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शादी के बाद भी मेरा अफेयर था, इसके बाद दिया ऐसा बयान सुनकर दिल दहल जाएगा
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 28 Mar 2018 11:42 AM IST
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फाइल फोटो
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सारसा ट्रिपल मर्डर केस के संदिग्ध का पहली बार बयान आया है। उसने कहा कि शादी के बाद भी मेरा अफेयर था। इसके बाद संदिग्ध ने कुछ ऐसा कहा कि सुनकर दिल दहल जाएगा। जानिए संदिग्ध ने क्या कहा।
घटना हरियाणा के कुरुक्षेत्र की है। हां, शादी के बाद भी मेरा अफेयर था। इसका मतलब यह नहीं कि मैंने ही अपने तीन मासूम बच्चों को मारा। यह जवाब दिल दहला देने वाले सारसा ट्रिपल मर्डर केस के संदिग्ध पिता 28 वर्षीय सोनू मलिक ने दिया।
गांव सारसा के जमींदार घराने से ताल्लुक रखने वाला सोनू 26 मार्च की रात को कुरुक्षेत्र जेल से जमानत पर रिहा हुआ है। सोनू ने यह भी माना कि तीनों बच्चों की हत्या से एक साल पहले तक उसके हिमाचल की रहने वाली युवती से अफेयर था।
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बता दें कि 19 नवंबर 2017 को अचानक लापता हुए सोनू के बेटे समर, समीर और पुत्री सिमरन की लाशें जिला पंचकूला के मोरनी हिल्स के जंगल से मिली थी। इस नृशंस हत्या
प्रकरण में सोनू और उसके चचेरे भाई जगदीप मलिक को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन मुख्य अभियुक्त जगदीप मलिक को बनाया गया था।
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घटना हरियाणा के कुरुक्षेत्र की है। हां, शादी के बाद भी मेरा अफेयर था। इसका मतलब यह नहीं कि मैंने ही अपने तीन मासूम बच्चों को मारा। यह जवाब दिल दहला देने वाले सारसा ट्रिपल मर्डर केस के संदिग्ध पिता 28 वर्षीय सोनू मलिक ने दिया।
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गांव सारसा के जमींदार घराने से ताल्लुक रखने वाला सोनू 26 मार्च की रात को कुरुक्षेत्र जेल से जमानत पर रिहा हुआ है। सोनू ने यह भी माना कि तीनों बच्चों की हत्या से एक साल पहले तक उसके हिमाचल की रहने वाली युवती से अफेयर था।
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बता दें कि 19 नवंबर 2017 को अचानक लापता हुए सोनू के बेटे समर, समीर और पुत्री सिमरन की लाशें जिला पंचकूला के मोरनी हिल्स के जंगल से मिली थी। इस नृशंस हत्या
प्रकरण में सोनू और उसके चचेरे भाई जगदीप मलिक को पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन मुख्य अभियुक्त जगदीप मलिक को बनाया गया था।
28 दिसंबर 2017 को कुरुक्षेत्र जेल में जगदीप की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसकी मौत से पहले 24 नवंबर 2017 को एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। जिसमें जगदीप मलिक और उसकी पत्नी रीना की बातचीत सुनाई देती है। यह रिकार्डिंग उस समय की गई थी, जब जगदीप पुलिस हिरासत में था।
रिकार्डिंग में जगदीप अपनी पत्नी से यह कहता हुआ सुनाई देता है कि इस हत्या प्रकरण में सोनू का हाथ है। उसे फंसाया जा रहा है। हालांकि अब तक हुई जांच में सोनू को पिहोवा थाना पुलिस, सीआईए, एसआईटी और नार्को टेस्ट में क्लीनचिट दी जा चुकी है।
