फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   kaithal two girl selected all india combined univercity hockey camp

जज्बा: पिता बर्तन बनाते हैं, बेटियां इतिहास बनाने चलीं

Fri, 10 Apr 2015 03:42 PM IST
नसीब सैनी/अमर उजाला, कैथल
नसीब सैनी/अमर उजाला, कैथल Updated Fri, 10 Apr 2015 03:42 PM IST
विज्ञापन
kaithal two girl selected all india combined univercity hockey camp

पिता मिट्टी के बर्तन बनाते हैं और बेटियां हॉकी स्टिक से इतिहास लिखना चाहती हैं। दोनों बहनों का सपना है कि एक दिन वे भारतीय महिला हॉकी में शामिल होकर ओलंपिक में देश का नाम ऊंचा करें। यहां बात हो रही है कैथल के गांव बरसाना की दो बहनों ऋतु (22) और पूनम (21) की। ऑल इंडिया कंबाइंड यूनिवर्सिटी हॉकी कैंप में दोनों का चयन हुआ है। यह कैंप कुरुक्षेत्र में चल रहा है और दोनों खूब पसीना बहा रही हैं।

विज्ञापन


गांव बरसाना में शमशेर प्रजापत की दो बेटियां ऋतु एवं पूनम इंडियन हॉकी टीम में खेलने का सपना लेकर जीजान से जुटी हैं। ऋतु का चयन हिमाचल यूनिवर्सिटी की ओर से कैंप के लिए हुआ है। उधर, पूनम का चयन कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से हुआ है। टीम में चयनित होने पर वे दूसरे राज्यों की हॉकी टीमों से भिड़ेंगी।
विज्ञापन



ऋतु का नेशनल लेवल पर शानदार प्रदर्शन
बचपन से ही गांव में लड़कियों को हॉकी खेलता देख नाम कमाने की चाह में दोनों बहनों ने सुविधाओं के अभाव में कड़ा संघर्ष किया। घर के हालात ऐसे नहीं है कि खेल जारी रख सकें। लेकिन पूरा परिवार मेहनत करते हुए दोनों बहनों को लगातार खेलने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। गांव के राजकीय कन्या विद्यालय के पीटीआई कुलदीप शर्मा से हॉकी की एबीसी सीखने के बाद ऋतु ने वर्ष 2007 में हिमाचल के धर्मशाला में स्थित साईं हॉकी सेंटर में दाखिला मिला। उससे पहले इस गांव की कई लड़कियां हिमाचल की ओर से खेलती थीं। ऋतु ऑल इंडिया स्तर पर सीनियर हॉकी टूर्नामेंट में बेस्ट प्लेयर रह चुकी हैं। स्कूल और अंडर-16 में शानदार प्रदर्शन के कारण उसका चयन ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी की संयुक्त टीम के लिए आयोजित शिविर के लिए हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूनम का तो सॉफ्टबॉल में भी जवाब नहीं
पूंडरी गर्ल्स कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा पूनम है। उसने भी हाल ही में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी मुकाबले में द्वितीय स्थान हासिल किया है। इसी आधार पर उसका चयन कैंप में हुआ है। इसके अलावा सॉफ्टबॉल में सीनियर नेशनल में गोल्ड मेडल, हॉकी में नॉर्थ जोन में द्वितीय स्थान हासिल किया। दोनों बहनें इस समय पूरे देश के विश्वविद्यालयों की चयनित होने वाली टीम में चयन के लिए कुरुक्षेत्र में आयोजित शिविर में मेहनत कर रही हैं।

नहीं मिल रहा कोई सरकारी प्रोत्साहन

kaithal two girl selected all india combined univercity hockey camp

ऋतु और पूनम के पिता शमशेर सिंह गांव में बर्तन बनाने का काम करते हैं। इसके लिए गांव में मात्र 10 फुट का एक गड्डा है। वे अपनी पत्नी, बेटे एवं पुत्रवधु के साथ मिलकर मिट्टी के बर्तन बनाते हैं। कई बार रेहड़ी भी लगाते हैं, ताकि बेटियों का सपना पूरा हो सके। गांव में छोटे से मकान में गुजर-बसर कर रहे ऋतु के भाई बताते हैं कि तीन बहनों में दो बड़ी बहनें खेल रही हैं। तीसरी बहन गांव के स्कूल में बारहवीं कर रही है। वह स्वयं बारहवीं एवं आईटीआई कोर्स करने के बाद पिता के साथ बर्तन बनाता है। उसके पिता रेहड़ी भी चलाते हैं। मुश्किल से परिवार का गुजारा चल रहा है।

भारतीय टीम में खेलने का सपना : पूनम
पूनम ने बताया कि गांव के पीटीआई कुलदीप के मार्गदर्शन की बदौलत ही वे यहां तक पहुंची हैं। उन्हें कोई ज्यादा सरकारी प्रोत्साहन नहीं मिला। उसकी बहन ऋतु ने अपनी मेहनत के बल पर हिमाचल की टीम में जगह बनाई। इसके बाद से वह हिमाचल की ओर से खेलती है। उसने स्वयं पहले गांव के स्कूल में अब पूंडरी के कन्या महाविद्यालय में मेहनत करते हुए यह सफलता हासिल की है। दोनों का सपना इंडियन हॉकी टीम के लिए खेलने का है।

प्रैक्टिस के लिए मिले एस्ट्रोटर्फ : ऋतु
ऋतु का कहना है कि गांव में प्रैक्टिस के लिए एस्ट्रोटर्फ मैदान एवं कोच की सुविधा हो, ताकि यहां खेलने वाली दूसरी लड़कियों को भी सुविधा मिल सके। पहले गांव में हॉकी विंग के तहत खुराक मिलती थी। अब वह भी बंद हो गई। अपने स्तर पर ही खिलाड़ी गांव में प्रैक्टिस करती हैं।

सुविधाएं मिले तो सफलता मिलेगी : कोच
गांव की लड़कियों को हॉकी की स्टिक थमाने वाले गुरु द्रोण कुलदीप कुमार का कहना है कि इन बेटियों को उचित सुविधाएं मिलें तो निश्चित रुप से बड़ी सफलता हासिल कर सकती हैं। गांव की कई लड़कियों ने हॉकी में नाम कमाया है तथा कई अभी भी सफलता हासिल कर रही हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में हॉकी कोच शिव कुमार सैनी का कहना है कि इन दोनों को बेहतर सुविधाएं कोचिंग मिल जाए तो दोनों काफी आगे जा सकती हैं। ऋतु तो साईं सेंटर से प्रशिक्षण ले भी रही हैं। लेकिन पूनम कॉलेज में ही खेलती है। 12 अप्रैल को टीम के चयन का ऐलान किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed