आंधी के बाद कैथल और रोहतक की हवा सबसे खराब, चंडीगढ़ में मौसम हुआ सुहाना
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रविवार शाम आई धूल भरी आंधी के कारण हरियाणा की आबोहवा खराब हो गई है। कैथल, रोहतक और पानीपत की हवा सबसे ज्यादा खराब श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार को कैथल की वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) प्रदेश में सबसे निम्न 401 रिकॉर्ड की गई। वहीं रोहतक में 399 और पानीपत का एक्यूआई 372 रहा।
रविवार को आई धूल भरी आंधी के कारण जहां प्रदेश में जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। वहीं प्रदूषण लेवल भी बढ़ गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सोमवार को हरियाणा के सात जिलों की हवा बेहद खराब रही। इनमें कैथल, रोहतक, पानीपत, करनाल और सिरसा में लोगों को सांस लेने में भी परेशानी हुई।
आंखों में जलन की भी शिकायत लोगों ने की। वहीं सोनीपत, बल्लभगढ़, भिवानी, पलवल में भी एक्यूआई 296 से लेकर 247 तक पहुंच गई। कुरुक्षेत्र, अंबाला, बहादुरगढ़, नारनौल, यमुनानगर में वायु गुणवत्ता 229 से लेकर 189 दर्ज की गई। जो मध्यम श्रेणी में आता है।
हिसार में हवा की गुणवत्ता सबसे बेहतर
जहां प्रदेश के 10 जिलों की हवा दमघोटू हो गई। वहीं हिसार और जींद में हवा सबसे बेहतर रिकॉर्ड की गई। हिसार की वायु गुणवत्ता 100 और जींद की 125 दर्ज की गई।
प्रदेश में ये रहा एक्यूआई
कैथल 401
रोहतक 399
पानीपत 372
करनाल 362
सिरसा 304
सोनीपत 296
बल्लभगढ़ 291
भिवानी 270
पलवल 247
कुरुक्षेत्र 229
अंबाला 220
बहादुरगढ़ 218
नारनौल 195
यमुनानगर 189
फतेहाबाद 158
पंचकूला 141
जींद 125
हिसार 100
बारिश, ओले से गिरा तापमान, चार साल में सबसे ठंडा रहा सोमवार
अप्रैल के पहले हफ्ते से गर्मी से जूझ रहे चंडीगढ़वासियों को सोमवार को काफी राहत मिली। सुबह ही घने बादल छा गए। ट्राइसिटी के कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। इससे मौसम सुहावना हो गया। बारिश के बाद अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम था।
बारिश के बाद धूप निकली, लेकिन गर्मी नहीं बढ़ी। हालांकि, न्यूनतम तापमान में कमी अगले एक-दो दिन में आएगी। मौसम विभाग के मुताबिक इस पूरे हफ्ते मौसम चक्र बदला रहेगा। अप्रैल में भी वेस्टर्न डिस्टरबेंस की संभावना जताई जा रही है। इससे पश्चिमी हिमालयी भाग प्रभावित होते रहेंगे।
यहां पर बारिश और एक-दो स्थानों पर बर्फबारी देखने को मिल सकती है। प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काइमेट के अनुसार, इन पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत के हिस्सों खासकर राजस्थान के ऊपर, आने वाले दिनों में चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसकी वजह से उत्तर प्रदेश और उत्तरी-मध्य प्रदेश पर एक ट्रफ भी बन सकती है।
चार साल में सबसे ठंडा रहा सोमवार
बारिश और ओले की वजह से सोमवार के तापमान में जबरदस्त गिरावट आई है। तीन दिन पहले चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड हो रहा था। सोमवार को मौसम बदला तो अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक सोमवार को पिछले चार सालों में सबसे ठंडा रिकॉर्ड किया गया है।
साल अधिकतम तापमान
2016 34.4
2017 32.5
2018 33.7
2019 30.6