इसके बावजूद सोनू की पत्नी, ससुरालजन, कुनबे और सारसा के अधिकांश लोग सोनू मलिक को ही अपने तीनों बच्चों की हत्या का दोषी मान रहे हैं। घटनाक्रम के बाद यह पहला मौका था जब सोनू ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि मीडिया के प्रति सोनू में गुस्सा था।
उसके मुताबिक टीवी और समाचार पत्र उसे लगातार खलनायक की तरह इस हत्या में शामिल होने की बात बता रहे थे, लेकिन सच्चाई छुपाने पर भी छुप नहीं सकती। उसे अपनी सच्चाई और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के साथ कानून पर पूरा भरोसा था।
रिकार्डिंग में जगदीप अपनी पत्नी से यह कहता हुआ सुनाई देता है कि इस हत्या प्रकरण में सोनू का हाथ है। उसे फंसाया जा रहा है। हालांकि अब तक हुई जांच में सोनू को पिहोवा थाना पुलिस, सीआईए, एसआईटी और नार्को टेस्ट में क्लीनचिट दी जा चुकी है।
इसके बावजूद सोनू की पत्नी, ससुरालजन, कुनबे और सारसा के अधिकांश लोग सोनू मलिक को ही अपने तीनों बच्चों की हत्या का दोषी मान रहे हैं। घटनाक्रम के बाद यह पहला मौका था जब सोनू ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि मीडिया के प्रति सोनू में गुस्सा था।
उसके मुताबिक टीवी और समाचार पत्र उसे लगातार खलनायक की तरह इस हत्या में शामिल होने की बात बता रहे थे, लेकिन सच्चाई छुपाने पर भी छुप नहीं सकती। उसे अपनी सच्चाई और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के साथ कानून पर पूरा भरोसा था।
फाइल फोटो
सोनू के मुताबिक उसे उम्मीद थी कि वह एक दिन बेकसूर साबित होने के साथ इस कलंक से मुक्त हो जाएगा। सोमवार रात को जेल से जमानत पर रिहा होने की खबर मिलने पर गांव सारसा के हर नुक्कड़, गली-चौपाल में दिनभर एक ही चर्चा रही और ज्यादातर लोग सोनू मलिक को अपने बच्चों की हत्या में दोषी मान रहे हैं।
मीडिया को क्या दोष दूं,पत्नी, परिवार भी मान रहे थे....
खुद सोनू मलिक बोले, मैं मीडिया को क्या दोष दूं। जब मेरी पत्नी, पिता और परिवार के सदस्य भी मुझे अपने समर, समीर और सिमरन की हत्या में शामिल होने की शंका जता रहे थे। उसने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, इसलिए ज्यादा बात नहीं कर सकूंगा।
दादा का दर्द हमारे पास क्या बचा, तीनों खिलौने छिन गए
सोनू के पिता जीताराम मलिक से सारसा जाकर जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास क्या बचा अब। तीन खिलौने थे वे छिन गए। यह घर है, जो पोती-पोतों के बिना सूना है। मेरे पास 11 एकड़ जमीन थी, जिसमें से पौने चार एकड़ इस घटनाक्रम के बाद मायके जा चुकी बहू सुमन के नाम कर चुका हूं। बेटा रात में ही जमानत पर बाहर आया है। उसे अभी घर भी नहीं ला सकता, क्योंकि गांव में उसके प्रति माहौल ठीक नहीं है।
जेल से निकलते ही पिता से पूछी एसआईटी की रिपोर्ट
जेल से बाहर आने के बाद सबसे पहले बेटे से क्या बात हुई? इस सवाल के उत्तर में जीताराम मलिक ने बताया कि अब तक क्या कार्रवाई चल रही है। इसके बारे में सोनू को जेल में
कुछ पता था, लेकिन जमानत मिलने के बाद जैसे ही वह बाहर आया तो उसने सबसे पहले यही पूछा कि एसआईटी की रिपोर्ट में क्या है? तब उसे बताया कि उसे क्लीन चिट दी गई
है।
मीडिया को क्या दोष दूं,पत्नी, परिवार भी मान रहे थे....
