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मुरथल गैंगरेप केस का स्वत: संज्ञान लेने वाले जस्टिस सांघी का निधन
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 07 Mar 2016 09:28 PM IST
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जज, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस एनके सांघी का आंध्रप्रदेश के तिरुपति में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। जस्टिस सांघी मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत व संवेदनशील न्यायाधीश माने जाते थे। उन्होंने मुरथल में जाट हिंसा के दौरान महिलाओं से बदसलूकी और दुष्कर्म की खबर पढ़ पर स्वत. संज्ञान लिया था और इस मामले को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजा था। इसके बाद केस की जांच शुरू हुई।
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जस्टिस एन.के. सांघी रविवार को अपने बेटे-बहू और अन्य परिजनों के साथ चंडीगढ़ से तिरुपति बालाजी के दर्शन के लिए निकले थे। सोमवार को जैसे ही वह मंदिर परिसर में पहुंचे अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। उनकी खराब स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास पर लाया जाएगा।
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नारनौल में हुआ था जन्म
जस्टिस सांघी का जन्म नारनौल जिले में 1955 को हुआ था। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन स्थानीय गवर्नमेंट कॉलेज और कानून की पढ़ाई यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ नागपुर से पूरी की। जस्टिस सांघी ने 1996 में हरियाणा में डिप्टी एडवोकेट जनरल तथा 2007 में पंजाब के एडिशनल एडवोकेट जनरल के तौर पर काम किया। 30 सिंतबर 2011 को उन्हें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडिशनल जज के तौर पर शपथ दिलाई गई। जस्टिस सांघी अगले वर्ष अगस्त में सेवानिवृत्त होने वाले थे।
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