रीय राइफल्स, सशस्त्र सीमा बल समेत विभिन्न पैरामिलिट्री फोर्स के जवान लॉकडाउन से पहले छुट्टी पर गए थे। यातायात साधन ठप होने की वजह से अब यह सभी जवान अपने घरों में ही फंस गए हैं।
पड़ोसी मुल्कों की नापाक हरकतों और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए इन अर्धसैनिक बलों के जवानों को तुरंत वापस बुलाने की तैयारी है। पैरामिलिट्री फोर्स से जुड़े आला अफसर ने बताया कि जवानों को वापस ड्यूटी पर पहुंचाने के लिए 30 विशेष ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलते ही यह ट्रेनें जवानों को लेने निकल जाएंगी। पहले चरण में 8 से 10 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
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यह ट्रेनें विशेष तौर पर सिर्फ इन्हीं पैरामिलिट्री जवानों के लिए चलाई जाएंगी, जो उन्हें उनकी यूनिटों और स्टेशन हेडक्वार्टर तक पहुंचाने में मददगार होंगी। पड़ोसी मुल्कों से तल्खी और मौजूदा सुरक्षा हालातों के मद्देनजर विभिन्न अर्धसैनिक बलों के आला अफसर अपने-अपने जवानों की तुरंत वापसी चाहते हैं।
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बताते चलें कि बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आइटीबीपी, आरपीएफ, राष्ट्रीय राइफल्स, सशस्त्र सीमा बल समेत विभिन्न पैरामिलिट्री फोर्स के जवान लॉकडाउन से पहले छुट्टी पर गए थे। यातायात साधन ठप होने की वजह से अब यह सभी जवान अपने घरों में ही फंस गए हैं।
पड़ोसी मुल्कों की नापाक हरकतों और मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए इन अर्धसैनिक बलों के जवानों को तुरंत वापस बुलाने की तैयारी है। पैरामिलिट्री फोर्स से जुड़े आला अफसर ने बताया कि जवानों को वापस ड्यूटी पर पहुंचाने के लिए 30 विशेष ट्रेनें चलाने का प्रस्ताव है। केंद्र सरकार की हरी झंडी मिलते ही यह ट्रेनें जवानों को लेने निकल जाएंगी। पहले चरण में 8 से 10 ट्रेनें चलाई जाएंगी।
यूनिटों में पहुंचने के बाद 14 दिन क्वारंटीन रहेंगे
जैसे ही पैरामिलिट्री फोर्सेस के जवान अपनी-अपनी यूनिटों और स्टेशन मुख्यालयों तक पहुंचेंगे, वहां उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन रखा जाएगा। इसके लिए सभी स्टेशन मुख्यालय में क्वारंटीन कैंपस की व्यवस्था भी की जा रही है। बैरकों में भी पहले की अपेक्षाकृत आधे से कम संख्या में जवान रहेंगे। सुबह की सामूहिक परेड और पीटी फिलहाल स्थगित रहेगी।
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कैंपस में सक्रिय रहेगी कोविड-19 टास्क टीम
सभी अर्धसैनिक बलों के स्टेशन मुख्यालयों में कोविड-19 टास्क टीम पूरी तरह से सक्रिय रहेगी। यह टीम जवानों को जागरूक करते हुए कैंपस में कोरोना संक्रमण को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स समेत इस संदर्भ में जारी लोकल गाइडलाइंस को इंप्लीमेंट कराएगी। कैंपस में सभी जवानों और अफसरों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
गेट पर थर्मल स्कैनर सैनिटाइजेशन सिस्टम इत्यादि की व्यवस्था भी टीम सुनिश्चित कराएगी। कुछेक अर्ध सैनिक बल के स्टेशन मुख्यालयों में यह व्यवस्था भी बनाई गई है कि कैंपस में जो भी अफसर अपनी निजी गाड़ी से ऑफिस आते हैं, उनकी गाड़ी सीधे घर से कार्यालय आएगी और कार्यालय से बिना कहीं रुके सीधे घर जाएगी। यह व्यवस्था फिलहाल संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिहाज से बनाई गई है।
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कैंपस में सक्रिय रहेगी कोविड-19 टास्क टीम
सभी अर्धसैनिक बलों के स्टेशन मुख्यालयों में कोविड-19 टास्क टीम पूरी तरह से सक्रिय रहेगी। यह टीम जवानों को जागरूक करते हुए कैंपस में कोरोना संक्रमण को लेकर मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स समेत इस संदर्भ में जारी लोकल गाइडलाइंस को इंप्लीमेंट कराएगी। कैंपस में सभी जवानों और अफसरों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
गेट पर थर्मल स्कैनर सैनिटाइजेशन सिस्टम इत्यादि की व्यवस्था भी टीम सुनिश्चित कराएगी। कुछेक अर्ध सैनिक बल के स्टेशन मुख्यालयों में यह व्यवस्था भी बनाई गई है कि कैंपस में जो भी अफसर अपनी निजी गाड़ी से ऑफिस आते हैं, उनकी गाड़ी सीधे घर से कार्यालय आएगी और कार्यालय से बिना कहीं रुके सीधे घर जाएगी। यह व्यवस्था फिलहाल संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिहाज से बनाई गई है।