कुमार विश्वास का बड़ा आरोप, कहा- 'आप' के अरविंद केजरीवाल ने पैसे लेकर सीटें बेचीं
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देश की राजनीति इस योग्य नहीं रही कि वह हम जैसों को स्वीकार कर सके...ये कहना है प्रख्यात हिंदी कवि डॉ. कुमार विश्वास का। अमर उजाला और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के जन संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के सहयोग से श्रीमद्भगवद् गीता ऑडिटोरियम में आयोजित युवा शक्ति एवं एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम में कुमार विश्वास पहुंचे थे। प्रस्तुत हैं डॉ. कुमार विश्वास से अमर उजाला की हुई बातचीत के कुछ अंश।
पूछने पर कि आपका झुकाव भाजपा की ओर हो रहा है, तो कुमार विश्वास कहते हैं कि कतई नहीं। मैं यह सब करने के लिए पैदा नहीं हुआ हूं। अब तो केवल देख रहे हैं, लड़ रहे हैं। आम आदमी पार्टी छोड़ने के बारे में वह कहते हैं कि मैं अभी आप में हूं, मगर उसने (मतलब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल) आम आदमी पार्टी पर कब्जा कर लिया है। वह पार्टी को छोड़ नहीं रहा। मैं तो वहीं हूं। उसकी (केजरीवाल ) हिम्मत ही नहीं, कुमार विश्वास को पार्टी से निकालने की।
केजरीवाल ने पैसे लेकर सीटें बेचीं...
यह पूछने पर कि केजरीवाल तो आपके पुराने दोस्त हैं पर कुमार कहते हैं कि केजरीवाल सोचता था कि मैं दूसरी पार्टी में चला जाऊंगा। वहां जाकर मिनिस्टर बन जाऊंगा या राज्यसभा में चला जाऊंगा, लेकिन मेरा यह काम नहीं है। दरअसल, मुझे तो साबित करना था कि वह एक लालची और चोर आदमी है। उसने पैसे लेकर सीटें बेची हैं और बेईमानी कर रहा है। दूसरी पार्टी में मुझे जाना ही नहीं है। मैं क्या करूंगा दूसरे राजनीतिक दलों में जाकर। देश की राजनीति इस योग्य ही नहीं जो हम जैसे लोगों को स्वीकार कर ले।
केजरीवाल खत्म आदमी...
यह पूछने पर कि यदि केजरीवाल आम आदमी पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रस्ताव दें तो क्या करेंगे। इस पर विश्वास कहते हैं कि वह खत्म आदमी है। सरकारें बना लेना महत्वपूर्ण नहीं होता, वह तो बेईमान और अवसरवादी व्यक्ति है। अन्ना से कोई उम्मीद पूछने पर विश्वास कहते हैं कि अन्ना जी बूढ़े हो चुके हैं। एक सवाल पर वह कहते हैं कि अब तो अलख जगा रहे हैं अकेले, सच बोलने की, यही काफी है। दुनिया में लोगों ने तो बड़े कष्ट में सच बोला है, हमें तो बहुत कुछ दे भी रहा है ईश्वर।
ट्विटर और फेसबुक पर गंभीरता से बात करें...
भारतीय वायुसेना के आतंकियों के शिविरों पर प्रहार के बारे में कुमार विश्वास का कहना है कि मैं भारत के उस पराक्रम को नमन करता हूं। उन्होंने कहा कि दिल्ली वालों को यह बात कब समझ आएगी कि कुत्ता पागल हो जाता है तो उसे गोली मारी जाती है। उन्होंने कहा कि ट्विटर और फेसबुक पर गंभीरता से बात करें और किसी से द्वेष नहीं रखें।
कश्मीर पर बोले कि हमें अपना कश्मीर चाहिये, डल झील के सुनसान किनारे नहीं, क्योंकि हमें उसके साथ वहां की बेटियां, भाई और बुजुर्ग भी चाहिए। सेना पर बोले कि हमारे में और उनमें सिर्फ एक मात्रा का फर्क है। वे वतन के लिए काम करते हैं और हम वेतन के लिए। उन्होंने कहा कि मेरी आवाज को सरकार और अपने (आम आदमी पार्टी) स्वीकार करे न करें, मगर देश के करोड़ों युवा उसे स्वीकार जरूर करते हैं।