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इराक में 39 भारतीयों की हत्या की खबर से हाहाकार

Fri, 28 Nov 2014 05:47 PM IST
संजीव कुमार बख्शी/अमर उजाला, होशियारपुर
संजीव कुमार बख्शी/अमर उजाला, होशियारपुर Updated Fri, 28 Nov 2014 05:47 PM IST
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kidnap and murder of Punjabi in Iraq: family shoked in india

इराक में अगवा पंजाबियों के परिवार सकते में हैं। एक चैनल ने दावा किया है कि इसी साल जून में अपह्रत किए गए 40 युवकों में 39 की हत्या कर दी गई है।

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युवकों के परिवारों की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है। फिर भी उनका दिल इस खबर को मानने के लिए तैयार नहीं है। अब भी वे रब से यही अरदास कर रहे हैं कि टीवी पर चल रही खबर झूठी निकल आए।
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होशियारपुर के छावनी कलां गांव का कमलजीत और उसके दो जीजा इराकी आतंकी संगठन आईएसआईएस द्वारा अगवा पंजाबियों में शामिल हैं। छावनी कलां में कमलजीत के घर पर उसके पिता पूर्व सैनिक प्रेम सिंह वीरवार को आंखों में आंसू लिए टीवी पर नजरें लगाए थे। कमलजीत की मां की रो-रो कर हालत खराब थी।
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प्रेम सिंह का कहना था कि यह खबर उनके लिए कहर बन कर टूटी है। फिर भी दिल इस बात को मानने को तैयार नहीं है। वे बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद के सहारे जी रहे थे। अब उन्हें जीवन बेकार लग रहा है। यह कहकर प्रेम सिंह फूट-फूटकर रोने लगते हैं। उनका कहना था कि वह परमात्मा से दुआ करते हैं कि कि यह खबर गलत हो।

उन्होंने सवाल किया कि अगर अमेरिका अपने नागरिक को बचाने के लिए दुनिया के किसी भी कोने में फौज भेज सकता है तो हमारी सरकार हाथ पर हाथ धरकर क्यों बैठी है। कमलजीत की मां के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं। न केवल उनका बेटा बल्कि उनकी बहन और भाई के दामाद भी आईएसआईएस के चंगुल में हैं।

दावा दो बांग्लादेशी मजदूरों का

kidnap and murder of Punjabi in Iraq: family shoked in india

इराक में जून से लापता 39 भारतीयों को आईएसआईएस के आतंकवादियों ने मार दिया है। यह दावा इराक की एक निर्माण कंपनी में कार्यरत दो बांग्लादेशी मजदूरों ने एक प्राइवेट चैनल से किया है।

बांग्लादेशी वर्कर सफी और हसन के मुताबिक इराक से लापता 40 भारतीय वर्करों में से एक हरजीत मसीह ने अपने 39 साथियों का कत्ल होते देखा। 11 जून को बगदाद से मोसुल जाते समय आतंकियों ने सभी चालीस भारतीय और 51 बांग्लादेशी वर्करों को अगवा कर लिया। बाद में उन्होंने बांग्लादेशी वर्करों को उनका धर्म जानने के बाद छोड़ दिया था।

सफी और हसन के अनुसार हरजीत ने बताया कि 15 जून को आतंकियों ने एक पहाड़ी इलाके में ले जाकर सभी भारतीय वर्करों की गोली मारकर हत्या कर दी। हरजीत ने मरने का ढोंग किया और आतंकी भी उसे मरा जानकर छोड़ गए।

सफी और हसन के मुताबिक जहां भारतीयों की हत्या की गई उससे करीब छह किमी दूर ही बांग्लादेशी वर्करों को रखा गया था। उधर, विदेश मंत्रालय ने कहा कि बांग्लादेशी वर्करों के दावों की जांच करा रहे हैं।

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