खुद सोनू मलिक बोले, मैं मीडिया को क्या दोष दूं। जब मेरी पत्नी, पिता और परिवार के सदस्य भी मुझे अपने समर, समीर और सिमरन की हत्या में शामिल होने की शंका जता रहे थे। उसने कहा कि इस घटनाक्रम के बाद से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है, इसलिए ज्यादा बात नहीं कर सकूंगा।
दादा का दर्द हमारे पास क्या बचा, तीनों खिलौने छिन गए
सोनू के पिता जीताराम मलिक से सारसा जाकर जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास क्या बचा अब। तीन खिलौने थे वे छिन गए। यह घर है, जो पोती-पोतों के बिना सूना है। मेरे पास 11 एकड़ जमीन थी, जिसमें से पौने चार एकड़ इस घटनाक्रम के बाद मायके जा चुकी बहू सुमन के नाम कर चुका हूं। बेटा रात में ही जमानत पर बाहर आया है। उसे अभी घर भी नहीं ला सकता, क्योंकि गांव में उसके प्रति माहौल ठीक नहीं है।
जेल से निकलते ही पिता से पूछी एसआईटी की रिपोर्ट
जेल से बाहर आने के बाद सबसे पहले बेटे से क्या बात हुई? इस सवाल के उत्तर में जीताराम मलिक ने बताया कि अब तक क्या कार्रवाई चल रही है। इसके बारे में सोनू को जेल में
कुछ पता था, लेकिन जमानत मिलने के बाद जैसे ही वह बाहर आया तो उसने सबसे पहले यही पूछा कि एसआईटी की रिपोर्ट में क्या है? तब उसे बताया कि उसे क्लीन चिट दी गई
है।
फाइल फोटो
गांव या जिला ही नहीं, राज्य से बाहर गया सोनू
सोनू अब ना गांव में है, न जिला और न ही राज्य में। वह मानसिक रूप से परेशान है। अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मानसिक शांति के लिए हरियाणा से बाहर जा चुका है। उसके एक रिश्तेदार मनजीत डूमरखां ने बताया कि सोनू बात करने की स्थिति में नहीं है, लेकिन पिता के काफी समझाने के बाद ही सोनू ने अपना पक्ष रखा। पिता से जब यह पूछा कि सोनू कहां गया है तो जीताराम ने नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सोनू की हालत को देखते हुए तीन चार रिश्तेदारों को भी उसके साथ भेजा गया है।
सीबीआई जांच की मांग के लिए पंचायत आज
सारसा में पिहोवा रोड पर पेड़ के नीचे बैठे इस गांव के निवासी शमशेर सिंह, इमरत सिंह, रोहताश, सुभाष, टेका राम, बलवान, धर्मपाल, रणपत और नफे सिंह ने बताया कि तीनों बच्चों को न्याय दिलाने के लिए गांव में संघर्ष समिति का गठन किया जा चुका है। वहीं बुधवार को एक पंचायत भी बुलाई गई है, जिसमें सीएम से मिलकर उक्त मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की जाएगी। संघर्ष समिति के सदस्य महावीर सिंह ने बताया कि वे पिहोवा के विधायक जसविंद्र संधू के माध्यम से जल्द सीएम से सीबीआई जांच की मांग के लिए मिलेंगे।
सोनू अब ना गांव में है, न जिला और न ही राज्य में। वह मानसिक रूप से परेशान है। अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ मानसिक शांति के लिए हरियाणा से बाहर जा चुका है। उसके एक रिश्तेदार मनजीत डूमरखां ने बताया कि सोनू बात करने की स्थिति में नहीं है, लेकिन पिता के काफी समझाने के बाद ही सोनू ने अपना पक्ष रखा। पिता से जब यह पूछा कि सोनू कहां गया है तो जीताराम ने नहीं बताया। उन्होंने कहा कि सोनू की हालत को देखते हुए तीन चार रिश्तेदारों को भी उसके साथ भेजा गया है।
सीबीआई जांच की मांग के लिए पंचायत आज
सारसा में पिहोवा रोड पर पेड़ के नीचे बैठे इस गांव के निवासी शमशेर सिंह, इमरत सिंह, रोहताश, सुभाष, टेका राम, बलवान, धर्मपाल, रणपत और नफे सिंह ने बताया कि तीनों बच्चों को न्याय दिलाने के लिए गांव में संघर्ष समिति का गठन किया जा चुका है। वहीं बुधवार को एक पंचायत भी बुलाई गई है, जिसमें सीएम से मिलकर उक्त मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की जाएगी। संघर्ष समिति के सदस्य महावीर सिंह ने बताया कि वे पिहोवा के विधायक जसविंद्र संधू के माध्यम से जल्द सीएम से सीबीआई जांच की मांग के लिए मिलेंगे।