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पाकिस्तान ने गोपाल चावला को फिर औकाफ बोर्ड की कमेटी में किया शामिल, भारत के खिलाफ बोला था
Tue, 23 Apr 2019 11:13 AM IST
खुशबू गोयल
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 23 Apr 2019 11:13 AM IST
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गोपाल चावला
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पाकिस्तान ने गोपाल सिंह चावला को फिर से औकाफ बोर्ड की कमेटी में शामिल कर लिया है। जिस वजह से अब एक और विवाद खड़ा हो गया है। गोपाल सिंह चावला बैसाखी के पावन अवसर पर गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालिस्तान का दुष्प्रचार करने वाली पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (पीएसजीपीसी) के महासचिव व आतंकी गुर्गे हाफिज सईद का सहयोगी है।
उसे पाकिस्तान सरकार ने इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (औकाफ बोर्ड) की नवगठित 24 सदस्यीय समिति में शामिल करके एक और विवाद पैदा कर दिया है। करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को अंतिम रूप देने के मुद्दे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच 16 अप्रैल को बैठक हुई थी। उसमें कॉरिडोर को लेकर बनी सहमति के बाद पाकिस्तान सरकार ने फिर गोपाल चावला को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का इनाम दिया है।
जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय और इंटरफेथ सद्भावना ने ईटीपीबी यानी औकाफ बोर्ड के पुनर्गठन के संबंध में एक अधिसूचना जारी की है। 24 सदस्यीय समिति में पाकिस्तान सरकार के उच्च आधिकारिक और गैर आधिकारिक सदस्य शामिल हैं।
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आधिकारिक सदस्यों में अध्यक्ष, अतिरिक्त सचिव, सचिव (मानवाधिकार और अल्पसंख्यक मामलों के सचिव, सचिव (अल्पसंख्यक कार्य विभाग), सचिव (औकाफ, हज, धार्मिक और अल्पसंख्यक मामले) और सचिव (धार्मिक मामले और अंतर-सद्भाव) शामिल हैं। गैर आधिकारिक सदस्यों में गोपाल सिंह चावला के साथ पाकिस्तान के हिंदू, सिख और मुस्लिम सदस्यों के साथ-साथ प्रांतीय विधानसभा के मेंबर्स भी शामिल किए हैं।
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उसे पाकिस्तान सरकार ने इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (औकाफ बोर्ड) की नवगठित 24 सदस्यीय समिति में शामिल करके एक और विवाद पैदा कर दिया है। करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण को अंतिम रूप देने के मुद्दे पर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच 16 अप्रैल को बैठक हुई थी। उसमें कॉरिडोर को लेकर बनी सहमति के बाद पाकिस्तान सरकार ने फिर गोपाल चावला को भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का इनाम दिया है।
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जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय और इंटरफेथ सद्भावना ने ईटीपीबी यानी औकाफ बोर्ड के पुनर्गठन के संबंध में एक अधिसूचना जारी की है। 24 सदस्यीय समिति में पाकिस्तान सरकार के उच्च आधिकारिक और गैर आधिकारिक सदस्य शामिल हैं।
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आधिकारिक सदस्यों में अध्यक्ष, अतिरिक्त सचिव, सचिव (मानवाधिकार और अल्पसंख्यक मामलों के सचिव, सचिव (अल्पसंख्यक कार्य विभाग), सचिव (औकाफ, हज, धार्मिक और अल्पसंख्यक मामले) और सचिव (धार्मिक मामले और अंतर-सद्भाव) शामिल हैं। गैर आधिकारिक सदस्यों में गोपाल सिंह चावला के साथ पाकिस्तान के हिंदू, सिख और मुस्लिम सदस्यों के साथ-साथ प्रांतीय विधानसभा के मेंबर्स भी शामिल किए हैं।
चावला को कमेटी सदस्य बनाने की खास वजह है
सूत्रों ने जानकारी दी है कि पाक सरकार ने 19 अप्रैल को ईटीपीबी निकाय का पुनर्निधारण किया है। उस समय ब्रिटेन, अमेरिका और अन्य देशों के खालिस्तानी विचारक पाकिस्तान में डेरा डाले हुए थे। पाकिस्तान की कुख्यात आईएसआई व इन खालिस्तानी समर्थकों के बीच हुई बैठक के बाद चावला को इस बोर्ड में शामिल करने का निर्णय किया गया था।
बता दें कि 27 मार्च को, चौधरी फवाद हुसैन (सूचना और प्रसारण मंत्री) ने गोपाल सिंह चावला को शामिल करके दस सदस्यीय समिति की घोषणा की थी। जिसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने दस सदस्यीय समिति में ‘विवादास्पद तत्वों को शामिल करने पर आपत्ति जताई थी। नतीजतन, भारतीय आपत्तियों के कुछ घंटे बाद, पाक सरकार के निर्देशों पर, चावला ने मुंबई के आतंकी मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ अपने फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने खालिस्तान के प्रचार और भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने के लिए खालिस्तानी मूवमेंट को हवा देने के लिए गोपाल चावला को ईटीपीबी कमेटी में शामिल किया है।
बता दें कि 27 मार्च को, चौधरी फवाद हुसैन (सूचना और प्रसारण मंत्री) ने गोपाल सिंह चावला को शामिल करके दस सदस्यीय समिति की घोषणा की थी। जिसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने दस सदस्यीय समिति में ‘विवादास्पद तत्वों को शामिल करने पर आपत्ति जताई थी। नतीजतन, भारतीय आपत्तियों के कुछ घंटे बाद, पाक सरकार के निर्देशों पर, चावला ने मुंबई के आतंकी मास्टरमाइंड हाफिज सईद के साथ अपने फेसबुक अकाउंट को ब्लॉक कर दिया था।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने खालिस्तान के प्रचार और भारत विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए करतारपुर कॉरिडोर का उपयोग करने के लिए खालिस्तानी मूवमेंट को हवा देने के लिए गोपाल चावला को ईटीपीबी कमेटी में शामिल किया है।