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गोल्ड मेडल जीतकर रोलर स्केटिंग चैंपियन बनी जानवी

Sat, 28 Dec 2019 02:09 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 28 Dec 2019 02:09 AM IST
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Janvi became roller skating champion after winning gold medal
चंडीगढ़। शहर की स्केटर जानवी ने 57वीं फ्री स्टाइल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में शहर को गोल्ड मेडल दिला दिया है। इस संबधी चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के सचिव राजिंन्द्र वालिया ने बताया कि शहर को गोल्ड मेडल दिलाने वाली यह शहर की पहली खिलाड़ी हैं। फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से यह खेल 5 साल पहले शुरू किया गया था। इसके बाद जानवी यह चैपिंयनशिप जीतने में सफल हुई है। यह चैंपियनशिप 15 से 24 दिसंबर तक विशाखापट्टनम में खेली गई। इस जीत पर एसोसिएशन के अध्यक्ष वालिया ने जानवी को जीत की बधाई दी। जानवी ने बताया कि चंडीगढ़ में स्टेट चैंिपियनशिप का आयोजन किया गया था। जिसमें सब-जूनियर आयु वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मेरा चयन नेशनल में किया गया। अब मेरा उद्ेश्य देश के लिए मेडल जीतना है।
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शहर में नहीं कोई कोच, पिता से ही ली ट्रेनिंग
जानवी ने बताया कि उसने फ्री स्टाइल रोलर स्केटिंग की तैयारी कभी स्केटिंग रिंग में जाकर नहीं की और न ही किसी कोच से मदद ली है। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने ही उन्हें फ्री स्टाइल रोलर स्केटिंग की ट्रेनिंग दी है। उनकी बदौलत ही वह नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत पाई हैं। इस संबधी उनके पिता मुनीष ने बताया कि फ्री स्टाइल रोलर स्केटिंग का शहर में कोच ही नहीं है। जिसके बाद मैंने यू-टयूब पर वीडियो देखी और इंटरनेशनल खिलाड़ियों से बात करके मैंने अपनी बेटी को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी। जिसके बाद जानवी ने बेहतरीन प्रदर्शन करके खिताब जीतने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि जानवी ने शुरू में काफी चोट खाई, लेकिन उसके बाद से फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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रोजाना 4-5 घंटे करती हैं प्रेक्टिस
जानवी के पिता मुनीष ने बताया कि जानवी रोजाना 4-5 घंटे प्रेक्टिस करती हैं। इसके लिए स्केटिंग रिंग की जरूरत नहीं है। प्रेक्टिस के लिए घर कि सीढ़ियों, पार्क और कहीं भी बने फर्श पर भी प्रेक्टिस कर लेती हैं। उन्होंने कहा कि जानवी कई बार सेक्टर-22 से एंलाते मॉल तक स्केटिंग करते हुए चली जाती हैं। यह फनी स्केटिंग हैं, जिसे चलते-फिरते कहीं भी कर सकते हैं। लेकिन यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि शुरूआत में इंजरी की अधिक संभावना रहती है। इसका ध्यान रखते हुए पेरेंट़्स को बच्चों के बचाव के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
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चोट लगने पर शुरू में मना भी किया
जानवी के पिता ने बताया कि कई बार प्रेक्टिस के दौरान जब चोट लग जाती थी तो जानवी यहीं कहती थी कि पापा अब मैंने स्केटिंग नहीं सिखनी। लेकिन यह बात वह शुरू के दिनों में ही कहती थी। लेकिन जब रेगुलर प्रेक्टिस करना शुरू कर दिया तो अब हल्की-फुल्की चोट लगने पर भी उसे इग्नोर कर देती है। ऐसे में अब रूटीन में अभ्यास करती रहती हैं।
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