विधायक जीरा पर शराब कारोबारी ने लगाए आरोप, कहा- पहले मांगे 15 लाख, अब मांग रहे 50 लाख
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शराब व्यवसायी फरमान सिंह संधू ने सोमवार को विधायक कुलबीर जीरा पर कई आरोप लगाए। प्रेस कांफ्रेंस में संधू ने कहा कि विधायक कुलबीर सिंह जीरा उससे महीना मांग रहे है। पिछले साल 15 लाख रुपये दिए थे, लेकिन इस साल 50 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। पैसा नहीं देने पर गैंगस्टरों से जानलेवा हमला करवा चुके हैं। आरोप लगाया कि कुलबीर का पीए गिन्नी गैंगस्टर है। कुलबीर हरियाणा से शराब मंगवा कर जीरा में अवैध ब्रांचें खोलकर बेच रहा है, फिर भी हमें धमका रहा है।
फरमान ने कहा कि उस पर 2000 शराब की पेटियों का फिरोजपुर सिटी थाने में मामला दर्ज करवाया गया था, जो जांच में झूठा साबित होने पर खारिज किया गया। उसने कहा कि कुलबीर ने मेरे संबंध आईजी एमएस छीना के साथ जोड़े हैं, जबकि आईजी से मेरा कोई दूर-दूर तक संबंध नहीं है। कुलबीर के पीए गिन्नी सोढ़ी पर 2013 में 302 का मुकदमा दर्ज हुआ था और अदालत ने 2015 में भगोड़ा करार दिया था, जो हमेशा विधायक के साथ रहता है।
कुलबीर के साथ हमेशा दस गैंगस्टर रहते हैं। उन्होंने कहा कि उनके मोगा, तरनतारन और फिरोजपुर जिले के 14 विधानसभा हलकों में शराब के ठेके हैं। जीरा को छोड़कर किसी भी हलके में कोई परेशानी नहीं आ रही है। मौजूदा समय में उस पर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। उसके बेटे पर भी कुलबीर ने गैंगस्टर से हमला करवाया था, जिसमें वह बच गया। इस दौरान फरमान ने सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए गैंगस्टरों के कुछ फोटो भी मीडिया को दिखाए।
फरमान ने आरोप लगाया कि विधायक कुलबीर के विक्की गौंडर और सेखों जैसे गैंगस्टरों से गहरे संबंध रहे हैं। पैसे की वसूली के लिए इन गैंगस्टरों को भी उसके घर व दफ्तर भेजा गया था। 50 लाख रुपये मांगने के संबंध में वह मंगलवार को पुलिस को शिकायत देने जा रहे हैं। इसके अलावा कुलबीर पर मानहानि का केस भी करेंगे। उन्होंने कहा कि जीरा ने अपने मामा के बेटे की शादी में उससे साढ़े तीन लाख रुपये की शराब ली, जिसका भुगतान अब तक नहीं किया।
इस मौके पर गांव भंबालंड़ा के सरपंच गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि उसकी जान को विधायक कुलबीर से खतरा है। पहले भी कुलबीर ने गैंगस्टरों से उस पर हमले करवाए हैं। उसे धमकाया गया कि वह सरपंची का नामांकन करने जाएगा तो उसे गैंगस्टरों से मरवा दिया जाएगा। उसने एसएचओ तलवंडी की मौजूदगी में नामांकन पत्र भरा और लगातार चौथी बार सर्वसम्मति से सरपंच बना। हाईकोर्ट ने उसे 25 अप्रैल 2016 को गैंगस्टरों के हमले के बाद उसे सुरक्षा मुहैया करवाई थी।