कोरोना के बीच पंडितों की बल्ले-बल्ले: 22 जनवरी से चार दिन रहेगा शादियों के लिए शुभ मुहूर्त, होंगे करीब एक हजार विवाह
विवाह के शुभ मुहूर्त शनिवार से शुरू हो रहे हैं। दिसंबर 13 के बाद शादी का पहला मुहूर्त 22 जनवरी से शुरू हो रहा है। लग्न काफी हैं।
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कोविड दिशानिर्देशों के कारण टेंट, कैटरिंग व विवाह से संबंधित कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर पंडित जी की बल्ले बल्ले हो रही है। जनवरी में विवाह के चार शुभ मुहूर्त हैं। इनमें 22, 23, 24 और 25 जनवरी हैं। इन चार दिनों में करीब एक हजार से भी अधिक विवाह होंगे। पुजारियों को विवाह के दौरान यजमानों से बेहतर दक्षिणा मिलती है। ऐसे में पुजारियों के चेहरे खिले हैं। यही नहीं कई पुजारियों ने दूसरे पुजारियों को भी अपना काम दे रखे हैं।
विवाह के शुभ मुहूर्त शनिवार से शुरू हो रहे हैं। दिसंबर 13 के बाद शादी का पहला मुहूर्त 22 जनवरी से शुरू हो रहा है। लग्न काफी हैं। ऐसे में पुजारियों के पास विवाह के कई कार्यक्रम आए हैं। ढेर सारे कार्यक्रमों के कारण पुजारी दूसरे पुजारियों को विवाह कार्य संपन्न कराने के कार्य सौंप रहे हैं। रात में कर्फ्यू के कारण लोग अपने बेटे बेटियों का विवाह दिन में करना पसंद कर रहे हैं।
क्या कहते हैं पुजारी
मेरे पर कई विवाह के यजमान हैं
चार दिनों में विवाह के कई कार्यक्रम हैं। एक दिन में कई विवाह के मांगलिक कार्य होने के कारण अन्य पुजारियों को काम भी सौंपा गया है ताकि यजमानों को परेशानी न हो। साथ ही शुभ लग्न मुहूर्त में बेटे बेटियों का वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हो। -आचार्य ईश्वर चंद्र शास्त्री, प्रमुख पुजारी खेड़ा शिव मंदिर सेक्टर-28
चार दिन में करवाने हैं कई विवाह
चार दिनों में कई विवाह के मांगलिक कार्य करवाने हैं। व्यस्तता के कारण दूसरे पंडित को भी विवाह कार्य करवाने को कहा गया है। एक ही समय में कई विवाह के कार्यक्रम होते हैं तो दूसरे पुरोहितों का सहारा लेना पड़ता है। कई विद्वानों का विवाह कार्य संपन्न करवाने के लिए मदद ली जा रही है। ऐसा तब होता है जब लग्न का जोर अधिक होता है। - डॉ. लाल बहादुर दुबे, पुजारी, श्री राधा कृष्ण मंदिर, सेक्टर-18
अधिकतर शादियां दिन में
रात्रि कर्फ्यू के कारण अब अधिकतर लोग दिन में ही विवाह करवाना पसंद कर रहे हैं। ऐसे में पुजारियों के लिए काफी व्यस्तता बढ़ गई है। सुबह 11 से एक बजे तक, दोपहर बाद दो बजे से शाम चार बजे तक और शाम पांच बजे से सात बजे तक ही शादियों के शुभ मुहूर्त हैं। रात्र में भी मुहूर्त हैं लेकिन कर्फ्यू के कारण लोग इसे पसंद नहीं कर रहे हैं। -पंडित देवी प्रसाद, पुजारी, सेक्टर- 37 परशुराम भवन