रेल रोको आंदोलन: पंजाब में 50 जगह रेलवे ट्रैक पर डटे रहे किसान, राजपुरा में यात्री हुए बेहाल, यहां पढ़ें- हर जिले का हाल

अमर उजाला नेटवर्क, पंजाब Published by: ajay kumar Updated Thu, 18 Feb 2021 10:31 PM IST
मल्लांवाला रेलवे स्टेशन पर धरना देते किसान।
मल्लांवाला रेलवे स्टेशन पर धरना देते किसान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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कृषि कानूनों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को पंजाब में 50 स्थानों पर किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया। प्रदर्शन की वजह से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। पंजाब में दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक 50 स्थानों पर किसानों ने रेलवे ट्रैक पर धरना दिया। इससे सात ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। रेलवे ट्रैक जाम शांतिपूर्ण रहा और कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। किसानों ने यात्रियों की सुविधा के लिए लंगर की व्यवस्था भी की थी।
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लुधियाना में किसान नेताओं ने यात्रियों को लंगर छकाया
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर गुरुवार को लुधियाना रेलवे स्टेशन सहित गिल, साहनेवाल, जगरांव, मुल्लांपुर दाखा में रेलवे ट्रैक पर धरना दिया गया। किसान आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने पहले ही 12 बजे, जो ट्रेन जिस रेलवे स्टेशन पर पहुंची उसे वहीं रोक दिया। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर पहुंची बांद्रा-अमृतसर पश्चिम एक्सप्रेस को रेलवे ने रोक दिया था। 


संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने रेलवे स्टेशन पहुंच कर ट्रैक पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों ने यात्रियों को लंगर भी छकाया। किसान नेताओं ने एलान किया कि 21 फरवरी को बरनाला में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां और पंजाब खेत मजदूर की तरफ से महारैली का आयोजन होगा। इसके बाद सभी एकजुट होकर दिल्ली बॉर्डर कूच करेंगे। 

अमृतसर में किसान बोले- केंद्र सरकार का जिद्दी रवैया देशहित में नहीं


                                     अमृतसर में रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान।

अमृतसर रेलवे स्टेशन पर चार घंटे तक रेलगाड़ियों की आवाजाही रोककर किसानों ने प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने नए कृषि कानूनों को रद्द करवाने का संकल्प दोहराया। किसान नेताओं ने आंदोलन में शामिल 235 किसानों की शहादत का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का जिद्दी रवैया देशहित में नहीं है। केंद्र सरकार बड़े व्यापारिक घरानों को मालामाल कर रही है। किसान अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर खाक छान रहे हैं। 

संगरूर में महिलाओं ने रेल ट्रैक पर दिया धरना
कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्यों ने गुरुवार को रेलवे स्टेशन पर धरना लगाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कृषि कानून वापस लेने की मांग की। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। किसान नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार किसानों की मांगों पर टाल मटौल कर रही है और अहंकार में किसानों को नजरअंदाज करने में लगी है। 

                                             जालंधर में रेल ट्रैक पर डटे किसान।

राजपुरा : ट्रेन रुकने से यात्रियों को हुई मुसीबतें
किसान संगठनों नें राजपुरा-अंबाला रेलमार्ग पर शंभू स्टेशन पर बैठकर ट्रेनें रोकीं। किसान नेताओं हरजीत सिंह टहलपुरा, दर्शन सिंह नरड़ू, सुरिंदर कौर, गुरमेल सिंह मंडियाणा, ज्ञान सिंह, रणधीर सिंह, गुरध्यान सिंह सहित सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब, हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों के किसानों में जबरदस्त रोष है। जब तक तीनों कानूनों को रद्द नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष चलता रहेगा। अगर मांग न मानी गई तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। 

वहीं किसान संगठनों के आह्वान पर 12 से 4 बजे तक ट्रेनें रोकने का असर यात्रियों पर पड़ा। राजपुरा स्टेशन पर बैठी महिलाओं व बच्चों को भूखा रहना पड़ा। राजपुरा के गांव से अमृतसर जा रही महिला हरजीत कौर और रणजीत कौर ने बताया कि वह सुबह से परिवार के साथ स्टेशन पर पहुंच गईं थीं और शहीद एक्सप्रेस से अमृतसर जाना था। अब पता चला है कि ट्रेन पांच बजे तक आएगी, जिस कारण परेशान होना पड़ रहा है। 


