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पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी, जून तक छतबीड़ जू में बढ़ जाएगा शेर और शेरनी का कुनबा
Thu, 30 May 2019 11:55 AM IST
खुशबू गोयल
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 30 May 2019 11:55 AM IST
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छतबीड़ जू की लायन सफारी
- फोटो : फाइल फोटो
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जून के आखिर तक छतबीड़ जू नए शेरों की दहाड़ से गूंजेगा। ऐसे में यहां लायन सफारी में सैर के लिए आने वाले पर्यटक अपने आपको ठगा महसूस नहीं करेंगे। छतबीड़ जू में गुजरात राजकोट से बब्बर शेर का एक एशियन जोड़ा लाने की कवायद जू प्रशासन ने शुरू कर दी है। इसकी अनुमति गुजरात सरकार से मिल गई है।
जू प्रशासन प्रबंधन का प्रयास है कि आने वाले समय में छतबीड़ जू में शुद्ध नस्ल के एशियाई शेरों का वंश और बढ़ाया जाए। वहीं गुजरात से शेरों के जोड़े के साथ एक सफेद बाघ के जोड़े की भी अनुमति मिली है। बता दें कि एशियाई शेरों को हाल ही में लुप्तप्राय प्रजाति की श्रेणी में शामिल किया गया है। बताया गया था कि विश्व में 450 के करीब शुद्ध एशियाई शेर रह गए हैं।
एक साल के भीतर शुरू होगी ब्रिडिंग प्रक्रिया
छतबीड़ जू के डायरेक्टर एम सुधाकर ने बताया कि जू के लायन सफारी में शेर-शेरनी के 10 जोड़ों को रखा जा सकता है। वर्तमान में जू की लायन सफारी में दो पेयर शेर और शेरनी हैं। गुजरात से एक पेयर एशियन शेर शेरनी के आने के बाद इनकी संख्या करीब छह हो जाएगी। उसके एक साल के भीतर शेर और शेरनी का कुनबा बढ़ाने के लिए ब्रिडिंग प्रकिया शुरू कर दी जाएगी।
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जू प्रशासन प्रबंधन का प्रयास है कि आने वाले समय में छतबीड़ जू में शुद्ध नस्ल के एशियाई शेरों का वंश और बढ़ाया जाए। वहीं गुजरात से शेरों के जोड़े के साथ एक सफेद बाघ के जोड़े की भी अनुमति मिली है। बता दें कि एशियाई शेरों को हाल ही में लुप्तप्राय प्रजाति की श्रेणी में शामिल किया गया है। बताया गया था कि विश्व में 450 के करीब शुद्ध एशियाई शेर रह गए हैं।
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एक साल के भीतर शुरू होगी ब्रिडिंग प्रक्रिया
छतबीड़ जू के डायरेक्टर एम सुधाकर ने बताया कि जू के लायन सफारी में शेर-शेरनी के 10 जोड़ों को रखा जा सकता है। वर्तमान में जू की लायन सफारी में दो पेयर शेर और शेरनी हैं। गुजरात से एक पेयर एशियन शेर शेरनी के आने के बाद इनकी संख्या करीब छह हो जाएगी। उसके एक साल के भीतर शेर और शेरनी का कुनबा बढ़ाने के लिए ब्रिडिंग प्रकिया शुरू कर दी जाएगी।
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छतबीड़ जू में हिमाचल से भालू आएंगे
छतबीड़ जू में हिमाचल से दो भालू आएंगे। दोनों राज्यों की ओर से इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बता दें कि पंजाब वन विभाग से हिमाचल के वन विभाग ने अपने यहां के दो भालुओं को भेजने के लिए संपर्क किया था। जू के डायरेक्टर एम सुधाकर ने बताया कि हिमाचल टूटीकंडी रेस्क्यू एंड रिहेबिलिटेशन सेंटर से दो भालू भेजना चाह रहा है। सेंट्रल जू अथॉरिटी से मंजूरी मिलने के साथ ही अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही टूटीकंडी से इन भालुओं को छतबीड़ जू लाया जाएगा।
इंदौर से एक पेयर टाइगर भी
छतबीड़ जू में इंदौर से भी एक पेयर टाइगर लाने की कवायद जू प्रशासन ने शुरू कर दी है। अभी सेंट्रल जू अथॉरिटी अनुमति के लिए जू प्रशासन से प्रस्ताव बनाकर भेजा है। बता दें कि अभी छतबीड़ जू में पांच टाइगर्स (मेल) अमन, लक्ष्य, चिराग और (फीमेल) ईचरा, दीया हैं। इनमें मेल का वजन 200 किलो तक और फीमेल टाईगर का वजन 150 किलो तक है।
इंदौर से एक पेयर टाइगर भी
छतबीड़ जू में इंदौर से भी एक पेयर टाइगर लाने की कवायद जू प्रशासन ने शुरू कर दी है। अभी सेंट्रल जू अथॉरिटी अनुमति के लिए जू प्रशासन से प्रस्ताव बनाकर भेजा है। बता दें कि अभी छतबीड़ जू में पांच टाइगर्स (मेल) अमन, लक्ष्य, चिराग और (फीमेल) ईचरा, दीया हैं। इनमें मेल का वजन 200 किलो तक और फीमेल टाईगर का वजन 150 किलो तक है।