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जज नोट कांडः गवाह ने कहा रेनोवेशन के लिए निर्मल यादव का आया था फोन
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चंडीगढ़। बहुचर्चित जज नोट कांड मामले की सुनवाई शनिवार को सीबीआई कोर्ट में हुई। दिल्ली के एक व्यापारी से 15 लाख रुपये की रिश्वत लेने से जुड़े आरोपी जज निर्मल यादव के केस में शनिवार को गवाह ओनील कुमार दीवान ने अपनी गवाही दी। ओनील कुमार दीवान गुरुग्राम का एक ठेकेदार है। ओनील ने पहले सीबीआई को अपने बयान में कहा था कि जज निर्मल यादव के घर के रेनोवेशन के लिए उनकी बात रविंद्र कुमार से हुई थी जबकि शनिवार को जज के पूछने पर ओनील ने अपनी गवाही देते हुए कहा कि उसकी बात रविंद्र से नहीं हुई। रेनोवेशन के लिए जज निर्मल यादव का फोन आया था, उनसे मेरी बात हुई थी। अब 7 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी।
चार्जशीट के अनुसार, 13 अगस्त 2008 को हाईकोर्ट के जज निर्मलजीत कौर के घर पर दिल्ली के एक व्यापारी रविंद्र कुमार की ओर से 15 लाख रुपये भेजे गए थे। जज ने इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दे दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रकाश राम नाम के एक व्यक्ति ने पैकेट उन्हें दिया था। चंडीगढ़ पुलिस के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की जांच में सामने आया कि वह रुपये जज निर्मल यादव को देने थे। गलती से रुपये निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गए। उसके बाद सीबीआई ने प्रकाश राम को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। बाद में यह मामला जज नोट कांड के नाम से चर्चा में आ गया।
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चार्जशीट के अनुसार, 13 अगस्त 2008 को हाईकोर्ट के जज निर्मलजीत कौर के घर पर दिल्ली के एक व्यापारी रविंद्र कुमार की ओर से 15 लाख रुपये भेजे गए थे। जज ने इसकी सूचना चंडीगढ़ पुलिस को दे दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि प्रकाश राम नाम के एक व्यक्ति ने पैकेट उन्हें दिया था। चंडीगढ़ पुलिस के बाद यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई की जांच में सामने आया कि वह रुपये जज निर्मल यादव को देने थे। गलती से रुपये निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गए। उसके बाद सीबीआई ने प्रकाश राम को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। बाद में यह मामला जज नोट कांड के नाम से चर्चा में आ गया।
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