                                                शंभू में प्रदर्शन करते किसान।

गुरदासपुर में चार घंटे रेल ट्रैक पर प्रदर्शन
किसान संगठनों ने चार घंटे गुरदासपुर में रेल ट्रैक पर धरना दिया। वहीं किरती किसान यूनियन ने भी गुरदासपुर के औजला फाटक रेलवे पटरी पर धरना दिया। किसान नेताओं ने कहा कि पंजाब में किसान रेलवे स्टेशनों व दिल्ली में भी लगातार धरना दे रहे हैं।

उधर, बठिंडा जिले में संयुक्त किसान मोर्चा एवं भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के बैनर तले किसानों ने सात रेलवे ट्रैकों पर चार घंटे धरना देकर नारेबाजी की। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के किसान नेता जसवीर सिंह ने बताया कि संगत मंडी में स्थित बठिंडा-सिरसा, भाई बख्तौर में स्थित बठिंडा-दिल्ली, गोनियाना में स्थित बठिंडा-फिरोजपुर और भुच्चो मंडी में स्थित बठिंडा-अंबाला रेलवे ट्रैक पर धरना दिया गया। 

फिरोजपुर : रेलवे ट्रैक रोक पेट्रोल के दाम कम करने की मांग की 

किसानों ने फिरोजपुर की बस्ती टैंकावाली, मल्लांवाला और तलवंडी नेपालां स्थित रेलवे ट्रैक पर धरना देकर ट्रेनें रोकीं। इस दौरान किसानों ने फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-एक पर धरना लगाया और नारेबाजी की। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के जिला प्रेस सचिव सुखवंत सिंह ने कहा कि सरकार कृषि कानून को रद्द कर फसलों की खरीद की गारंटी दे। वहीं पेट्रोल के दाम 50 फीसदी तक कम करें। 

पटियाला : रेलवे ट्रैक पर बैठीं महिलाएं
पटियाला में बड़ी संख्या में किसान इकट्ठा होकर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। किसानों ने कृषि कानूनों को वापस लेने और उनके खिलाफ दर्ज मामले रद्द कर उन्हें रिहा करने की मांग की। किसानों ने केंद्र को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी किसान को गिरफ्तार न किया जाए। ऐसा करने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।  

मुक्तसर में ट्रेनों का संचालन ठप...फिर भी ट्रैक पर डटे किसान
किसान संगठनों के नेतृत्व में किसानों ने मुक्तसर रेलवे स्टेशन पर धरना दिया। हालांकि मुक्तसर में लंबे समय से ट्रेनें बंद पड़ी हैं लेकिन किसानों ने चार घंटे केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर भड़ास निकाली। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग दोहराई। 

किसानों के धरने में शामिल हुए शहीद ऊधम सिंह के वारिस

भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने चार घंटे तक रेलवे ट्रैक पर धरना देकर केंद्र सरकार को जमकर कोसा। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। आंदोलन में शहीद ऊधम सिंह के वारिस जीत सिंह ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इन कानूनों को रद्द कर किसानों से सलाह के बाद नए कानून बनाए जाएं। 

किसान परिवारों की महिलाओं ने दावा किया कि दिल्ली में पुरुष और पंजाब में महिला किसान आंदोलन की कमान संभाल रहीं हैं। उगराहां की बुजुर्ग महिला सुखपाल कौर ने कहा कि वह कृषि कानूनों को लागू नहीं होने देंगी। इस दौरान इंकलाबी गीत भी गाए गए। गांव शेरों के रहने वाले रुल्दू सिंह जो जन्म से ही दृष्टिहीन हैं उन्होंने किसानों के दर्द को पेश करता गीत गाया। 

अबोहर : किसान संगठनों ने रेल लाइनों पर लगाया धरना
रेलवे स्टेशन के पास अनेक किसान संगठनों ने रेल लाइनों पर बैठकर धरना लगाया। आजाद किसान मोर्चा के प्रधान मनोज गोदारा व अन्य किसानों ने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून रद्द नहीं होते किसानों का संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर क्रांतिकारी किसान यूनियन, कुलहिंद किसान सभा, देहाती मजदूर सभा, किसान मजदूर तालमेल संघर्ष कमेटी के पदाधिकारी नोपाराम, रामराज, अवतार सिंह, कुलवंत किरती, विरेंद्र भाटी, सुरेंद्र गोदारा मौजूद रहे। 


                        अबोहर रेलवे स्टेशन पर धरना देते किसान संगठन।
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