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ब्रह्मपुरा की पार्टी में शामिल हुए पीर मोहम्मद, बादलों पर लगाया परिवारवाद का आरोप

Tue, 15 Jan 2019 12:13 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 15 Jan 2019 12:13 AM IST
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Karnail Singh Peer Mohammad joined Ranjit Singh Brahmpura's party
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा (फाइल फोटो)

कुछ समय पहले शिरोमणि अकाली दल छोड़कर शिअद (टकसाली) बनाने वाले रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा का कारवां और बड़ा हुआ है। सोमवार को ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट फेडरेशन के प्रधान करनैल सिंह पीर मोहम्मद अपने साथियों समेत उनकी पार्टी में शामिल हो गए। पीर मोहम्मद ने कहा कि आठ दिसंबर 1920 को शिरोमणि अकाली दल बना था। 

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इसका एक शानदार इतिहास रहा है, बड़ी-बड़ी शख्सियतों ने इसकी अगुवाई की। लेकिन पिछले काफी समय से यह सिर्फ परिवारवाद की बातें ही कर रहा था। कौम या पंथ की बात नहीं कर रहा था। ब्रह्मपुरा ने एक प्लेटफॉर्म दिया है, अब उनकी तरह बहुत से टकसाली अकाली यह पार्टी ज्वॉइन करेंगे। दिल्ली से आईं तलविंदर कौर ने भी पार्टी ज्वॉइन की। इस मौके पर डॉ. रतन सिंह अजनाला, उजागर सिंह बडाली भी मौजूद थे।
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फूलका का साथ देंगे
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने कहा कि वह एचएस फूलका द्वारा एसजीपीसी का सियासीकरण खत्म करने को शुरू की मुहिम का स्वागत करते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए, वे इसमें साथ देंगे क्योंकि उनका और फूलका का मिशन एक है। जरूरत पड़ने पर फूलका की मदद भी लेंगे। उन्होंने फूलका के साथ मिल कर एसजीपीसी चुनाव लड़ने का भी संकेत दिया।
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बादल ने नहीं की ऑल इंडिया एक्ट की पैरवी
सेवा सिंह सेखवां ने कहा कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया गुरुद्वारा एक्ट की पैरवी करेगी। क्योंकि सिखों की शान इसी से होगी। उन्होंने कई बार पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल से कहा कि इसके लिए प्रयास करें। लेकिन बादल का कहना था कि इससे दूसरे राज्यों के लोग आ जाएंगे और एसजीपीसी पर अपना प्रभाव नहीं रहेगा।

जब एसजीपीसी पर प्रभाव नहीं होगा तो अकाली दल को कौन पूछेगा। सेखवां ने कहा कि उनकी पार्टी शिअद द्वारा 1973 में पास किए गए आनंदपुर साहिब प्रस्ताव की भी पैरवी करेगी। जिसमें राज्यों को ज्यादा स्वायत्तता देने की हिमायत की गई है।


ब्रह्मपुरा , सेखवां नहीं लड़ेंगे चुनाव
रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा और सेवा सिंह सेखवां ने स्पष्ट किया कि वे दोनों लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। बेटों के चुनाव लड़ने पर स्थिति स्पष्ट नहीं की। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ मिलकर गठबंधन बनाएंगे। उसके बाद उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा। सुखपाल खैरा और आप में से किसे चुनेंगे, इस पर भी ब्रह्मपुरा ने स्थिति साफ नहीं की।

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