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रक्षा बंधन पर सुरक्षा की गुहार: PGI चंडीगढ़ में डॉक्टरों ने सिक्योरिटी गार्ड्स को बांधी राखी, सुरक्षा का प्रण
Mon, 19 Aug 2024 12:06 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 19 Aug 2024 12:06 PM IST
सार
पीजीआई चंडीगढ़ में अनोखे अंदाज में रक्षा बंधन मनाया गया। पीजीआई की महिला डॉक्टर्स ने सुरक्षा कर्मियों को राखी बांधी और कोलकाता की घटना को लेकर अपनी सुरक्षा का प्रण भी लिया। पीजीआई के चिकित्सक कोलकाता की घटना को लेकर रोष प्रदर्शन कर रहे हैं।
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पीजीआई में सिक्योरिटी गार्ड्स को राखी बांधती महिला डॉक्टर्स।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आज भाई बहन के प्रेम का त्योहार रक्षा बंधन है। इस मौके पर पूरे देशभर में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर उनसे अपनी सुरक्षा का प्रण ले रही हैं। वहीं, पीजीआई चंडीगढ़ में अनोखे अंदाज में रक्षा बंधन मनाया गया। कोलकाता की घटना के विरोध में पीजीआई के चिकित्सक सड़कों पर हैं। रोष जता रही महिला डॉक्टर्स ने पीजीआई के सुरक्षा कर्मियों को राखी बांधी। महिला डॉक्टर्स ने सुरक्षा कर्मियों को राखी बांधकर उनसे अपनी सुरक्षा का प्रण लिया।
महिला चिकित्सकों का कहना है कि कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर के साथ जो दुखदाई घटना हुई है उससे पूरा देश शर्मशार हुआ है। महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा अहम हो गई है। इस रक्षा बंधन पर हर बहन अपने भाई को राखी बांधकर यही प्रण ले कि जैसी घटना कोलकाता में हुई है। ऐसा किसी भी बहन के साथ न हो। इसलिए उन्होंने संस्थान के सुरक्षा कर्मियों को राखी बांधकर अपनी सुरक्षा का प्रण उनसे लिया है।
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कोलकाता की घटना पर डॉक्टरों का रोष थम नहीं रहा है। सोमवार को भी पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। पीजीआई की ओपीडी में नए मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है।
बैनर लेकर सड़कों पर उतरे डॉक्टर
पीजीआई के डॉक्टरों ने सोमवार को भी रोष रैली निकाली। रैली के दौरान चिकित्सक हाथों में बड़े-बड़े बैनर लेकर चल रहे थे। बैनर में कई तरह के स्लोगन लिखे हुए थे। बेटी को पढ़ाया पर बचा न पाए, वी वांट जस्टिस, सुनो द्रौपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आएंगे इस तरह के स्लोगन लिखे बैनर लेकर डॉक्टरों ने अपना रोष जाहिर किया।
सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट पास होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट पास होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पिछले सोमवार से चल रही है। इस दौरान पीजीआई की ओपीडी ठप होने से अब तक लगभग 30 से 35 हजार मरीज इलाज से वंचित हो गए हैं क्योंकि सामान्य दिनों में पीजीआई की ओपीडी में आठ से दस हजार मरीज इलाज कराने आते हैं।
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महिला चिकित्सकों का कहना है कि कोलकाता के आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर के साथ जो दुखदाई घटना हुई है उससे पूरा देश शर्मशार हुआ है। महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा अहम हो गई है। इस रक्षा बंधन पर हर बहन अपने भाई को राखी बांधकर यही प्रण ले कि जैसी घटना कोलकाता में हुई है। ऐसा किसी भी बहन के साथ न हो। इसलिए उन्होंने संस्थान के सुरक्षा कर्मियों को राखी बांधकर अपनी सुरक्षा का प्रण उनसे लिया है।
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#WATCH | Chandigarh: Doctors at Chandigarh PGIMER hold protest over Kolkata's RG Kar Medical College & Hospital rape-murder incident pic.twitter.com/rBBaaWJ7CY
— ANI (@ANI) August 19, 2024
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कोलकाता की घटना पर डॉक्टरों का रोष थम नहीं रहा है। सोमवार को भी पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं। पीजीआई की ओपीडी में नए मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है।
बैनर लेकर सड़कों पर उतरे डॉक्टर
पीजीआई के डॉक्टरों ने सोमवार को भी रोष रैली निकाली। रैली के दौरान चिकित्सक हाथों में बड़े-बड़े बैनर लेकर चल रहे थे। बैनर में कई तरह के स्लोगन लिखे हुए थे। बेटी को पढ़ाया पर बचा न पाए, वी वांट जस्टिस, सुनो द्रौपदी शस्त्र उठालो, अब गोविंद ना आएंगे इस तरह के स्लोगन लिखे बैनर लेकर डॉक्टरों ने अपना रोष जाहिर किया।
सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट पास होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट पास होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल पिछले सोमवार से चल रही है। इस दौरान पीजीआई की ओपीडी ठप होने से अब तक लगभग 30 से 35 हजार मरीज इलाज से वंचित हो गए हैं क्योंकि सामान्य दिनों में पीजीआई की ओपीडी में आठ से दस हजार मरीज इलाज कराने आते हैं।