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Hindi News ›   Chandigarh ›   jammu election Nine women candidates in first phase of assembly elections

Jammu Election: शिक्षा, स्वास्थ्य और इंसाफ का इरादा... यही महिला प्रत्याशियों का वादा; पहले चरण में नौ महिलाएं

Mon, 02 Sep 2024 03:55 PM IST
शाहरुख खान अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 02 Sep 2024 03:55 PM IST
सार

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नौ महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। उनका कहना है कि महिलाएं सत्ता में आईं तो महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा के लिए काम करेंगे। 

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jammu election Nine women candidates in first phase of assembly elections
jammu election - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले चरण में कुल नौ महिला उम्मीदवार मैदान में हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार, मैदान में नौ महिला उम्मीदवारों में से पांच कश्मीर संभाग से जबकि चार अन्य जम्मू संभाग से चुनाव लड़ रही हैं।
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कश्मीर संभाग से चुनाव लड़ने वाली उम्मीदवारों में राजपोरा पुलवामा सीट पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया से जुड़ी डेज़ी रैना, अनंतनाग पश्चिम से निर्दलीय गुलशन अख्तर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के टिकट पर श्रीगुफवारा-बिजबिहाड़ा निर्वाचन क्षेत्र से इल्तिजा मुफ्ती, कुलगाम से निर्दलीय अफरोजा बानो और नेशनल कॉन्फ्रेंस के टिकट पर डीएच पोरा निर्वाचन क्षेत्र से सकीना इत्तू शामिल हैं। 
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जम्मू संभाग से चुनाव लड़ने वाली उम्मीदवारों में भदरवाह से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मीनाक्षी भगत, डोडा पश्चिम से निर्दलीय उम्मीदवार मीनाक्षी कालरा, नेकां के टिकट पर पाडर-नागसानी से पूजा ठाकुर और किश्तवाड़ से भाजपा की टिकट पर शगुन परिहार शामिल हैं।
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अमर उजाला से बात करते हुए महिला उम्मीदवारों ने कहा कि अगर वे सत्ता में चुनी गईं तो वे महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा और शिक्षा के लिए काम करेंगी। राजपोरा पुलवामा से उम्मीदवार डेजी रैना ने कहा कि "मैं चुनावों में अपने इलाके के लोगों की मुश्किलें दूर करने के लिए उत्तरी हूं। लेकिन मेरी प्राथमिकता महिलाओं को सशक्त करना भी है। 

ग्रामीण इलाकों में बच्चियों को अक्सर दसवीं तक पढ़ा कर घर बिठा देते हैं लेकिन मैं उनकी पढाई को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहती हूं ताकि वो अपने पैरों पर खड़ा होकर इज्जत से समाज में अपनी जगह बना सकें। इसके अलावा महिलाओं सम्बंधित स्वास्थ्य सेवाओं में उपग्रडेशन। और खासकर महिला उत्पीड़न के खिलाफ विशेष कंप्लेंट सेल का गठन करने पर ज़ोर दूंगी।

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेकां नेता सकीना इत्तू ने बताया कि उनकी पार्टी ने अपने घोषणापत्र में महिलाओं के लिए कई चीजों का उल्लेख किया है और एक बार जब वे सरकार बनाएंगे तो वे जल्द से जल्द महिला-अनुकूल कदम उठाएंगी"।

श्रीनगर के एनआईटी से बीटेक की डिग्री पूरी करने के बाद दो साल तक बंगलौर में कॉर्पोरेट सेक्टर में नौकरी करने के बाद अपनी नौकरी त्याग कर सियासत में कदम रखने वाली भदरवाह से उम्मीदवार मिनाक्षी भगत के भी ऐसे ही विचार हैं। उन्होंने कहा, "महिलाओं के लिए शिक्षा, ट्रांसपोर्ट, स्वास्थ्य, आदि सम्बंधित सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करुंगी। महिलाओं से संबंधित ज़मीनी स्तर पर कमियां है उनपर गौर किया जाएगा। भदरवाह जैसे पिछड़े इलाकों में लड़कियों की पढाई के लिए आगे मौका बहुत काम मिलता है। गरीब तबके के लोग पढाई का इतना खर्च बर्दाश्त नहीं कर सकते इसलिए लड़कियों की पढाई के लिए स्कालरशिप दी जाएगी। महिलाओं की शिक्षा जरूरी है क्योंकि अगर एक घर में महिला शिक्षित हो तो पूरा वंश पढ़ा लिखा होगा। अन्य महिला प्रत्याशियों ने भी यही आवाज दोहराते हुए कहा कि महिलाएं अभी भी कई चीजों में पीछे हैं और वे हर मोर्चे पर महिला सशक्तिकरण के लिए संघर्ष करेंगी।

प्रासंगिक रूप से, 23.27 लाख से अधिक मतदाता जिनमें 11.76 लाख पुरुष मतदाता और 11.51 लाख महिला मतदाता और 60 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं, 18 सितम्बर को होने वाले जम्मू और कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दौरान अपने चुनावी मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। 5.66 लाख युवा मतदाता भी मतदान के पात्र हैं।
 

पहले के लिए अधिसूचना 20 अगस्त, 2024 को जारी की गई थी और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त दोपहर 3:00 बजे तक थी। नामांकन पत्रों की जांच 28 अगस्त को संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा की गई थी, जबकि उम्मीदवारों को रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में 30 अगस्त को दोपहर 3:00 बजे तक या उससे पहले अपना नामांकन पत्र वापस लेने के लिए कहा गया था।
 

महिला सशक्तीकरण और शिक्षा स्वास्थ्य में सुधार के कर रहीं दावे

अपने चुनावी वादों में महिला प्रत्याशी जम्मू-कश्मीर में अपनी आधी आबादी को लुभाने के लिए कई वादे कर रहीं हैं। इनमें सबसे पहली प्राथमिकता महिलाओं को सशक्त बनाना है। महिलाओं से संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के वादे किए जा रहे हैं। महिला उत्पीड़न के खिलाफ विशेष शिकायत सेल का गठन करने का वादा किया गया है।

शिक्षा, ट्रांसपोर्ट से संबंधित सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित करने की बाद कही जा रही है। भद्रवाह जैसे पिछड़े इलाकों में लड़कियों की पढ़ाई के लिए कदम उठाने और हर मोर्चे पर महिला सशक्तीकरण के लिए संघर्ष करने के वादे किए जा रहे हैं। सुरक्षा, विकास और बुनियादी ढांचे जैसे स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
 
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