बुजुर्ग महिलाएं खालिस्तानियों जैसी दिखती हैं? देश विरोधी कहने की हिम्मत कैसे हुई : सुखबीर बादल
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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने अपनी पुरानी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में बुजुर्ग महिलाएं भाग ले रही हैं। क्या बीजेपी और किसी अन्य को राष्ट्र विरोधी कहने का अधिकार है।
सुखबीर बादल ने कहा कि 'किसान आंदोलन में बुजुर्ग महिलाएं शामिल हैं। क्या वे खालिस्तानियों जैसी दिखती हैं। देश के किसानों को राष्ट्र विरोधी बुलाने का यह तरीका है। यह हमारे किसानों का अपमान है। उनकी हिम्मत कैसे हुई किसानों को एंटी-नेशनल बुलाने की।'
Does BJP or anybody else have the right to declare anybody as anti-national? These people (farmers) have dedicated their entire life to the nation & now you are calling them anti-national. People who are calling them anti-nationals are actually anti-nationals: Sukhbir Badal https://t.co/Fz3ZYwxemA
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 3, 2020
सुखबीर बादल ने आगे कहा कि 'क्या बीजेपी या किसी और को किसी को भी राष्ट्र-विरोधी घोषित करने का अधिकार है। किसानों ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र को समर्पित कर दिया है और अब आप उन्हें राष्ट्रविरोधी कह रहे हैं। जो लोग उन्हें देशद्रोही कह रहे हैं वे वास्तव में देशद्रोही हैं।
प्रकाश सिंह बादल और ढींढसा ने लौटाया पदम पुरस्कार
कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब से अवार्ड वापसी का दौर भी शुरू हो गया है। शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के बाद शिरोमणि अकाली दल (डेमोक्रेटिक) के प्रधान और राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी अपना पद्म अवार्ड वापस कर दिया है। इससे पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भारत सरकार से मिले पद्म विभूषण सम्मान को वापस कर दिया है। बादल का कहना है कि वे किसानों के साथ किए जा रहे केंद्र सरकार के व्यवहार से आहत हैं।
हरसिमरत ने मोदी कैबिनेट से दिया था इस्तीफा
बता दें कि कृषि कानूनों को लेकर ही अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर बादल ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। हालांकि कुछ समय बाद ही अकाली दल ने एनडीए से अपना नाता भी तोड़ लिया था।