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केवल राणा: ये शख्स हैं भारत के अलावा 50 देशों की करेंसी के मालिक
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, मोहाली।
Updated Wed, 08 Jun 2016 09:35 AM IST
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केवल राणा में करेंसी जुटाने का ये जुनून दशकों पुराना है
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सदियों पुराने सिक्कों की विरासत देखते ही भारत के राजशाही घरानों के चेहरों को आंखों के सामने लाकर खड़ा कर देती है। गुलाम और आजाद में भारत में शासन करने वालों ने जिस करेंसी को चलाया,उसका अनूठा संग्रह चांदी व अन्य धातु के सिक्कों के साथ-साथ आजादी के बाद सिक्कों एवं करेंसी नोटों के अलावा 50 देशों की करेंसी के रुप में लेखक केवल सिंह राणा के पास मौजूद है।
केवल राणा में करेंसी जुटाने का ये जुनून दशकों पुराना है। सिक्कों और करेंसी नोटों के संग्रह में इजाफा करने के लिए वह सैंकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। राणा की माने तो अभी उनका ये सफर अधूरा है। अभी वह अन्य कई दुर्लभ सिक्कों का संग्रह जुटाने में जुटे हैं। उनका मानना है कि भावी पीढ़ी के लिए इन सिक्कों का खास महत्व हो सकता है।
जब केवल राणा के इस संग्रह की जानकारी ली गई तो उनमें बादशाह अकबर, शाहजहां, महाराज रणजीत सिंह,चित्रकूट,बिट्रिश शासन के अलावा सन 1800 से 1946 तक और 1947 के बाद जारी हुए अनेक सिक्के मौजूद हैं,जिनका कुल वजन 300 किलोग्राम से ज्यादा बताया जा रहा है। इनमें 5 पैसे के 80 हजार सिक्के तथा 5 रुपये के 8000 सिक्के शामिल हैं,जबकि इनके अलावा 10000 सिक्के केवल राणा के संग्रह में दिखाई देते हैं।
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केवल राणा में करेंसी जुटाने का ये जुनून दशकों पुराना है। सिक्कों और करेंसी नोटों के संग्रह में इजाफा करने के लिए वह सैंकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। राणा की माने तो अभी उनका ये सफर अधूरा है। अभी वह अन्य कई दुर्लभ सिक्कों का संग्रह जुटाने में जुटे हैं। उनका मानना है कि भावी पीढ़ी के लिए इन सिक्कों का खास महत्व हो सकता है।
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जब केवल राणा के इस संग्रह की जानकारी ली गई तो उनमें बादशाह अकबर, शाहजहां, महाराज रणजीत सिंह,चित्रकूट,बिट्रिश शासन के अलावा सन 1800 से 1946 तक और 1947 के बाद जारी हुए अनेक सिक्के मौजूद हैं,जिनका कुल वजन 300 किलोग्राम से ज्यादा बताया जा रहा है। इनमें 5 पैसे के 80 हजार सिक्के तथा 5 रुपये के 8000 सिक्के शामिल हैं,जबकि इनके अलावा 10000 सिक्के केवल राणा के संग्रह में दिखाई देते हैं।
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