केएमपी एक्सप्रेस-वे पर दिखेगी हरियाणवी कला और संस्कृति की झलक, इस तरह चल रही तैयारियां
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कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस वे पर हरियाणवीं कला व संस्कृति की झलक दिखाई देगी। यहां मूर्ति शिल्प के तौर पर भगवान श्रीकृष्ण की ओर से दिया गया गीता के ज्ञान के साथ योग की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके लिए केएमपी पर 21 विशाल मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इन मूर्तियों को तराशने के लिए मोतीलाल नेहरू खेलकूद विद्यालय राई में कार्यशाला शुरू की गई। इसका शुभारंभ सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने किया।
राजीव जैन ने बताया कि सरकार की ओर से कुंडली से मानेसर और पलवल तक एक्सप्रेस वे तैयार किया जा रहा है। यह एक्सप्रेस वे कुंडली और पलवल में ही केजीपी से मिलकर दिल्ली के बाईपास के तौर पर काम करेगा। केजीपी का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया जा चुका है और केएमपी अब पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुका है। प्रदेश सरकार केएमपी को स्टेट आफ आर्ट के तौर पर भी विकसित कर रही है। इस एक्सप्रेस वे से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को प्रदेश की कला और संस्कृति की झलक मिले इसके लिए यहां मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
दुनियाभर में 15 फीट से ऊंची मूर्तियां बनाने वाली मूर्तिकार हैदराबाद निवासी स्नेहलता प्रसाद ने बताया कि एचएसआईआईडीसी व कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से इस कार्य के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। राजस्थान के बैसलान से इन मूर्तियों के लिए काले मार्बल की 21 विशाल शिलाएं मंगवाई गई है। इनको तराशने के लिए राई खेलकूद स्कूल में कार्यशाला स्थापित की गई है।
मूर्ति तराशने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 21 मूर्तिकार बुलवाए गए हैं। चूंकि देश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर यह कार्य हो रहा है इसलिए प्रदेश के सबसे ज्यादा 12 युवा कलाकारों को इस कार्य के लिए मौका दिया गया है। कला एवं संस्कृति विभाग के कला अधिकारी हृदय कौशल ने बताया कि मूर्तियां तराशने का काम कम खर्च व समय में पूरा किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य है कि हमारे हरियाणा की कला, संस्कृति, गीता और योगा की जानकारी यहां से गुजरने वाले लोगों तक पहुंचे। इस कार्य के लिए विभाग के एसीएस धीरा खंडेलवाल, निदेशक महेश्वर शर्मा, एचएसआईआईडीसी के एमडी टीएल सत्यप्रकाश की ओर से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इस दौरान स्कूल प्रधानाचार्य एवं निदेशक कर्नल राज सिंह बिश्नोई, एचएसआईआईडीसी के एक्सईएन जगभूषण भी मौजूद रहे।