{"_id":"5702c5b74f1c1b205ec813ce","slug":"jewellers-protest-excise-duty-finance-minister-arun-jaitley-jewellers-asosiation-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्साइज ड्यूटी के विरोध में जेटली पर भड़के ज्वेलर्स, नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्साइज ड्यूटी के विरोध में जेटली पर भड़के ज्वेलर्स, नारेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:05 AM IST
विज्ञापन
केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते ज्वेलर
- फोटो : अमर उजाला
एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने के खिलाफ ज्वेलर्स की हड़ताल जारी है। सोमवार को ज्वेलर्स एसोसिएशन ने सेक्टर-37 की मार्केट में प्रदर्शन किया और वित्त मंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सहदेव ने कहा कि पूरे शहर के व्यापारियों का इस हड़ताल में समर्थन मिल रहा है। 7 मार्च को पूरे शहर के बाजार बंद रहेंगे। सहदेव ने बताया कि बुधवार को सेक्टर-45 में एक विशाल प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें वित्त मंत्री का पुतला भी जलाया जाएगा।
ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासिचव संजय सहगल का कहना है कि शहर में 5 हजार आभूषण विक्रेता हैं। अगर उनकी मांग पूरी नहीं होगी तो सभी आभूषण विक्रेताओं ने तय किया है कि वे सांसद किरण खेर को जल्द मिलकर कहेंगे कि वह भविष्य में उन्हें वोट नहीं देंगे। वहीं राजीव सहदेव का कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय भी एक्साइज ड्यूटी लगाने की साजिश रची गई थी, लेकिन उस समय यूपीए सरकार ने इसे वापस ले लिया था। अगर भाजपा सरकार ने इसे वापस न लिया तो सरकार को इसका खामियाजा अगले लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
सेक्टर-23 के आभूषण विक्रेता सुनील भारद्वाज का कहना है कि 32 दिन से दुकानें बंद हैं। आभूषण विक्रेता कुछ गलत मांग नहीं कर रहे हैं। सरकार को अपनी जिद छोड़कर आभूषण विक्रेताओं की मांग पूरी करनी चाहिए। उनका कहना है कि कारीगर भी एक माह से बेरोजगार हैं।
विज्ञापन
ज्वेलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि शहर के आभूषण विक्रेता झुकने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं को भी चाहिए कि वे केंद्र सरकार से एक्साइज ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव को वापस लेने का दबाव बनाए। उनका कहना है कि सरकार ने अच्छे दिन का वादा किया था, लेकिन अब आभूषण विक्रेताओं का बुरे दिन आ गए हैं।
विज्ञापन
ज्वेलर्स एसोसिएशन के महासिचव संजय सहगल का कहना है कि शहर में 5 हजार आभूषण विक्रेता हैं। अगर उनकी मांग पूरी नहीं होगी तो सभी आभूषण विक्रेताओं ने तय किया है कि वे सांसद किरण खेर को जल्द मिलकर कहेंगे कि वह भविष्य में उन्हें वोट नहीं देंगे। वहीं राजीव सहदेव का कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय भी एक्साइज ड्यूटी लगाने की साजिश रची गई थी, लेकिन उस समय यूपीए सरकार ने इसे वापस ले लिया था। अगर भाजपा सरकार ने इसे वापस न लिया तो सरकार को इसका खामियाजा अगले लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
सेक्टर-23 के आभूषण विक्रेता सुनील भारद्वाज का कहना है कि 32 दिन से दुकानें बंद हैं। आभूषण विक्रेता कुछ गलत मांग नहीं कर रहे हैं। सरकार को अपनी जिद छोड़कर आभूषण विक्रेताओं की मांग पूरी करनी चाहिए। उनका कहना है कि कारीगर भी एक माह से बेरोजगार हैं।
विज्ञापन
ज्वेलर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार का कहना है कि शहर के आभूषण विक्रेता झुकने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं को भी चाहिए कि वे केंद्र सरकार से एक्साइज ड्यूटी लगाने के प्रस्ताव को वापस लेने का दबाव बनाए। उनका कहना है कि सरकार ने अच्छे दिन का वादा किया था, लेकिन अब आभूषण विक्रेताओं का बुरे दिन आ गए हैं।