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जाट आंदोलन: हरियाणा में तैनात पैरा मिलिट्री को वापस भेजने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Jun 2016 10:47 AM IST
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जाट आंदोलन: पैरामिलिट्री फोर्स
- फोटो : amar ujala
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जाट आरक्षण आंदोलन के मद्देनजर विपरीत हालात से निपटने के लिए हरियाणा में तैनात पैरा मिलिट्री की 55 में से 50 कंपनियों को वापस भेजने के आदेश दिए गए हैं। वहीं फरवरी में आरक्षण आंदोलन के दौरान मुनक कैनाल (सीएलसी) पर तैनात की गईं पैरा मिलिट्री की 5 कंपनियाें को सुरक्षा में अब भी मुस्तैद रखा गया है। पैरा मिलिट्री की कंपनियों की प्रदेश में तैनाती से प्रदेश सरकार पर करोड़ों का आर्थिक बोझ बढ़ रहा था।
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आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों ने सोनीपत के पास कैनाल लिंक्स चैनल (सीएलसी) को क्षतिग्रस्त कर दिया था, जिससे दिल्ली को भी पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी। बाद में इसे सिंचाई विभाग और दिल्ली जल बोर्ड की मशक्कत के तहत करीब एक महीने बाद दोबारा दुरुस्त कर पानी आपूर्ति बहाल की गई थी। नहर को नुकसान पहुंचाने की वजह से दिल्ली को रोजाना हो रही 1000 क्यूसिक पानी की आपूर्ति कुछ दिनों के बाधित रही थी।
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आंदोलन के दौरान प्रदेश में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के लिए पैरा मिलिट्री की तैनाती की गई थी। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरने के बीच हिंसा की आशंका के मद्देनजर इससे निपटने के लिए आईटीबीपी, सीआरपीएफ, बीएसएफ सहित अन्य पैरा मिलिट्री फोर्स की 55 कंपनियां तैनात की गईं। लेकिन अब हालात सामान्य होने के बाद पैरा मिलिट्री की कंपनियों को हटाने का फैसला लिया गया है।
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इंटरनेट सेवाएं भी बहाल दूसरी बार जाट आंदोलन के मद्देनजर भी सोनीपत और रोहतक में इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी गई थी, जिसे बहाल करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
राम निवास, गृह सचिव, हरियाणा ने बताया कि पैरा मिलिट्री की 50 कंपनियाें को वापस भेजने के आदेश दे दिए गए हैं। पांच कंपनियां फिलहाल मुनक नहर की सुरक्षा में मुस्तैद रहेंगी।