अंडरग्राउंड हुए प्रो. वीरेंद्र सिंह, 48 घंटे में हाजिर होने के आदेश
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खास सिपहसलार प्रोफेसर विरेंद्र सिंह अंडरग्राउंड हो गए हैं। पुलिस ने उन्हें 48 घंटे में हाजिर होने को कहा है। वहीं, उनके सेक्टर-1 स्थित आवास के बाहर भी सन्नाटा पसरा हुआ है। मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है।
शनिवार सुबह पुलिस ने नोटिस जारी कर प्रोफेसर विरेंद्र और दलाल खाप के प्रवक्ता मान सिंह दलाल को 48 घंटे के अंदर थाने में पहुंचकर जांच में शामिल होने को कहा। नोटिस उनके परिजनों को जारी किया गया।
एसपी शशांक आनंद ने कहा कि दोनों आरोपियों को पुलिस के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। आरोपी जांच में शामिल होने नहीं आते हैं तो उन्हें एक और मौका दिया जाएगा। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने ये भी स्पष्ट किया कि अभी तक विरेंद्र सिंह के पासपोर्ट को सीज करने की प्रक्रिया नहीं की गई है। जरूरत पड़ी तो यह कार्रवाई भी की जाएगी।
बुधवार को सरकार ने दर्ज कराई थी एफआईआर
गौरतलब है कि जाट आंदोलन के दौरान वायरल हुए ऑडियो को लेकर दंगा कराने की साजिश रचने के आरोप में प्रो वीरेंद्र सिंह के खिलाफ प्रदेश सरकार ने रोहतक में देशद्रोह का केस दर्ज कराया था। एफआईआर रोहतक में दर्ज की गई है।
वीरेंद्र सिंह के ऑडियो में उन्हें सिरसा क्षेत्र में इनेलो और इनसो के वर्कर्स की मदद से 'कुछ' करवाने के लिए उकसाते हुए सुना गया है। यह ऑडियो सार्वजनिक होने के बाद प्रदेश के मंत्रियों ने भी वीरेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
दो दिन की बयानबाजी के बाद बुधवार को आखिरकार सरकार हरकत में आई और वीरेंद्र सिंह पर एफआईआर दर्ज कर दी। मंगलवार को ही रोहतक पहुंचे मुख्यमंत्री ने भी दंगा भड़काने की साजिश रचने वालों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए थे।